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हादसे में बाल विकास विभाग के कर्मचारी की मौत
Thu, 10 Jan 2019 12:55 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 10 Jan 2019 12:55 AM IST
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अशोक कुमार पांडेय
- फोटो : प्रतापगढ़।
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बाल विकास विभाग के कर्मचारी की हादसे में मौत हो गई। घटना के बाद वाहन लेकर चालक भाग निकला। खबर मिलने पर घर में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों की मदद से शव को मर्चरी भेजा।
जेठवारा थाना क्षेत्र के पुतईपुर निवासी अशोक कुमार पांडेय (38) अपने पिता मुकुंदनारायण पांडेय के निधन के बाद बाल पुष्टाहार विभाग में नौकरी कर रहे थे। वह मौजूदा समय में सीडीपीओ कार्यालय सदर में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत थे। मंगलवार की रात करीब नौ बजे पत्नी विनीता से खाना बनाने के लिए बोलकर घर से निकले थे। कटरा रोड पर वह जा रहे थे। बड़नपुर के पास अज्ञात वाहन ने स्कूटी में टक्कर मार दिया। जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के काफी देर बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी।
इस बीच देर होता देख पत्नी विनीता उनके मोबाइल पर काल करने लगी लेकिन मोबाइल बंद बता रहा था। कुछ देर में मौके पर पहुंची पुलिस छानबीन कर परिवार के लोगों को घटना की जानकारी दी। रोते बिलखते परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्चरी भेज दिया। घटना की जानकारी मिलने पर विभागीय अधिकारी व कर्मचारी अस्पताल पहुंच गए। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन शव लेकर घर रवाना हुए। शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया।
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बच्चों के सिर से छिन गया सहारा
पिता की मौत के बाद सरकारी नौकरी अशोक को मिली थी। चूंकि दूसरा भाई दीपक उससे छोटा था। अशोक अपने परिवार के साथ शहर के शिवजीपुरम में रहता था। उसके मौत की खबर मिलते ही बेटा आदर्श व बेटी अंशिया रोने बिलखने लगीं।
झांसी से दो माह हुआ था तबादला
जिले के संडवाचंद्रिका सीडीपीओ कार्यालय में तैनात अशोक का तबादला झांसी हो गया था। दो माह पहले ही स्थानांतरित होकर लौटे थे। उन्हें सीडीपीओ कार्यालय सदर में तैनात किया गया था।
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जेठवारा थाना क्षेत्र के पुतईपुर निवासी अशोक कुमार पांडेय (38) अपने पिता मुकुंदनारायण पांडेय के निधन के बाद बाल पुष्टाहार विभाग में नौकरी कर रहे थे। वह मौजूदा समय में सीडीपीओ कार्यालय सदर में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत थे। मंगलवार की रात करीब नौ बजे पत्नी विनीता से खाना बनाने के लिए बोलकर घर से निकले थे। कटरा रोड पर वह जा रहे थे। बड़नपुर के पास अज्ञात वाहन ने स्कूटी में टक्कर मार दिया। जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के काफी देर बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी।
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इस बीच देर होता देख पत्नी विनीता उनके मोबाइल पर काल करने लगी लेकिन मोबाइल बंद बता रहा था। कुछ देर में मौके पर पहुंची पुलिस छानबीन कर परिवार के लोगों को घटना की जानकारी दी। रोते बिलखते परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्चरी भेज दिया। घटना की जानकारी मिलने पर विभागीय अधिकारी व कर्मचारी अस्पताल पहुंच गए। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन शव लेकर घर रवाना हुए। शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया।
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बच्चों के सिर से छिन गया सहारा
पिता की मौत के बाद सरकारी नौकरी अशोक को मिली थी। चूंकि दूसरा भाई दीपक उससे छोटा था। अशोक अपने परिवार के साथ शहर के शिवजीपुरम में रहता था। उसके मौत की खबर मिलते ही बेटा आदर्श व बेटी अंशिया रोने बिलखने लगीं।
झांसी से दो माह हुआ था तबादला
जिले के संडवाचंद्रिका सीडीपीओ कार्यालय में तैनात अशोक का तबादला झांसी हो गया था। दो माह पहले ही स्थानांतरित होकर लौटे थे। उन्हें सीडीपीओ कार्यालय सदर में तैनात किया गया था।