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परीक्षा शुरू होने से पहले ही इंटर गणित का पेपर आउट
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 07 Apr 2017 11:50 PM IST
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शुक्रवार को यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट गणित द्वितीय प्रश्र पत्र का पेपर परीक्षा शुरू होने से पहले ही आउट हो गया। परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले ही लालगंज व संागीुपर इलाके में खुलेआम हल कापियां बिकने लगीं। बाजार में बिक रहीं हल कार्बन कापियों का संकेतांक 335 क्यूई था। लालगंज तहसील में परीक्षार्थियों को जो पर्चा दिया गया, वह भी इसी कोड का था। प्रश्रपत्र कैसे लीक हुआ, इसकी जानकारी करने का भरसक प्रयास किया गया, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। उधर, शिक्षा विभाग के अफसर पेपर आउट होने की बात से इनकार करते रहे।
नकलमाफियाओं के आगे जिला प्रशासन एक बार फिर बौना साबित हुआ है। अफसरों के सभी दावों को तार-तार करते हुए नकलमाफिया इंटरमीडिएट गणित द्वितीय प्रश्नपत्र का पेपर आउट करने में कामयाब रहे। शुक्रवार को द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट गणित द्वितीय प्रश्रपत्र की परीक्षा थी। परीक्षा प्रारंभ हाने से दो घंटे पहले ही हल प्रश्रपत्रों की प्रतियां लालगंज व सांगीपुर बाजार में बिकने लगीं। नकल माफियाओं के हाथों से होती हुईं हल प्रतियां परीक्षार्थियों के हाथों तक भी पहुंच गईं। परीक्षा देने के लिए एक-एक हजार रुपये में परीक्षार्थियों ने हल कॉपी खरीदी। बाजार में बिक रही हल कार्बन कापियों का संकेतांक 335 क्यूई था। जबकि लालगंज तहसील में परीक्षार्थियों को इसी कोड का पर्चा दिया गया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद नाम न छापने की शर्त पर परीक्षार्थियों ने बताया कि प्रश्रपत्र में आने वाले सवालों के उत्तर बाजार में मिली हल कापियों से हुबहू मिल रहे थे। प्रश्रपत्र की प्रतियां बाजार में मिलने की जानकारी पर प्रशासन व शिक्षा विभाग के हाथ-पांव फूल गए। आला अफसरों समेत कई सचल दल लालगंज व सांगीपुर इलाके में पड़ताल के लिए पहुंच गए। परीक्षा शुरू होने से पहले की कई सचल दल प्रभारियों ने इस क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर प्रश्नपत्रों बंद लिफाफों की जांच की, लेकिन प्रश्नपत्र कहां से आउट हुआ था, इसका सुराग नहीं लग सका। परीक्षा समाप्त होने तक अफसर लालगंज व संागीपुर इलाके में खाक छानते रहे, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकल सका।
पांच सौ से लेकर हजार रुपये तक में बिकीं प्रतियां
लालगंज। गणित द्वितीय प्रश्रपत्र के उत्तरों की हल प्रतियां को बेचकर नकल माफियाओं ने जमकर कमाई की। नकल माफिया दुकानों के साथ-साथ परीक्षा केंदा्रें पर भी सक्रिय रहे। हल उत्तर की प्रतियां खरीदने के लिए पांच सौ एक हजार रुपये तक की कीमत वसूली गई। तलाशी के दौरान भी शिक्षकों के हाथों में कार्बन कापी लगी। बताया जाता है कि जब से बोर्ड की परीक्षा शुरू हुई है तब से की गोपनीय तरीके से हल कापियां पहले ही परीक्षार्थियों तक पहुंच रही हैं। गौरतलब है कि इंटर के साइंस वर्ग के विषयों की अधिकांश प्रश्रपत्रों के ही आउट होने की बात सामने आ रही है।
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निरस्त हो सकती है कई केंद्रों की परीक्षा
लालगंज। प्रश्रपत्र आउट होने के कारण कई परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों का एक बार फिर से परीक्षा देनी होगी। बाजार में हल उत्तर की जो प्रतियां मिली हैं, उनका प्रश्रपत्रों से मिलान कराया जाएगा। इसके बाद जिले के ऐसे परीक्षा केंद्र जहां के प्रश्रपत्रों के सवाल इससे मिल जाएंगे उन केंद्रों की परीक्षा निरस्त हो सकती है। फिलहाल 335 क्यूई संकेतांक वाले प्रश्रपत्र के आउट होने की बात सामने आई है। अब यह जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से ही साफ हो सकेगा कि कितने परीक्षा केंदा्रें पर भेजे गए प्रश्रपत्रों के सवालों से हल प्रतियों के उत्तर मिल रहे हैं।
इंटर गणित का पर्चा आउट होने की बात गलत है। सचल दल की पांच टीमों के साथ मैं खुद लालगंज में मौजूद था। कहीं कोई पर्चा या ऐसा साक्ष्य नहीं मिला।
डा. ब्रजेश मिश्रा, डीआईओएस।
नकलमाफियाओं के आगे जिला प्रशासन एक बार फिर बौना साबित हुआ है। अफसरों के सभी दावों को तार-तार करते हुए नकलमाफिया इंटरमीडिएट गणित द्वितीय प्रश्नपत्र का पेपर आउट करने में कामयाब रहे। शुक्रवार को द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट गणित द्वितीय प्रश्रपत्र की परीक्षा थी। परीक्षा प्रारंभ हाने से दो घंटे पहले ही हल प्रश्रपत्रों की प्रतियां लालगंज व सांगीपुर बाजार में बिकने लगीं। नकल माफियाओं के हाथों से होती हुईं हल प्रतियां परीक्षार्थियों के हाथों तक भी पहुंच गईं। परीक्षा देने के लिए एक-एक हजार रुपये में परीक्षार्थियों ने हल कॉपी खरीदी। बाजार में बिक रही हल कार्बन कापियों का संकेतांक 335 क्यूई था। जबकि लालगंज तहसील में परीक्षार्थियों को इसी कोड का पर्चा दिया गया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद नाम न छापने की शर्त पर परीक्षार्थियों ने बताया कि प्रश्रपत्र में आने वाले सवालों के उत्तर बाजार में मिली हल कापियों से हुबहू मिल रहे थे। प्रश्रपत्र की प्रतियां बाजार में मिलने की जानकारी पर प्रशासन व शिक्षा विभाग के हाथ-पांव फूल गए। आला अफसरों समेत कई सचल दल लालगंज व सांगीपुर इलाके में पड़ताल के लिए पहुंच गए। परीक्षा शुरू होने से पहले की कई सचल दल प्रभारियों ने इस क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर प्रश्नपत्रों बंद लिफाफों की जांच की, लेकिन प्रश्नपत्र कहां से आउट हुआ था, इसका सुराग नहीं लग सका। परीक्षा समाप्त होने तक अफसर लालगंज व संागीपुर इलाके में खाक छानते रहे, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकल सका।
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पांच सौ से लेकर हजार रुपये तक में बिकीं प्रतियां
लालगंज। गणित द्वितीय प्रश्रपत्र के उत्तरों की हल प्रतियां को बेचकर नकल माफियाओं ने जमकर कमाई की। नकल माफिया दुकानों के साथ-साथ परीक्षा केंदा्रें पर भी सक्रिय रहे। हल उत्तर की प्रतियां खरीदने के लिए पांच सौ एक हजार रुपये तक की कीमत वसूली गई। तलाशी के दौरान भी शिक्षकों के हाथों में कार्बन कापी लगी। बताया जाता है कि जब से बोर्ड की परीक्षा शुरू हुई है तब से की गोपनीय तरीके से हल कापियां पहले ही परीक्षार्थियों तक पहुंच रही हैं। गौरतलब है कि इंटर के साइंस वर्ग के विषयों की अधिकांश प्रश्रपत्रों के ही आउट होने की बात सामने आ रही है।
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निरस्त हो सकती है कई केंद्रों की परीक्षा
लालगंज। प्रश्रपत्र आउट होने के कारण कई परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों का एक बार फिर से परीक्षा देनी होगी। बाजार में हल उत्तर की जो प्रतियां मिली हैं, उनका प्रश्रपत्रों से मिलान कराया जाएगा। इसके बाद जिले के ऐसे परीक्षा केंद्र जहां के प्रश्रपत्रों के सवाल इससे मिल जाएंगे उन केंद्रों की परीक्षा निरस्त हो सकती है। फिलहाल 335 क्यूई संकेतांक वाले प्रश्रपत्र के आउट होने की बात सामने आई है। अब यह जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से ही साफ हो सकेगा कि कितने परीक्षा केंदा्रें पर भेजे गए प्रश्रपत्रों के सवालों से हल प्रतियों के उत्तर मिल रहे हैं।
इंटर गणित का पर्चा आउट होने की बात गलत है। सचल दल की पांच टीमों के साथ मैं खुद लालगंज में मौजूद था। कहीं कोई पर्चा या ऐसा साक्ष्य नहीं मिला।
डा. ब्रजेश मिश्रा, डीआईओएस।