{"_id":"229ea15ee642a615cdbdae455f8de124","slug":"crime-in-lalganj-2-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाकी का खौफ खत्म","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खाकी का खौफ खत्म
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 05 Jul 2015 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में खाकी का खौफ बदमाशों से ही नहीं उतर रहा, बल्कि अब तो आम लोग भी उससे बेखौफ होते दिख रहे हैं। कुंभापुर के बाद गाबी महुआबन में पुलिस की मौजूदगी में जिस तरह उपद्रवियों ने तांडव मचाया इससे साफ लगता है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी केवल बैकफुट पर ही रहे। उपद्रवी बवाल करते रहे और पुलिस उनकी हरकत को मौन रहकर देखती रही।
बतादें कि शनिवार को गाबी महुआबन की घटना के बाद से ही लोग बड़े बवाल की आशंका जता रहे थे।
अधिकारियों तक बात पहुंची तो कोतवाल को सक्रियता बरतने का निर्देश भी मिला था, लेकिन वही हुआ जिसका आला अधिकारियों को भय था। प्रभारी कोतवाल सभाजीत मिश्र व चौकी प्रभारी की मौजूदगी में जिस तरह उपद्रवियों ने बस्ती में आग लगाई और तोड़फोड़ करते रहे, इससे साफ लगता है कि पुलिस केवल खानापूर्ति कर रही थी। यदि पुलिस बवालियों के मंसूबों को ध्वस्त करने की कोशिश की होती तो शायद बेगुनाहों के घर जलने से बच जाते। गौरतलब है कि हाल ही में सांगीपुर के कुंभापुर में प्रधान के घर कोटेदार की मौत के बाद उपद्रवियों ने ऐसा ही तांडव मचाया था। पुलिस की मौजूदगी में बवालियों ने प्रधान के घर में आग लगाकर लोगों को जिंदा जलाने की कोशिश की थी। पुलिस को उपद्रवी करीब फटकने तक नहीं दे रहे थे। यह घटना अभी लोगों के जेहन से नहीं निकली थी कि रविवार को फिर इसी तरह की घटना दुहरा दी गई। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना से खाकी का खौफ कम होता जा रहा है।
विज्ञापन
बतादें कि शनिवार को गाबी महुआबन की घटना के बाद से ही लोग बड़े बवाल की आशंका जता रहे थे।
अधिकारियों तक बात पहुंची तो कोतवाल को सक्रियता बरतने का निर्देश भी मिला था, लेकिन वही हुआ जिसका आला अधिकारियों को भय था। प्रभारी कोतवाल सभाजीत मिश्र व चौकी प्रभारी की मौजूदगी में जिस तरह उपद्रवियों ने बस्ती में आग लगाई और तोड़फोड़ करते रहे, इससे साफ लगता है कि पुलिस केवल खानापूर्ति कर रही थी। यदि पुलिस बवालियों के मंसूबों को ध्वस्त करने की कोशिश की होती तो शायद बेगुनाहों के घर जलने से बच जाते। गौरतलब है कि हाल ही में सांगीपुर के कुंभापुर में प्रधान के घर कोटेदार की मौत के बाद उपद्रवियों ने ऐसा ही तांडव मचाया था। पुलिस की मौजूदगी में बवालियों ने प्रधान के घर में आग लगाकर लोगों को जिंदा जलाने की कोशिश की थी। पुलिस को उपद्रवी करीब फटकने तक नहीं दे रहे थे। यह घटना अभी लोगों के जेहन से नहीं निकली थी कि रविवार को फिर इसी तरह की घटना दुहरा दी गई। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना से खाकी का खौफ कम होता जा रहा है।
विज्ञापन