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गैस रिसाव से विद्यालय के किचन में लगी आग
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 25 Jan 2017 11:58 PM IST
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नोएडा में आग में खाक एक्सपोर्ट कंपनी
- फोटो : ANI
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मंगरौरा क्षेत्र स्थित जूनियर हाईस्कूल परशुरामपुर में बुधवार को गैस रिसाव होने से किचन में आग लग गई। शिक्षकों व बच्चों ने गैस पाइप पर मिट्टी फेंककर आग पर काबू पाया। हालांकि हादसे में किचन में मौजूद रसोइया का हाथ झुलस गया, लेकिन बच्चों की सक्रियता से समय रहते बड़ा हादसा होने से टल गया।
कोहड़ौर थाना क्षेत्र के जूनियर हाईस्कूल परशुरामपुर के किचन में बुधवार को रसोइया सीता देवी खाना बना रही थी। इसी बीच सिलेंडर की पाइप से गैस रिसाव होने लगा। तभी आग की लपट गैस की पाइप तक पहुंच गई। जिससे किचन में तेज लपटें उठने लगी। रसोइया घबराकर चीखने लगी। शोर सुन बच्चे व शिक्षक के साथ स्थानीय लोग वहां पहुंच गए। लोगों ने तुरंत पाइप पर मिट्टी फेंककर आग पर काबू पा लिया। हालांकि आग रसोइया की साड़ी को पकड़ लिया था।
जिसे बुझाने में रसोइयां का हाथ झुलस गया। उसे प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जिसकी शिकायत रसोइया ने शिक्षकों से की थी। उसके बाद लापरवाही बरती जा रही थी। जिससे चलते बुधवार को एक बड़ा होने से टल गया। समय रहते बच्चों व आस पास लोगों ने सक्रियता न दिखाई होती तो स्कूल में पढ़ रहे दर्जनभर से अधिक बच्चे हादसे के शिकार हो जाते। यही नहीं खाना बना रही रसोइयां के साथ भी बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि प्रधानाध्यापक गौरीशंकर तिवारी ने बताया कि रसोइयां ने उन्हें पाइप लिकेज की जानकारी नहीं दी थी।
कोहड़ौर थाना क्षेत्र के जूनियर हाईस्कूल परशुरामपुर के किचन में बुधवार को रसोइया सीता देवी खाना बना रही थी। इसी बीच सिलेंडर की पाइप से गैस रिसाव होने लगा। तभी आग की लपट गैस की पाइप तक पहुंच गई। जिससे किचन में तेज लपटें उठने लगी। रसोइया घबराकर चीखने लगी। शोर सुन बच्चे व शिक्षक के साथ स्थानीय लोग वहां पहुंच गए। लोगों ने तुरंत पाइप पर मिट्टी फेंककर आग पर काबू पा लिया। हालांकि आग रसोइया की साड़ी को पकड़ लिया था।
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जिसे बुझाने में रसोइयां का हाथ झुलस गया। उसे प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जिसकी शिकायत रसोइया ने शिक्षकों से की थी। उसके बाद लापरवाही बरती जा रही थी। जिससे चलते बुधवार को एक बड़ा होने से टल गया। समय रहते बच्चों व आस पास लोगों ने सक्रियता न दिखाई होती तो स्कूल में पढ़ रहे दर्जनभर से अधिक बच्चे हादसे के शिकार हो जाते। यही नहीं खाना बना रही रसोइयां के साथ भी बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि प्रधानाध्यापक गौरीशंकर तिवारी ने बताया कि रसोइयां ने उन्हें पाइप लिकेज की जानकारी नहीं दी थी।
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