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पुलिस की मुखबिरी ने ली सपा नेता की जान
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 18 Feb 2016 11:31 PM IST
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पुलिस की मुखबिरी करना ही सपा नेता को भारी पड़ गया। पांच दिन पहले प्रतिबंधित जानवरों के मांस के साथ आरोपी इमरान का पिता अंसार पुलिस के हत्थे चढ़ा था। इस मामले में मुखबिर करने में इद्रीश का नाम सामने आया था। तभी से इमरान ने बदला लेने की ठानी थी और वह मौके की तलाश में था। बुधवार रात मौका मिलते ही उसने दोस्तों के साथ मिलकर इद्रीश को गोलियों से छलनी कर दिया। पुलिस भी छानबीन के बाद घटना की यही वजह मान रही है।
डीहमेंहदी गांव में पांच दिन पहले लालगंज पुलिस ने प्रतिबंधित मांस के साथ अंसार समेत तीन लोगों को धर दबोचा था। जबकि तीन लोग पुलिस को देख भाग निकले। इस मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की कार्रवाई किसके इशारे पर हुई। इसकी खोज खबर अंसार के परिवार वाले लगाने लगे। चर्चा है कि लालगंज पुलिस ने प्रतिबंधित मांस बरामद कराने वाले मुखबिर के नाम की गोपनीयता भंग कर दी। जिसकी भनक अंसार के बेटे इमरान को लगी।
इसके बाद उसने इस खबर को अपने तरीके से पुष्ट भी किया। पुलिस के मुखबिर की बदौलत पिता व परिवार के लोगों को जेल जाने को लेकर उसने बदला लेने की ठान ली। इसलिए उसने प्लानिंग के तहत इद्रीश को धोखे से बुलाकर गोली मार दी। अब सवाल यह उठता है कि पुलिस को इद्रीश ने यदि सूचना दी थी तो उसका नाम गोपनीय क्यों नहीं रखा गया। हालांकि पुलिस इस तरह की बातों को निराधार बता रही है।
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डीहमेंहदी गांव में पांच दिन पहले लालगंज पुलिस ने प्रतिबंधित मांस के साथ अंसार समेत तीन लोगों को धर दबोचा था। जबकि तीन लोग पुलिस को देख भाग निकले। इस मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की कार्रवाई किसके इशारे पर हुई। इसकी खोज खबर अंसार के परिवार वाले लगाने लगे। चर्चा है कि लालगंज पुलिस ने प्रतिबंधित मांस बरामद कराने वाले मुखबिर के नाम की गोपनीयता भंग कर दी। जिसकी भनक अंसार के बेटे इमरान को लगी।
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इसके बाद उसने इस खबर को अपने तरीके से पुष्ट भी किया। पुलिस के मुखबिर की बदौलत पिता व परिवार के लोगों को जेल जाने को लेकर उसने बदला लेने की ठान ली। इसलिए उसने प्लानिंग के तहत इद्रीश को धोखे से बुलाकर गोली मार दी। अब सवाल यह उठता है कि पुलिस को इद्रीश ने यदि सूचना दी थी तो उसका नाम गोपनीय क्यों नहीं रखा गया। हालांकि पुलिस इस तरह की बातों को निराधार बता रही है।
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