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भाड़े के शूटरों ने वारदात को दिया अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 18 Aug 2015 11:21 PM IST
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धारूपुर के प्रधानपति शब्बीर की हत्या भाड़े के शूटरों ने की। वारदात के दौरान हत्यारों के चेहरे खुले हुए थे, लेकिन बाजार के लोग किसी को भी पहचान नहीं सके। हत्यारे कई दिनों से रेकी भी कर रहे थे। मंगलवार को उन्हें मौका मिल गया। प्रधानपति शब्बीर के करीबियों के मुताबिक, वह अक्सर सुबह घर के करीब बाजार आ जाते थे। बाजार में उनकी सीमेंट-बालू की दुकान है।
निशा की दुकान पर चाय पीने के साथ ही वह अक्सर गांव के मामलों को लेकर चर्चा करते थे। बाजार के लोगों की मानें तो कई दिनों से कुछ संदिग्ध लोग सुबह शाम दिखाई भी पड़ रहे थे। बाइक सवार अनजान चेहरे वाले लोग बाजार में रुकते और चाय पीने के साथ वक्त गुजारते थे, लेकिन उनकी मंशा कोई समझ न सका। मंगलवार को घटना के बाद लोग ऐसी चर्चा करते रहे। लालगंज सीओ सीताराम भी मान रहे हैं कि हत्या भाड़े के शूटरों ने की है। वे कई दिनों से प्रधानपति की रेकी कर रहे थे और मंगलवार को मौका मिलने के बाद उन्हें गोलियों से भून डाला।
शब्बीर की हत्या से आक्रोशित दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंदकर विरोध जताया। हत्या की खबर मिलते ही गांव के साथ ही आसपास के गांवों के लोगों का आना शुरू हो गया। आला अधिकारियों के पहुंचने के पहले ही दो हजार से अधिक लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। इससे अधिकारी परेशान दिखे। हर कोई सरेआम बाजार में प्रधानपति की हत्या से आक्रोशित दिखा।
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लालगंज कोतवाली में प्रधानपति का शव लेकर पुलिस व परिजन पहुंचे। यहां पुलिस अधीक्षक और एडीएम के सामने परिजन मांग करने लगे कि बेटे आजाद की शस्त्र लाइसेंस पत्रावली जिलाधिकारी के पास लंबित है। प्रधानपति की हत्या के बाद परिवार के लोगों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है। वे आजाद को शस्त्र लाइसेंस जारी करने की मांग करने लगे। एडीएम ने परिजनों को लिखित आश्वासन दिया कि उसका शस्त्र लाइसेंस बनाया जाएगा। इसके बाद परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर राजी हुए। सांगीपुर एसओ सभाजीत मिश्रा और तहसीलदार को शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा गया।
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निशा की दुकान पर चाय पीने के साथ ही वह अक्सर गांव के मामलों को लेकर चर्चा करते थे। बाजार के लोगों की मानें तो कई दिनों से कुछ संदिग्ध लोग सुबह शाम दिखाई भी पड़ रहे थे। बाइक सवार अनजान चेहरे वाले लोग बाजार में रुकते और चाय पीने के साथ वक्त गुजारते थे, लेकिन उनकी मंशा कोई समझ न सका। मंगलवार को घटना के बाद लोग ऐसी चर्चा करते रहे। लालगंज सीओ सीताराम भी मान रहे हैं कि हत्या भाड़े के शूटरों ने की है। वे कई दिनों से प्रधानपति की रेकी कर रहे थे और मंगलवार को मौका मिलने के बाद उन्हें गोलियों से भून डाला।
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शब्बीर की हत्या से आक्रोशित दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंदकर विरोध जताया। हत्या की खबर मिलते ही गांव के साथ ही आसपास के गांवों के लोगों का आना शुरू हो गया। आला अधिकारियों के पहुंचने के पहले ही दो हजार से अधिक लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। इससे अधिकारी परेशान दिखे। हर कोई सरेआम बाजार में प्रधानपति की हत्या से आक्रोशित दिखा।
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लालगंज कोतवाली में प्रधानपति का शव लेकर पुलिस व परिजन पहुंचे। यहां पुलिस अधीक्षक और एडीएम के सामने परिजन मांग करने लगे कि बेटे आजाद की शस्त्र लाइसेंस पत्रावली जिलाधिकारी के पास लंबित है। प्रधानपति की हत्या के बाद परिवार के लोगों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है। वे आजाद को शस्त्र लाइसेंस जारी करने की मांग करने लगे। एडीएम ने परिजनों को लिखित आश्वासन दिया कि उसका शस्त्र लाइसेंस बनाया जाएगा। इसके बाद परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर राजी हुए। सांगीपुर एसओ सभाजीत मिश्रा और तहसीलदार को शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा गया।