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जिला प्रशासन को अब आई शस्त्र लाइसेंस देने की याद
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sat, 13 Jun 2015 11:38 PM IST
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शहर के सदर बाजार निवासी व्यापारी नेता महादेव केसरवानी पर जानलेवा हमले के बाद जिला प्रशासन को परिवार के लोगों को शस्त्र लाइसेंस देने की याद आई है। जिलाधिकारी के आदेश पर शनिवार को फायरिंग कराने के लिए आरआई (रिजर्व इंस्पेक्टर) व्यापारी नेता के पुत्र सुमित केसरवानी को लेकर इलाहाबाद गए। वहां देर शाम तक डीआईजी के निर्देश पर रिश्तेदार के लाइसेंसी असलहे से फायर कराने की कवायद चलती रही।
करीब आठ माह से व्यापारी नेता महादेव केसरवानी के पुत्र अमित केसरवानी से नैनी जेल में निरुद्ध शातिर अपराधी विकास सिंह रंगदारी मांग रहा था, लेकिन अमित ने रुपये देने से इनकार कर दिया था। 20 मार्च 2015 को अमित पर हमला कर भागे बदमाश हातिम को लोगों ने दबोचकर इस कदर पीटा कि उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद से व्यापारी महादेव ने स्वयं और अपने पुत्र सुमित के लिए शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट लगाकर लाइसेंस की संस्तुति के लिए जिला प्रशासन को पत्रावली भेज दी। जिलाधिकारी ने फायरिंग टेस्ट न कराने का हवाला देते हुए उसे लौटा दिया था।
इसके लिए महादेव आईजी, डीआईजी से मिले थे। व्यापारी नेता महादेव पर जानलेवा हमले के बाद जिला प्रशासन ने व्यापारी के परिवार के लोगों को शस्त्र लाइसेंस देने की प्रक्रिया तेज कर दी। शनिवार को जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने पुलिस लाइन के आरआई को सुमित के साथ इलाहाबाद भेजा। वहां डीआईजी से मिलने के बाद सुमित के फायर टेस्ट को लेकर कवायद शुरू हो गई। देर शाम तक फायरिंग जोन में यह तय हुआ कि महादेव के रिश्तेदार के लाइसेंसी असलहे से फायर कराकर टेस्ट लिया जाए। हालांकि इसके लिए देर शाम तक अधिकारियों के बीच मंथन होता रहा।
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करीब आठ माह से व्यापारी नेता महादेव केसरवानी के पुत्र अमित केसरवानी से नैनी जेल में निरुद्ध शातिर अपराधी विकास सिंह रंगदारी मांग रहा था, लेकिन अमित ने रुपये देने से इनकार कर दिया था। 20 मार्च 2015 को अमित पर हमला कर भागे बदमाश हातिम को लोगों ने दबोचकर इस कदर पीटा कि उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद से व्यापारी महादेव ने स्वयं और अपने पुत्र सुमित के लिए शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट लगाकर लाइसेंस की संस्तुति के लिए जिला प्रशासन को पत्रावली भेज दी। जिलाधिकारी ने फायरिंग टेस्ट न कराने का हवाला देते हुए उसे लौटा दिया था।
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इसके लिए महादेव आईजी, डीआईजी से मिले थे। व्यापारी नेता महादेव पर जानलेवा हमले के बाद जिला प्रशासन ने व्यापारी के परिवार के लोगों को शस्त्र लाइसेंस देने की प्रक्रिया तेज कर दी। शनिवार को जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने पुलिस लाइन के आरआई को सुमित के साथ इलाहाबाद भेजा। वहां डीआईजी से मिलने के बाद सुमित के फायर टेस्ट को लेकर कवायद शुरू हो गई। देर शाम तक फायरिंग जोन में यह तय हुआ कि महादेव के रिश्तेदार के लाइसेंसी असलहे से फायर कराकर टेस्ट लिया जाए। हालांकि इसके लिए देर शाम तक अधिकारियों के बीच मंथन होता रहा।
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