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बेल्हा लोक महोत्सव में ‘लोक कलाओं’ का बिखरा जलवा
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 31 Jan 2015 11:44 PM IST
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मिटती लोक कलाओं व परंपराओं को सहेजते हुए शनिवार को तीन दिवसीय बेल्हा लोकमहोत्सव का शहर के जीआईसी प्रांगण में रंगारंग आगाज हुआ। प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा मंत्री प्रो. शिवाकांत ओझा ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद मौर्य भी मौजूद रहे। इसके पूर्व शहर में रंग यात्रा निकाल कर लोगों को जागरूक किया गया। पहले दिन ही आयोजित जीवंत व मनमोहक कला को देख लोग हर्षित रहे। स्कूली बच्चों के नृत्य को भी दर्शकों ने खूब सराहा।
बेल्हा लोकमहोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ होने के पूर्व शहर में जागरूकता भरी रंग यात्रा निकाली गई। शहर के हर चौराहों पर अनोखे अंदाज में कलाकार रैली में शामिल रहे। हर विधा के कलाकार रैली में अपने हुनर की प्रस्तुति रास्ते भर करते नजर आए। कैबिनेट मंत्री ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए लोक कलाओं को सहेजने के इस प्रयास को खूब सराहा। कहा कि जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्हें बेहतर मंच मिलने की देरी है। लोक कलाओं को जिंदा करने का महोत्सव में किया गया प्रयास काबिले तारीफ है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि मिटती कलाओं को सहेजने के इस प्रयास को जितना सराहा जाए उतना ही कम है।
इसके बाद कार्यक्रमों का दौर शुरू हुआ तो थमने का नाम नहीं लिया। दर्शकों से खचाखच भरे पांडाल के सामने सजे मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झड़ी लग गई। धोबिया व अहिरउवा नृत्य अपलक लोग निहारते रहे। इस नृत्य में कलाकारों की प्रस्तुति खूब सराही गई। दुलदुल घोड़ा नृत्य का भी अनूठा प्रदर्शन किया गया। कई स्कूलों की छात्राओं ने भी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति कर दर्शकों का मन मोह लिया। हर कार्यक्रम पर पांडाल में बैठे दर्शक तालियां पीटकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाते रहे। बेल्हा लोक महोत्सव के आयोजन समिति के लोग अतिथियों के आवभगत में लगे रहे। उद्घाटन अवसर पर डॉ. बृजभानु सिंह, डॉ. पीयूषकांत शर्मा, अश्वनी राना, हेमंत ओझा, रमा मिश्रा, डॉ. शिवानी मातनहेलिया, डॉ. दयाराम मौर्या आदि रहे।
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बेल्हा लोकमहोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ होने के पूर्व शहर में जागरूकता भरी रंग यात्रा निकाली गई। शहर के हर चौराहों पर अनोखे अंदाज में कलाकार रैली में शामिल रहे। हर विधा के कलाकार रैली में अपने हुनर की प्रस्तुति रास्ते भर करते नजर आए। कैबिनेट मंत्री ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए लोक कलाओं को सहेजने के इस प्रयास को खूब सराहा। कहा कि जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्हें बेहतर मंच मिलने की देरी है। लोक कलाओं को जिंदा करने का महोत्सव में किया गया प्रयास काबिले तारीफ है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि मिटती कलाओं को सहेजने के इस प्रयास को जितना सराहा जाए उतना ही कम है।
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इसके बाद कार्यक्रमों का दौर शुरू हुआ तो थमने का नाम नहीं लिया। दर्शकों से खचाखच भरे पांडाल के सामने सजे मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झड़ी लग गई। धोबिया व अहिरउवा नृत्य अपलक लोग निहारते रहे। इस नृत्य में कलाकारों की प्रस्तुति खूब सराही गई। दुलदुल घोड़ा नृत्य का भी अनूठा प्रदर्शन किया गया। कई स्कूलों की छात्राओं ने भी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति कर दर्शकों का मन मोह लिया। हर कार्यक्रम पर पांडाल में बैठे दर्शक तालियां पीटकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाते रहे। बेल्हा लोक महोत्सव के आयोजन समिति के लोग अतिथियों के आवभगत में लगे रहे। उद्घाटन अवसर पर डॉ. बृजभानु सिंह, डॉ. पीयूषकांत शर्मा, अश्वनी राना, हेमंत ओझा, रमा मिश्रा, डॉ. शिवानी मातनहेलिया, डॉ. दयाराम मौर्या आदि रहे।
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