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किशोर को नदी में फेंका, मौत
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 28 Jul 2017 11:27 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
- फोटो : pratapgarah
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सांगीपुर इलाके में दो दिन पहले सई नदी में मिले किशोर के शव की शिनाख्त हो गई है। आरोप है कि संपत्ति से हिस्सा न देने के लिए बाबा और चाचा ने ही उसे मार डाला। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर घर जा रहे परिजनों व ग्रामीणाें ने रोड पर जाम लगा दिया। इससे करीब दो घंटे आवागमन ठप रहा। पुलिस के आरोपियों पर केस दर्ज किए जाने के आश्वासन के बाद ग्रामीण जाम हटाने के लिए तैयार हुए।
लालगंज के ढिंगवस अमलिहन निवासी रामसुंदर सरोज ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि रोहित सरोज (14) उसकी बेटी का पुत्र था। उसकी बेटी पार्वती की शादी लालगंज कोतवाली के अझारा गांव निवासी रामदेव सरोज पुत्र रामबोध सरोज के साथ हुई थी। रामदेव की मौत के बाद रोहित उनके घर पर ही रहता था। बाबा रामबोध सरोेज व चाचा रामसिंह सरोज ने माह भर पहले उसे बुला लिया। उसका दाखिला भी लालगंज इलाके के एक स्कूल में कराया गया। आरोप है कि संपत्ति में से रोहित का हिस्सा हड़पने के लिए उसके बाबा व चाचा ने पत्नियाें के साथ मिलकर रोहित को सई नदी किनारे ले जाकर पानी में फेंक दिया। बुधवार की शाम सांगीपुर के पिचूरा गांव में सई नदी पर बने पुल के नीचे से पुलिस ने उसका शव बरामद किया था। शिनाख्त नहीं होने पर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। गुरुवार की रात रामसुंदर को जानकारी हुई तो अस्पताल पहुंचकर उसने शव की शिनाख्त रोहित के रूप में की। शिनाख्त के बाद शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि किशोर की मौत पानी में डूबने से हुई थी। शुक्रवार को शाम पोस्टमार्टम के बाद किशोर का शव लेकर घर जा रहे परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। परिजनाें व ग्रामीणाें ने शव रखकर जलेशरगंज-लालगंज मार्ग पर जाम लगा दिया। उनकी की मांग थी कि आरोपी किशोर की हत्या के नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उनकी गिरफ्तारी की जाए। जाम की सूचना मिलते ही इलाकाई पुलिस भागकर मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनाें का आश्वासन दिया कि मुकदमा दर्ज कर शीघ्र आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। लेकिन इसके बाद भी ग्रामीण जाम हटाने के लिए तैयार नही थे। जाम की सूचना पर एसडीएम अभय पांडेय व सीओ रमाकंात यादव भी पहुंचे। अफसरों के आश्वासन पर भी ग्रामीण रोड पर से शव हटाने के लिए तैयार नहीं हुए। सीओ ने परिजनों से तहरीर लेकर सांगीपुर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद किसी तरह मान मनौव्वल के बाद परिजन शव रोड से हटाने के लिए तैयार हुए। इससे करीब दो घंटे बाद लालगंज-जलेशरगंज रोड पर आवागमन बहाल हो सका। सीओ का कहना है कि तहरीर के मुताबिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सांगीपुर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। आरोपी शीघ्र पुलिस की गिरफ्त में आ जाएंगे।
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लालगंज के ढिंगवस अमलिहन निवासी रामसुंदर सरोज ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि रोहित सरोज (14) उसकी बेटी का पुत्र था। उसकी बेटी पार्वती की शादी लालगंज कोतवाली के अझारा गांव निवासी रामदेव सरोज पुत्र रामबोध सरोज के साथ हुई थी। रामदेव की मौत के बाद रोहित उनके घर पर ही रहता था। बाबा रामबोध सरोेज व चाचा रामसिंह सरोज ने माह भर पहले उसे बुला लिया। उसका दाखिला भी लालगंज इलाके के एक स्कूल में कराया गया। आरोप है कि संपत्ति में से रोहित का हिस्सा हड़पने के लिए उसके बाबा व चाचा ने पत्नियाें के साथ मिलकर रोहित को सई नदी किनारे ले जाकर पानी में फेंक दिया। बुधवार की शाम सांगीपुर के पिचूरा गांव में सई नदी पर बने पुल के नीचे से पुलिस ने उसका शव बरामद किया था। शिनाख्त नहीं होने पर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। गुरुवार की रात रामसुंदर को जानकारी हुई तो अस्पताल पहुंचकर उसने शव की शिनाख्त रोहित के रूप में की। शिनाख्त के बाद शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि किशोर की मौत पानी में डूबने से हुई थी। शुक्रवार को शाम पोस्टमार्टम के बाद किशोर का शव लेकर घर जा रहे परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। परिजनाें व ग्रामीणाें ने शव रखकर जलेशरगंज-लालगंज मार्ग पर जाम लगा दिया। उनकी की मांग थी कि आरोपी किशोर की हत्या के नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उनकी गिरफ्तारी की जाए। जाम की सूचना मिलते ही इलाकाई पुलिस भागकर मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनाें का आश्वासन दिया कि मुकदमा दर्ज कर शीघ्र आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। लेकिन इसके बाद भी ग्रामीण जाम हटाने के लिए तैयार नही थे। जाम की सूचना पर एसडीएम अभय पांडेय व सीओ रमाकंात यादव भी पहुंचे। अफसरों के आश्वासन पर भी ग्रामीण रोड पर से शव हटाने के लिए तैयार नहीं हुए। सीओ ने परिजनों से तहरीर लेकर सांगीपुर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद किसी तरह मान मनौव्वल के बाद परिजन शव रोड से हटाने के लिए तैयार हुए। इससे करीब दो घंटे बाद लालगंज-जलेशरगंज रोड पर आवागमन बहाल हो सका। सीओ का कहना है कि तहरीर के मुताबिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सांगीपुर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। आरोपी शीघ्र पुलिस की गिरफ्त में आ जाएंगे।
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