फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   BSA continues to scowge for a year, not closed school

सालभर बरगलाते रहे बीएसए, नहीं बंद हुए अवैध स्कूल

Mon, 19 Mar 2018 12:14 AM IST
प्रतापगढ़ ब्यूरो
प्रतापगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 19 Mar 2018 12:14 AM IST
विज्ञापन
जिले के अवैध स्कूलों पर अफसर मेहरबान हैं। पूरे शिक्षासत्र में बीएसए जिले में चिह्नित किए गए 527 स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर जिला प्रशासन के अफसरों को बरगलाते रहे, मगर एक भी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। अफसरों की इस लापरवाही के चलते नए सत्र के लिए गली-गली अवैध स्कूलों के खुलने का सिलसिला एक बार फिर प्रारंभ हो गया है।
विज्ञापन


बेसिक शिक्षा विभाग ने चालू शिक्षासत्र में जिले में बगैर मान्यता के चलने वाले कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों की अभियान चलाकर जांच कराई। खंड शिक्षा अधिकारियों की जांच में खुलासा हुआ कि जिले में 527 स्कूल ऐसे हैं, जो बगैर मान्यता के चल रहे हैं। जबकि इंटरकॉलेजों की संख्या लगभग दो गुनी होगी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अवैध स्कूलों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक लाख रुपये जुर्माना वसूलकर बंद कराने को कहा गया है।
विज्ञापन


मगर आश्चर्य की बात तो यह रही कि अधिकारी अवैध स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कभी नोटिस देते, तो कभी एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देते रहे, मगर किसी भी स्कूल से न तो जुर्माना वसूला गया और न ही प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पूरे शिक्षासत्र लुका-छुपी का खेल चलता रहा। जिस स्कूल के खिलाफ शिकायत भी आई, उसे नोटिस थमा कर विभाग ने चुप्पी साध ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


अफसरों की लापरवाही का नतीजा है कि एक अप्रैल से प्रारंभ होने वाले नए शिक्षासत्र के लिए फिर से गली-गली स्कूल खुल रहे हैं। शहर में गुजरने वाले अधिकारी देखने के बाद भी अनदेखी करके चलते बनते हैं। इससे शहर से लेकर गांव तक अवैध स्कूलों की बाढ़ सी आ गई है। मगर विभागीय अधिकारी कोई भी कदम उठाने से कतरा रहे हैं।

बीईओ से बीएसए कार्यालय तक सेटिंग
अवैध स्कूल संचालकों ने स्थानीय खंड शिक्षा अधिकारियों से लेकर बीएसए कार्यालय तक सेटिंग कर रखी है। इसीलिए अवैध स्कूलों को चिह्नित करने में भी जमकर खेल हुआ है। शिक्षक नेताओं के करीबियों के स्कूलों का नाम अवैध स्कूलों की सूची में नहीं डाला गया है। बीएसए जब कभी कार्रवाई की तैयारी करते हैं, तो वह उन पर नेताओं का ऐसा दबाव बनवाते हैं कि वह चुप्पी साधकर बैठ जाते हैं।


जिले के 527 अवैध स्कूलों को बंद करने के लिए नोटिस दिया जा चुका है। मगर बंद कराने की कार्रवाई तब तक संभव नहीं है, जब तक प्रशासन और पुलिस का सहयोग नहीं मिलेगा। नए शिक्षासत्र में ऐेसे स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
बीएन सिंह, बीएसए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed