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बालक की जान बचाने को दांव पर लगा दी अपनी जिंदगी
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 11 Jul 2017 12:06 AM IST
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सकरनी नदी के चेकडैम के करीब मछली पकड़ रहे बालक को डूबते देख उसे बचाने के लिए एक युवक नदी में कूद गया। बालक को बचाने में तो वह कामयाब रहा, लेकिन खुद गहरे पानी में डूब गया। उसे बचाने के लिए गांव के लोग नदी में उतरे, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस भी स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसकी खोजबीन करती रही, लेकिन पता नहीं चला। इलाहाबाद से आए गोताखोर अंधेरा होने के कारण उसे खोज पाने में नाकाम रहे। परिवार के लोग भी बिलखते रहे।
नगर कोतवाली क्षेत्र के पांचोंसिद्ध गांव के कुछ बालक सोमवार करीब तीन बजे सकरनी नदी के किनारे बने चेकडैम के पास मछली पकड़ने के लिए गए थे। सई नदी के पास बने चेकडैम के ऊपर तक मछलियां पानी के साथ उतरा रही थीं। तभी श्याम सिंह (45) पुत्र रघुवीर भी वहां पहुंच गया। वह लड़कों को मछली पकड़ते हुए देखता रहा। इसी बीच मछली पकड़ रहा गांव का अचानक नीरज नदी में चला गया और डूबने लगा। यह देख श्याम सिंह उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। उसने नीरज को तो डूबने से बचा लिया, लेकिन खुद डूब गया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो नीरज को निकालने के बाद वह बाहर निकलने के लिए प्रयास करता रहा। उसे डूबता देख वहां मौजूद लड़कों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर गांव के लोग दौड़ पडे़। लोग श्यामसिंह को खोजने के लिए नदी में उतरे, लेकिन काफी देर बाद भी वह नहीं मिला। सूचना मिलने पर मोहनगंज पुलिस के साथ ही प्रभारी नगर कोतवाल दलबल के साथ पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसे खोजने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। शाम को इलाहाबाद से आए गोताखोर भी उसे खोजने के लिए मशक्कत करते रहे, लेकिन सफल नहीं हो सके। प्रभारी नगर कोतवाल ने बताया कि गोताखोरों की मदद से तलाश की जा रही है।
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नगर कोतवाली क्षेत्र के पांचोंसिद्ध गांव के कुछ बालक सोमवार करीब तीन बजे सकरनी नदी के किनारे बने चेकडैम के पास मछली पकड़ने के लिए गए थे। सई नदी के पास बने चेकडैम के ऊपर तक मछलियां पानी के साथ उतरा रही थीं। तभी श्याम सिंह (45) पुत्र रघुवीर भी वहां पहुंच गया। वह लड़कों को मछली पकड़ते हुए देखता रहा। इसी बीच मछली पकड़ रहा गांव का अचानक नीरज नदी में चला गया और डूबने लगा। यह देख श्याम सिंह उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। उसने नीरज को तो डूबने से बचा लिया, लेकिन खुद डूब गया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो नीरज को निकालने के बाद वह बाहर निकलने के लिए प्रयास करता रहा। उसे डूबता देख वहां मौजूद लड़कों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर गांव के लोग दौड़ पडे़। लोग श्यामसिंह को खोजने के लिए नदी में उतरे, लेकिन काफी देर बाद भी वह नहीं मिला। सूचना मिलने पर मोहनगंज पुलिस के साथ ही प्रभारी नगर कोतवाल दलबल के साथ पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसे खोजने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। शाम को इलाहाबाद से आए गोताखोर भी उसे खोजने के लिए मशक्कत करते रहे, लेकिन सफल नहीं हो सके। प्रभारी नगर कोतवाल ने बताया कि गोताखोरों की मदद से तलाश की जा रही है।
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