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विवाहिता को जलाकर मार डाला
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Mon, 20 Apr 2015 11:38 PM IST
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महेशगंज थाना क्षेत्र में रविवार रात विवाहिता को जलाकर मार डाला गया। इसके बाद ससुरालियों ने मायके वालों को फोन कर उसके आत्मदाह करने की सूचना दे दी। खबर मिलने पर देर रात पुलिस मौके पर पहुंची। मृतका के ससुर को हिरासत में लिया गया है। उधर, मायके पक्ष के लोगों ने तहरीर देकर पति समेत पांच लोगों पर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
महेशगंज थाना क्षेत्र के बहोरिकपुर गांव निवासी प्रमोद यादव की शादी 10 वर्ष पूर्व रीता देवी निवासी पूरे झाऊ से हुई थी। रविवार की देर रात प्रमोद ने अपने साले रमेश को फोन कर बताया कि तुम्हारी बहन ने आग लगाकर जान दे दी है। इस पर रमेश अपने साथ गांव के कुछ लोगों को लेकर बहन के घर पहुंचा। वहां ससुर को छोड़कर सभी फरार हो गए थे। मायके के लोगों ने देखा तो रीता एक कमरे में जली पड़ी थी। ना तो कमरे में कुछ जला था और ना ही कहीं कुछ जलने का निशान था। सूचना पर प्रभारी एसओ महेशगंज राधेश्याम सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच की। कमरा बाहर से बंद कर दिया गया था।
ऐसा लग रहा था कि विवाहिता को कहीं दूसरी जगह जलाकर यहां लाया गया है। रात अधिक होने के कारण कमरे को बंद करा दिया गया। सोमवार सुबह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर तहसीलदार कुंडा संतोष सिंह की मौजूदगी में पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों की मानें तो विवाहिता का पति प्रमोदसाथियों के कहने पर शराब के नशे में उसे पीटता था। उधर, विवाहिता केभाई रमेश यादव की तहरीर पर पति प्रमोद, जेठ विनोद, जेठानी व सास सुसर पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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युवती की मौत की जानकारी उसके दोनों बच्चों को नहीं है। पति के परदेस में होने के बाद रीता ही बच्चे अर्जुन (6) और सगुन (4) की देखभाल करती थी। सोमवार को जब उनसे उनकी मां के बारे में पूछा गया तो वह कहने लगे कि पता नहीं क्यों मम्मी दरवाजा क्यों नहीं खोल रही हैं। वह समझ नहीं पा रहे थे कि उनके दरवाजे पर भीड़ क्यों जुटी है। इधर घटना की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह और सीओ सदर रामजन्म भी गांव पहुंचे।
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महेशगंज थाना क्षेत्र के बहोरिकपुर गांव निवासी प्रमोद यादव की शादी 10 वर्ष पूर्व रीता देवी निवासी पूरे झाऊ से हुई थी। रविवार की देर रात प्रमोद ने अपने साले रमेश को फोन कर बताया कि तुम्हारी बहन ने आग लगाकर जान दे दी है। इस पर रमेश अपने साथ गांव के कुछ लोगों को लेकर बहन के घर पहुंचा। वहां ससुर को छोड़कर सभी फरार हो गए थे। मायके के लोगों ने देखा तो रीता एक कमरे में जली पड़ी थी। ना तो कमरे में कुछ जला था और ना ही कहीं कुछ जलने का निशान था। सूचना पर प्रभारी एसओ महेशगंज राधेश्याम सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच की। कमरा बाहर से बंद कर दिया गया था।
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ऐसा लग रहा था कि विवाहिता को कहीं दूसरी जगह जलाकर यहां लाया गया है। रात अधिक होने के कारण कमरे को बंद करा दिया गया। सोमवार सुबह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर तहसीलदार कुंडा संतोष सिंह की मौजूदगी में पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों की मानें तो विवाहिता का पति प्रमोदसाथियों के कहने पर शराब के नशे में उसे पीटता था। उधर, विवाहिता केभाई रमेश यादव की तहरीर पर पति प्रमोद, जेठ विनोद, जेठानी व सास सुसर पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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युवती की मौत की जानकारी उसके दोनों बच्चों को नहीं है। पति के परदेस में होने के बाद रीता ही बच्चे अर्जुन (6) और सगुन (4) की देखभाल करती थी। सोमवार को जब उनसे उनकी मां के बारे में पूछा गया तो वह कहने लगे कि पता नहीं क्यों मम्मी दरवाजा क्यों नहीं खोल रही हैं। वह समझ नहीं पा रहे थे कि उनके दरवाजे पर भीड़ क्यों जुटी है। इधर घटना की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह और सीओ सदर रामजन्म भी गांव पहुंचे।