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बकरीद आज, इस्तकबाल के लिए तैयार ईदगाह
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बकरा मंडी में 55786 रूपये का बकरा। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
अल्लाह की रजा के लिए त्याग, समर्पण व कुर्बानी का प्रतीक ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार रविवार को मनाया जाएगा। इसे लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ईदगाहों व मस्जिदों में लोग सुबह पांच बजे से लेकर दस बजे तक ईद-उल-अजहा की नमाज अदा करेंगे।
उधर, पर्व से पहले शनिवार को देर रात तक बाजार गुलजार रहा। लोग कुर्ता-पायजामा के साथ ही जूता-चप्पल की खरीदारी करते रहे। कोरोना संक्रमण के दौरान दो साल से लगी पाबंदी हटने के बाद ईदगाह व मस्जिदों में नमाज अदा की जाएगी। जिसके लिए देर शाम तक तैयारियां होती रहीं। नमाद अदा करने वालों के लिए ईदगाह व मस्जिदें तैयार हैं।
मौलाना ताजदार अहमद के अनुसार, बकरीद की नमाज अदा करने के बाद अकीदतमंद बकरों व भेड़ आदि की कुर्बानी देंगे। कोरोना काल की पाबंदी समाप्त होने के बाद दो साल बाद बकरीद की नमाज मस्जिदों व ईदगाह में अदा की जाएगी। नगर पालिका की ओर से बड़े जानवरों की कुर्बानी के लिए पटखौली वार्ड में स्लाटर हाउस बनाया गया है। शहर में साफ-सफाई व पेयजल की व्यवस्था सुचारू रखने के लिए ईओ मुदित सिंह ने सभी प्रभारियों को हिदायत दी है।
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शनिवार को देर रात तक बाजारों में कुर्ता-पायजामा, जूता, चप्पल, कपड़े के साथ सेवई और खाने-पीने के सामानों की खरीदारी होती रही। जूता चप्पल कारोबार आखिर अंसारी ने बताया कि महंगाई का असर बकरीद के पर्व पर साफ दिख रहा है। पहले लोगों की भीड़ खत्म होने का नाम नहीं लेती थी। मगर इस बार पर्व पर महंगाई का साफ असर दिख रहा है। सौंदर्य प्रसाधन के कारोबारी कासिफ नदीम जाफरी ने बताया कि इस बार दुकानदारी पचास फीसदी भी नहीं हुई।
शहर के लोग भी खरीदारी करने कम आए। गांव से आने वाले ग्राहकों ने तो काफी दूरी बना ली। पंजाबी मार्केट में कपड़ा का कारोबार करने वाले नरेंद्र सिंह ने बताया कि महिलाएं सूट की खरीदारी करने जरूर आई थीं, मगर दाम सुनते ही उठकर जाने लग रही थीं। बकरीद पर बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी थी, मगर ऐसा नहीं हो सका। सेवई कारोबारी आरिफ ने बताया कि वाराणसी व प्रयागराज की बनी सेवई की खरीदारी खूब हुई। जिले में करीब 10 से 14 लाख रुपये की सेवई की बिक्री हुई है।
बाजार में 56,786 रुपये का बकरा बना आकर्षण का केंद्र
बकरीद पर कुर्बानी के लिए देर शाम तक बकरों की खरीद फरोख्त का दौर चला। शहर के बेगमवार्ड, रामलीला मैदान में बकरों का बाजार लगा। बाजार में गड़वारा क्षेत्र के गुड्डू ने अपने बकरे की कीमत 56,786 रुपये लगा रखी थी। उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। हर कोई उसे देखने के बाद मोलभाव करता रहा। दोपहर बाद तक सौदा तय न होने पर गुड्डू अपना बकरा लेकर घर लौट गए। बकरा मंडी में आठ से 25 हजार रुपये तक के बकरे बिके। शनिवार को ही जिलेभर में पांच हजार से अधिक बकरे बिके।
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उधर, पर्व से पहले शनिवार को देर रात तक बाजार गुलजार रहा। लोग कुर्ता-पायजामा के साथ ही जूता-चप्पल की खरीदारी करते रहे। कोरोना संक्रमण के दौरान दो साल से लगी पाबंदी हटने के बाद ईदगाह व मस्जिदों में नमाज अदा की जाएगी। जिसके लिए देर शाम तक तैयारियां होती रहीं। नमाद अदा करने वालों के लिए ईदगाह व मस्जिदें तैयार हैं।
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मौलाना ताजदार अहमद के अनुसार, बकरीद की नमाज अदा करने के बाद अकीदतमंद बकरों व भेड़ आदि की कुर्बानी देंगे। कोरोना काल की पाबंदी समाप्त होने के बाद दो साल बाद बकरीद की नमाज मस्जिदों व ईदगाह में अदा की जाएगी। नगर पालिका की ओर से बड़े जानवरों की कुर्बानी के लिए पटखौली वार्ड में स्लाटर हाउस बनाया गया है। शहर में साफ-सफाई व पेयजल की व्यवस्था सुचारू रखने के लिए ईओ मुदित सिंह ने सभी प्रभारियों को हिदायत दी है।
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शनिवार को देर रात तक बाजारों में कुर्ता-पायजामा, जूता, चप्पल, कपड़े के साथ सेवई और खाने-पीने के सामानों की खरीदारी होती रही। जूता चप्पल कारोबार आखिर अंसारी ने बताया कि महंगाई का असर बकरीद के पर्व पर साफ दिख रहा है। पहले लोगों की भीड़ खत्म होने का नाम नहीं लेती थी। मगर इस बार पर्व पर महंगाई का साफ असर दिख रहा है। सौंदर्य प्रसाधन के कारोबारी कासिफ नदीम जाफरी ने बताया कि इस बार दुकानदारी पचास फीसदी भी नहीं हुई।
शहर के लोग भी खरीदारी करने कम आए। गांव से आने वाले ग्राहकों ने तो काफी दूरी बना ली। पंजाबी मार्केट में कपड़ा का कारोबार करने वाले नरेंद्र सिंह ने बताया कि महिलाएं सूट की खरीदारी करने जरूर आई थीं, मगर दाम सुनते ही उठकर जाने लग रही थीं। बकरीद पर बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी थी, मगर ऐसा नहीं हो सका। सेवई कारोबारी आरिफ ने बताया कि वाराणसी व प्रयागराज की बनी सेवई की खरीदारी खूब हुई। जिले में करीब 10 से 14 लाख रुपये की सेवई की बिक्री हुई है।
बाजार में 56,786 रुपये का बकरा बना आकर्षण का केंद्र
बकरीद पर कुर्बानी के लिए देर शाम तक बकरों की खरीद फरोख्त का दौर चला। शहर के बेगमवार्ड, रामलीला मैदान में बकरों का बाजार लगा। बाजार में गड़वारा क्षेत्र के गुड्डू ने अपने बकरे की कीमत 56,786 रुपये लगा रखी थी। उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। हर कोई उसे देखने के बाद मोलभाव करता रहा। दोपहर बाद तक सौदा तय न होने पर गुड्डू अपना बकरा लेकर घर लौट गए। बकरा मंडी में आठ से 25 हजार रुपये तक के बकरे बिके। शनिवार को ही जिलेभर में पांच हजार से अधिक बकरे बिके।

फलमंडी गेट के समीप बकरीद के लिए सेवई खरीदते लोग। संवाद- फोटो : PRATAPGARH