{"_id":"63a5f2fbe54add3973114644","slug":"corona-alert-issued-half-incomplete-preparation-pratapgarh-news-ald3489599143","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: कोरोना का अलर्ट जारी, आधी अधूरी तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: कोरोना का अलर्ट जारी, आधी अधूरी तैयारी
विज्ञापन
महिला अस्तपाल ओपीडी में कोविड नियमों की अनदेखी बगैर मास्क के चिकित्सक के इंतजार में बैठी महिलाए?
- फोटो : PRATAPGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेशों में कोरोना के बढ़ते प्रभाव की खबरों ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। जिले में अलर्ट जारी किया है, लेकिन प्रशासनिक तैयारियां आधी-अधूरी हैं और आम लोग भी बेपरवाह नजर आ रही है। बाजार में भीड़ जुट रही है, लेकिन न मास्क का प्रयोग कर रहे और न ही दो गज की दूरी बनाते दिख रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में में प्रतिदिन भारी संख्या में मरीज आ रहे हैं। पर कोरोना नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। कोविड वार्ड में ताला लटक रहा है। कोरोना की जांच शुक्रवार को शुरू हुई, लेकिन अस्पतालों को भेजे गए ऑक्सीजन कंसट्रेटर धूल फांक रहे हैं।
कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और गर्भवती महिलाओं में रहता है। महिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ बराबर जुट रही है। स्कूल भी नियमित खुल रहे हैं और बच्चों के बीच दो गज की दूरी का अनुपालन कहीं पर नहीं कराया जा रहा है। लोगों की लापरवाही इसी तरह रही तो कोरोना से निपटना आसान नहीं होगा। यहां हर दिन सर्दी खांसी जुकाम के मरीज आ रहे हैं। हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
नियमों का नहीं दिखा पालन
मेडिकल कॉलेज में पर्चा काउंटर पर लोगों की भीड़ नजर आई, यहां पर भी कोरोना नियमों का पालन होता दिखाई नहीं दिया। लोग पास-पास सटकर खड़े दिखाई दिए। किसी के चेहरे पर भी मास्क नजर नहीं आ रहा था।
डॉक्टर भी दिखे बेपरवाह
राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में डॉक्टरों के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी नजर आई। लेकिन यहां पर न तो किसी के चेहरे पर मास्क दिखाई दिया और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था।
वार्डों में भी नहीं हो रहा पालन
वार्ड में मरीजों को पूर्व की भांति ही भर्ती किया जा रहा है। मरीज एक दूसरे के बेड पर बैठे दिखाई दिए। कहीं पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा था। चिकित्सक भी इसका अनुपालन कराने में नाकाम दिखे।
कोविड वार्ड में लटक रहा ताला
मेडिकल कॉलेज के पुराने महिला अस्पताल में पहले कोरोना संक्रमित मरीजों के कोविड वार्ड बनाया गया था, जो बंद है। वार्डों में रखे उपकरण धूल फांक रहे हैं। जब कमरे को खोलने के लिए कहा गया तो अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने चाभी न होने की बात कहकर ताला खोलने से मना कर दिया। हालांकि भवन जर्जर होने के कारण स्वास्थ्य विभाग के अफसर अब वार्ड दूसरी जगह बनाने पर मंथन कर रहे हैं।
कोरोना को लेकर किसी भी आपात स्थिति से निपटने को अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से तैयार हैं। ओपीडी में अभी से ही कोविड नियमों का पालन कराने और संदिग्ध पाए जाने पर कोरोना की जांच कराने के आदेश दे दिए गए हैं। सभी ऑक्सीजन प्लांट चालू हालत में हैं। डॉ. आयदेश दीपक, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज
कोरोना को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी सीएचसी अधीक्षकों को इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। बाहर से आने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। डॉ. जीएम शुक्ला, सीएमओ
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में में प्रतिदिन भारी संख्या में मरीज आ रहे हैं। पर कोरोना नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। कोविड वार्ड में ताला लटक रहा है। कोरोना की जांच शुक्रवार को शुरू हुई, लेकिन अस्पतालों को भेजे गए ऑक्सीजन कंसट्रेटर धूल फांक रहे हैं।
विज्ञापन
कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और गर्भवती महिलाओं में रहता है। महिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ बराबर जुट रही है। स्कूल भी नियमित खुल रहे हैं और बच्चों के बीच दो गज की दूरी का अनुपालन कहीं पर नहीं कराया जा रहा है। लोगों की लापरवाही इसी तरह रही तो कोरोना से निपटना आसान नहीं होगा। यहां हर दिन सर्दी खांसी जुकाम के मरीज आ रहे हैं। हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
नियमों का नहीं दिखा पालन
मेडिकल कॉलेज में पर्चा काउंटर पर लोगों की भीड़ नजर आई, यहां पर भी कोरोना नियमों का पालन होता दिखाई नहीं दिया। लोग पास-पास सटकर खड़े दिखाई दिए। किसी के चेहरे पर भी मास्क नजर नहीं आ रहा था।
डॉक्टर भी दिखे बेपरवाह
राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में डॉक्टरों के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी नजर आई। लेकिन यहां पर न तो किसी के चेहरे पर मास्क दिखाई दिया और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था।
वार्डों में भी नहीं हो रहा पालन
वार्ड में मरीजों को पूर्व की भांति ही भर्ती किया जा रहा है। मरीज एक दूसरे के बेड पर बैठे दिखाई दिए। कहीं पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा था। चिकित्सक भी इसका अनुपालन कराने में नाकाम दिखे।
कोविड वार्ड में लटक रहा ताला
मेडिकल कॉलेज के पुराने महिला अस्पताल में पहले कोरोना संक्रमित मरीजों के कोविड वार्ड बनाया गया था, जो बंद है। वार्डों में रखे उपकरण धूल फांक रहे हैं। जब कमरे को खोलने के लिए कहा गया तो अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने चाभी न होने की बात कहकर ताला खोलने से मना कर दिया। हालांकि भवन जर्जर होने के कारण स्वास्थ्य विभाग के अफसर अब वार्ड दूसरी जगह बनाने पर मंथन कर रहे हैं।
कोरोना को लेकर किसी भी आपात स्थिति से निपटने को अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से तैयार हैं। ओपीडी में अभी से ही कोविड नियमों का पालन कराने और संदिग्ध पाए जाने पर कोरोना की जांच कराने के आदेश दे दिए गए हैं। सभी ऑक्सीजन प्लांट चालू हालत में हैं। डॉ. आयदेश दीपक, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज
कोरोना को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी सीएचसी अधीक्षकों को इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। बाहर से आने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। डॉ. जीएम शुक्ला, सीएमओ

शहर के पंजाबी मार्केट में बगैर मास्क लगाये घूमते लोग। संवाद- फोटो : PRATAPGARH