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असली के नाम पर पिलाई जा रही नकली शराब

Sun, 14 Feb 2016 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Sun, 14 Feb 2016 11:18 PM IST
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शराब का जाम छलकाने वालों के साथ धोखा हो रहा है। अधिकांश शराब की दुकानों पर असली की जगह नकली शराब बिक रही है। ग्राहक दुकानों पर मिलने वाली शराब को असली मानकर पी भी रहे हैं। महेशगंज के आजादनगर में मिली अवैध शराब फैक्ट्री की शराब भी दुकानों पर मिलने की खबर है। इस तरह की तमाम छोटी फैक्ट्रियां शराब माफिया दूसरे जनपदों में भी संचालित कर रखे हैं। इस अवैध कारोबार में शराब माफिया का साथ आबकारी विभाग दे रहा है। तभी तो दुकानों पर बिकने वाली शराब की जांच करना भी विभाग के लोग मुनासिब नहीं समझते।
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हरियाणा व राजस्थान में शराब का टैक्स कम होने के कारण शराब माफिया अभी तक मुनाफा कमाने के लिए चोरी चुपके वहां से शराब जनपद में लाकर बेचते रहे। शराब की अच्छी खपत होती देख शराब माफिया अधिक मुनाफे के लिए नकली शराब बनाने लगे। जिले के आजाद नगर में मिली अवैध शराब की फैक्ट्री से असली अंग्रेजी व देशी शराब के होलोग्राम के साथ ही रैपर मिले थे। पुलिस के पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि हर दिन चार ट्रक शराब बाजार में बिकने के लिए जाती थी। यह शराब लाइसेंसी दुकानों पर भी खूब बिकती है। शहर के एक माडल शाप में भी हरियाणा की बियर बिकते हुए मिली थी। आजाद नगर में मिली अवैध शराब की फैक्ट्री के सिलसिले में एक निरीक्षक समेत पांच सिपाही आबकारी विभाग के सस्पेंड किए जा चुके हैं। पुलिस विभाग के दरोगा व कोतवाल पर भी कार्रवाई हो चुकी है।
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देवरखा के ग्रामीणों ने पूछताछ में बताया कि रात में अवैध शराब के कारोबारी लग्जरी वाहनों से आते थे। उनके साथ असलहाधारी भी हुआ करते थे। रात में ही वाहनों से अवैध शराब उतारकर मकान में रखवाई जाती थी और रात में ही लग्जरी वाहनों पर लादकर सप्लाई की जाती थी। हालांकि गांव के लोग उसे शराब के बजाय दवा समझते थे।
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देवरखा के जिन बंद मकानों में अवैध शराब बरामद हुई, उनके मालिकों के मिलने के बाद ही पुलिस शराब के कारोबारियों तक पहुंच सकती है। चूंकि दोनों घरों में ताला बंद था। वहां कोई भी नहीं मिला। पूछताछ के दौरान भी ग्रामीण उन लोगों की बाबत कुछ भी बताने से कतराते रहे। पुलिस का मानना है कि लाखों की बरामद शराब का राज गृहस्वामियों के मिलने के बाद ही खुल सकेगा।


आसपुर देवसरा के देवरखा में 60 लाख की अवैध शराब बरामदगी के मामले में पुलिस ने पड़ताल शुरू की। पुलिस सूत्रों की मानें तो अवैध शराब के कारोबार में इलाके के एक प्रभावशाली व्यक्ति का नाम सामने भी आया, लेकिन पुलिस उस पर हाथ डालने से कतराने लगी। चूंकि सत्ता दल के कई लोगों का उस पर हाथ है। उसके खिलाफ अभी पुलिस के पास ठोस साक्ष्य भी नहीं है। ऐसे में पुलिस उस प्रभावशाली के खिलाफ साक्ष्य खोजने की बात कह रही है। जबकि चर्चा यह है कि पुलिस मामले में प्रभावशाली का नाम सामने आता देख खेल करने में लग गई है।
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