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RB Lal : शुआट्स वीसी समेत तीन पर फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में भी चार्जशीट

Sun, 07 Jan 2024 01:39 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 07 Jan 2024 01:39 PM IST
सार

फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के आरोप में दर्ज मामले में वीसी समेत तीन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। एक आरोपी की मौत हो चुकी है। जबकि कोतवाली पुलिस वर्ष 2012 में दर्ज मुकदमे में दो बार एफआर लगा चुकी है।

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Chargesheet against three including Shuats VC in fake arms license case
rb lal - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

नैनी स्थित सैम हिगिन्नबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नाेलॉजी एंड साइंसेस (शुआट्स) के कुलपति प्रो. आरबी लाल पर एक और मुकदमे में चार्जशीट दाखिल हुई है। फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के आरोप में दर्ज मामले में वीसी समेत तीन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। एक आरोपी की मौत हो चुकी है। जबकि कोतवाली पुलिस वर्ष 2012 में दर्ज मुकदमे में दो बार एफआर लगा चुकी है।

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शुआट्स वीसी, उनके भाई विनोद बिहारी लाल और एके लारेंस ने रिवॉल्वर जबकि राबिन एल प्रसाद ने राइफल का लाइसेंस प्रतापगढ़ से बनवाया था। यह लाइसेंस 19 अगस्त 2000 को सदर बाजार स्थित मकान नंबर 152 के पते से बनाया गया था। लाइसेंस जारी होने के लगभग 12 साल बाद प्रयागराज जनपद के स्टेनली रोड जजेज कालोनी निवासी राकेश कुमार द्विवेदी ने 27 मार्च 2012 को नगर कोतवाली में चारों लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि चारों वर्ष 1980 से एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट परिसर में रह रहे हैं।
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इनका जन्म भी प्रतापगढ़ में नहीं हुआ है, बल्कि वह एटा के रहने वाले हैं। शस्त्र लाइसेंस का आवेदन करते समय सभी ने खुद को नगर कोतवाली के सदर बाजार के मकान नंबर 152 का निवासी बताया था। विवेचना करने वाले दरोगा एपी तिवारी ने 30 मार्च 2012 को ही फाइनल रिपोर्ट लगाकर कोर्ट में भेज दिया था। फिलहाल प्रयागराज में शुआट्स के निदेशक के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला तेज हुआ तो शस्त्र लाइसेंस के दर्ज मुकदमे की विवेचना फिर से प्रारंभ हो गई।

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वर्ष 2018 में मामले की पुनर्विवेचना का आदेश हुआ और विवेचना कोतवाली में तैनात दरोगा राजवकील मिश्र को मिली। जांच के दौरान सदर बाजार स्थित 152 मकान नंबर बिट्टल देवी पत्नी सुंदरलाल के नाम दर्ज मिला। यह भी पता चला कि उन्होंने कुछ लोगों को मकान बेचा है। इसमें शुआट्स के निदेशक का नाम कहीं भी दर्ज नहीं है।

जांच के दौरान पता चला कि प्रतापगढ़ में शुआट्स वीसी ने शैलेंद्र कुमार सिंह के घर में कृषि प्रसार के लिए कार्यालय खोला था। हालांकि विवेचक राजवकील मिश्र ने भी मुकदमे में एफआर लगा दी। शुआट्स वीसी के खिलाफ प्रयागराज में कार्रवाई के दौरान फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई। एसटीएफ की रिपोर्ट के बाद फरवरी 2023 में तीसरी बार विवेचना प्रारंभ हुई।

नगर कोतवाली में तैनात दौलत यादव के बाद निरीक्षक रवींद्र प्रताप सिंह ने नए सिरे से विवेचना पूरी कर अक्तूबर 2023 में आरोप पत्र न्यायालय में भेजा। जो पता शस्त्र लेते समय दर्शाया गया है, उस भवन के स्वामी ने तीनों के बारे में जानकारी से अनभिज्ञता जताई। नगर कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी राबिन एल प्रसाद की मौत हो चुकी है। ऐसे में आरोपी विनोद बिहारी लाल, डॉ. आरबी लाल व एके लारेंस के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है।

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