फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   City of clarinet playing wedding band

शादी की शहनाई से बजा शहर का ‘बैंड’

Sat, 31 Jan 2015 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Sat, 31 Jan 2015 11:46 PM IST
विज्ञापन
City of clarinet playing wedding band
सहालग का दौर शुरू हो चुका है और शहर से गांव तक शहनाई की धुन गूंजने लगी है। मगर कहीं-कहीं यात्रियों को इसके चलते परेशानी भी उठानी पड़ रही है। शुक्रवार रात द्वारचार के लिए जाते समय सड़क पर घंटाें थिरकते लोगों की वजह से कई जगह जाम रहा। इलाहाबाद से फैजाबाद मार्ग पर नगर में बारातियों का कब्जा होने से हजारों यात्रियों को काफी परेशानी हुई। जाम की वजह से सड़क पर सैकड़ों वाहनों की कतार लगी रही।
विज्ञापन


शुक्रवार को लगन काफी तेज थी। शुभ मुहूर्त होने के नाते तमाम बरातें शहर में निकली। मगर सड़कों गुजरने वाली बारातों में शामिल कुछ लोगों की वजह से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। शहर के विवाह घरों में जाने के लिए बारात की मस्ती में चूर लोग सड़कों पर थिरकना शुरू कर दिए। बाबागंज व चौक में राजमार्ग पर बारातियों की भीड़ व डांस की वजह से जाम लग गया। इस वजह से फैजाबाद से इलाहाबाद व इलाहाबाद से फैजाबाद जाने वाले वाहनों की कतार लग गई। लगभग दो घंटे बाराती सड़क पर उछलते रहे और कतार में लगे वाहनों में बैठे यात्री उनके हटने का इंतजार करते रहे। घंटे भर बाद बाराती सड़क से हटे तो आवागमन शुरू हुआ। इसके बाद जाम में फंसे यात्रियों ने राहत की सांस ली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जाम में फंसे कुछ निजी वाहन चालक बारात के बगल से किसी सूरत गाड़ी निकालने का प्रयास करने लगे। यह देख नशे में चूर कुछ युवा बाराती उन लोगों की गाड़ियों के सामने थिरकना शुरू कर दिए। उनकी इस हरकत को देख चालक गाड़ी साइड में खड़ी कर उनके हटने का इंतजार करने को मजबूर रहे।
विज्ञापन


तीन साल पहले यहां रहे तत्कालीन जिलाधिकारी एम देवराज ने बारात से सड़कों पर लगने वाले जाम से यात्रियों को राहत देने के लिए सख्त आदेश जारी किया था। उसमें हिदायत दी गई थी कि राजमार्ग हो या शहर की अन्य सड़कें। बारात की वजह से जाम नहीं होना चाहिए। मानीटरिंग की जिम्मेदारी सदर एसडीएम व नगर कोतवाली पुलिस को दी गई थी। इसका असर यह था कि बाराती सड़क को एक तरफ खाली कर बारात विवाहघरों तक ले जाने को मजबूर थे। सिपाही बारी-बारी बारात लगने तक वाहनों को दोनों तरफ से पास कराते रहे। इससे जाम की नौबत नहीं बनी थी।  
विज्ञापन
विज्ञापन


बारात हो या अन्य कार्यक्रम देर रात तक डीजे पर कानफाड़ू आवाज में फिल्मी गाने बजाए जाते हैं। इससे हृदय रोगियों, ब्लडप्रेशर के मरीजों को दिक्कत होती है। बढ़ने वाले ध्वनि प्रदूषण से स्वस्थ आदमी भी परेशान हो जाता है। इन सारी बातों को देखते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी ने रात दस बजे के बाद बारात या अन्य कार्यक्रमों में डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। आदेश में यह भी था कि रात दस बजे के पहले भी किसी बारात में ज्यादा तेज डीजे नहीं बजेगा। इसी आदेश के तहत कई विवाहघरों में रात को बज रहे डीजे को पुलिस ने बंद करा दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed