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कात्यायनी की कृपा पाने को साधकों ने किया जप
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 12 Apr 2016 11:50 PM IST
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नवरात्र के पांचवें दिन मंगलवार को बहराइच शहर के संहारिणी माता मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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नवरात्र के छठे दिन कात्यायनी देवी की पूजा-अर्चना की गई। देवी की कृपा पाने के लिए साधकों ने जप किया। मां बेल्हा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने पाठ किया।
मान्यता है कि कात्यायन ऋषि ने तप करके देवी से वरदान मांगा कि वे उनके कुल में पुत्री के रूप में जन्म लें। देवी ने अजन्मा स्वरूप त्याग कर ऋषि कुल में जन्म लिया। इसी कारण से देवी का नाम कात्यायनी पड़ा। नवरात्र पर देवी के इसी स्वरूप को पूजा गया। बेल्हा देवी मंदिर, चंद्रिका धाम, वाराहीधाम, ज्वाला देवी धाम में भक्तों की भीड़ जमा रही। सुबह से शाम तक देवी दर्शन को लोगों का तांता लगा रहा। ग्रामीण अंचलों में भी देवी की धूम रही। नौ दिन का व्रत रखने वालों ने घर में देवी का पाठ किया।
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मान्यता है कि कात्यायन ऋषि ने तप करके देवी से वरदान मांगा कि वे उनके कुल में पुत्री के रूप में जन्म लें। देवी ने अजन्मा स्वरूप त्याग कर ऋषि कुल में जन्म लिया। इसी कारण से देवी का नाम कात्यायनी पड़ा। नवरात्र पर देवी के इसी स्वरूप को पूजा गया। बेल्हा देवी मंदिर, चंद्रिका धाम, वाराहीधाम, ज्वाला देवी धाम में भक्तों की भीड़ जमा रही। सुबह से शाम तक देवी दर्शन को लोगों का तांता लगा रहा। ग्रामीण अंचलों में भी देवी की धूम रही। नौ दिन का व्रत रखने वालों ने घर में देवी का पाठ किया।
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