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संक्रमित को भर्ती करने से सीएमओ ने खड़े किए हाथ, जमकर हंगामा

Thu, 29 Apr 2021 12:52 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 29 Apr 2021 12:52 AM IST
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cmo denied to admit patient
प्रतापगढ़। मंगलवार की रात एक कोरोना संक्रमित मरीज को सीएमओ ने कोविड एल टू अस्पताल में भर्ती करने से इनकार कर दिया। इससे नाराज मरीज के परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। वहीं, आक्रोशित परिजनों ने तत्काल इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। डीएम की फटकार के बाद हरकत में आए सीएमओ ने मरीज को आननफानन कोविड अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, एक अन्य मरीज का जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा था जिसे बाद में कोविड अस्पताल में भेज दिया गया।
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कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती कर इलाज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने महज 45 बेड का एलटू अस्पताल तैयार कराया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अस्पताल में सौ बेड हैं। मंगलवार रात शहर के पंचमुखी मंदिर निवासी एक दुकानदार को सांस लेेने में दिक्कत होने लगी। आसपास के लोग उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। एंटीजन जांच में वह कोरोना पाजिटिव मिला। ऐसे में जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे एलटू कोविड अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार के लोग मरीज को लेकर एलटू अस्पताल पहुंचे तो वहां चिकित्सकों ने उसे भर्ती करने से हाथ खड़े कर दिए। मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। तबीयत बिगड़ती देख परिजन उसे लेकर फिर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां सीएमओ के साथ कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
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मरीज के साथ रहे लोगों ने मामले की शिकायत सीएमओ से की, लेकिन उन्होंने भी मरीज को भर्ती करने से हाथ खड़े कर दिए। इस पर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज के साथ रहे लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने फोनकर डीएम से मामले की शिकायत की। जिलाधिकारी ने सीएमओ को फटकार लगाते हुए मरीज को भर्ती करने को कहा। उधर, एक और मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। वह जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक कोने में पड़ा था। सीएमएस डॉ. पीपी पांडेय ने बताया कि जिस मरीज के परिजन हंगामा कर रहे थे, उसकी जांच हो गई थी। वह कोरोना संक्रमित था। इसलिए उसे कोविड अस्पताल भेजा गया था। उसे वहां क्यों नहीं भर्ती किया जा रहा था, इसकी जानकारी नहीं है।
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इमरजेंसी में आ रहे कोरोना संक्रमित, दूसरे मरीजों को खतरा
जिला अस्पताल के सीएमएस और मुख्य चिकित्साधिकारी की लापरवाही मरीजों की जान खतरे में डाल रही है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करने के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। सांस लेने में में तकलीफ होने पर इमरजेंसी में पहुंच रहे कई मरीज कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। ऐसे में दूसरे मरीजों के भी संक्रमित होने का खतरा है। कोई कोरोना संक्रमित मरीज मिलता है तो उसे कोविड अस्पताल में भेजने के बाद बिना सैनिटाइज कराए उसी बेड पर डॉक्टर दूसरे मरीज को भर्ती कर इलाज शुरू कर देते हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर पीपी पांडेय ने बताया कि इन दिनों इमरजेंसी में आने वाले ज्यादातर मरीज कोरोना संक्रमित ही मिल रहे हैं। कितनी बार सैनिटाइज कराया जाए। बचाव करते हुए किसी तरह मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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