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Pratapgarh : सगे भाइयों को गोली मारने वाले ब्लॉक प्रमुख को कोर्ट से मिली राहत, जेल से निकलना फिलहाल मुश्किल

Mon, 18 Aug 2025 05:45 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 18 Aug 2025 05:45 PM IST
सार

Pratapgarh News : प्रतापगढ़ के पट्टी में रजिस्ट्री कार्यालय के सामने सरेआम सगे भाइयों को गोली मारकर सनसनी फैलाने वाले ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह को एक मामले में जिला न्यायालय से राहत मिल गई है। कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया, लेकिन कई मुकदमे और लंबित होने के कारण बाहर निकलना फिलहाल मुश्किल है। 

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Block pramukh who shot his own brothers got relief from the court, it is difficult to get out of jail
ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह को पट्टी कोतवाली लाया गया। - फोटो : संवाद।

विस्तार

जिला एवं सत्र न्यायालय ने पट्टी रजिस्ट्री दफ्तर में चर्चित मामले में गिरफ्तार ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह को एक मामले में जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने सुशील सिंह के जमानत प्रार्थना पत्र पर लंबी सुनवाई के बाद सोमवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और उतनी ही राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने पर जेल से छोड़ा जाए। थाना कोतवाली पट्टी में दर्ज मुकदमे में सुशील सिंह पर धारा 126, 352, 351(2), 119(2), 3(5) भारती न्याय संहित (बीएनएस) के तहत मुकदमा दर्ज है।

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अभियोजन पक्ष ने अदालत में जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी क्षेत्र में दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अभियोजन ने आशंका जताई कि रिहा होने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है और शांति व्यवस्था बिगाड़ सकता है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। उसके खिलाफ की गई रिपोर्ट में तथ्यों को छिपाया गया है। भूमि विवाद के चलते दबाव बनाकर मुकदमा दर्ज कराया गया, जबकि घटना में कोई गंभीर चोट नहीं आई। अदालत के समक्ष यह भी तर्क रखा गया कि आरोपी का स्थायी निवास और खेती-किसानी है। जिससे उसके फरार होने की संभावना नहीं है।
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शर्तों के उल्लंघन पर स्वत: निरस्त हो जाएगी जमानत

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर हैं, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए उसे जमानत का लाभ दिया जाना उचित है। अदालत ने साफ निर्देश दिया कि आरोपी बिना अनुमति क्षेत्र से बाहर नहीं जाएगा और न ही वादी या गवाहों को किसी प्रकार की धमकी देगा। यदि शर्तों का उल्लंघन होता है तो जमानत स्वतः निरस्त मानी जाएगी। ज्ञात हो कि सुशील सिंह को 26 जुलाई 2025 को जेल भेजा गया था और तभी से वह जिला कारागार प्रतापगढ़ में निरुद्ध था। अदालत के इस आदेश के बाद अब उनकी रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह मुकदमा ज़मीन के विक्रेता जगन्नाथ की ओर से दर्ज कराया गया था।इस मामले में तो जमानत मिल गई हैं, लेकिन अभी गोलीकांड वाले मामले में सुनवाई बाकी है। जानकारों की माने तो अभी रिहाई के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

सरेआम सगे भाइयों को मारी थी गोली

पट्टी रजिस्ट्री कार्यालय में बैनामा कराने आए दो सगे भाइयों को गोली मारने के मुख्य 25 हजार के आरोपी ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। घटना में शामिल दूसरे साथी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चर्चा है कि आरोपी सुशील सिंह लखनऊ में भाजपा के किसी एक बड़े नेता के होटल पर ठहरा था। पट्टी कोतवाली में जुटे समर्थकों को पुलिस ने खदेड़ दिया। सीएचसी में मेडिकल कराने के बाद आरोपियों को जेल भेजा गया।

पट्टी कोतवाली के करीब स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में सोमवार को डेढ़ बिस्वा जमीन का बैनामा कराने को लेकर बवाल हो गया था। दिनदहाड़े दुस्साहस का परिचय देते हुए बाबा बेलखरनाथ धाम के प्रमुख सुशील सिंह ने अपने गुर्गों के साथ मारपीट कर बैनामा कराने आए बृजेश तिवारी के रिश्तेदार सुल्तानपुर निवासी अरुण मिश्रा और आदित्य मिश्रा को गोली मार दी थी। बैनामा करने वाले औराइन निवासी जगन्नाथ विश्वकर्मा की भी पीटने के कार में जबरन बैठा लिया।

पुलिस ने घोषित किया था 25 हजार का इनाम

पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमे के बाद छह नामजद आरोपियों पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया। पुलिस घटना में शामिल औराइन निवासी शिवम पांडेय, विपिन पांडेय उर्फ विकास, बिरौती के जयप्रकाश मौर्य उर्फ चंदु, डेई धौरहरा के हरीश जायसवाल, रामकोला के अखिलेश श्रीवास्तव व बीबीपुर के संतोष सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फरार चल रहे मुख्य इनामी आरोपी ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह को 25 जुलाई की रात पुलिस ने लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के वेस्टन होटल से गिरफ्तार कर लिया था। घटना में शामिल आरोपी कंधई के बनी निवासी आकाश शुक्ला को पुलिस ने इलाके के मकरा दशरथपुर से गिरफ्तार किया। अशोक शुक्ला के पास से पुलिस ने एक पिस्टल और पांच कारतूस बरामद किया था। 

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