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Pratapgarh News: त्योहार पर बिगड़े खानपान ने मरीजों में बीपी- शुगर का लेवल बढ़ाया
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दिवाली और छठ पर्व पर मिठाइयों के साथ ही तमाम तरह के व्यंजन खाने से शुगर और ब्लड प्रेशर के रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 1530 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें बीपी के 350 तो मधुमेह के 270 और बुखार पीड़ित 400 मरीज इलाज कराने आए थे। रोगियों को डॉक्टरों ने जरूरी दवा के साथ ही त्योहार पर बिगडे खानपान को ठीक करने की सलाह दी।
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. अनुज चौरसिया ने बताया कि त्योहार पर तरह-तरह के व्यंजन और मिठाइयों के खाने से लोगों का शुगर लेवल बढ़ गया है। बदलते मौसम के कारण बीपी के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि ठंड के दिनों में रक्त धमनियों व हृदय पर अधिक दबाव पड़ने से बीपी उच्च स्तर पर हो जाता है। बीपी अधिक होने से हार्टअटैक और ब्रेन स्ट्रोक की समस्या हो सकती है।
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. वकील अहमद ने कहा कि बदलते मौसम में बुखार और खांसी के साथ दमा के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि खांसी के हो या फिर बुखार के मरीजों को गुनगुना पानी पीना चाहिए। बगैर चिकित्सक सलाह किसी प्रकार की दवा बाजार से खरीदकर नहीं खाना चाहिए।
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ऐसे करें बचाव
तला-भुना अधिक नमक युक्त खानपान से बचें।
-सूर्योदय के बाद ही सुबह टहलने के लिए निकलें।
- समय-समय पर बीपी मापते रहना चाहिए।
- सिगरेट और शराब के सेवन से बचें।
- बच्चों को ऊनी कपड़े से ढककर रखें।
- बच्चों को गुनगुना पानी पिलाएं, नियमित स्नान नहीं कराएं।
-तेज बुखार होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
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मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. अनुज चौरसिया ने बताया कि त्योहार पर तरह-तरह के व्यंजन और मिठाइयों के खाने से लोगों का शुगर लेवल बढ़ गया है। बदलते मौसम के कारण बीपी के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि ठंड के दिनों में रक्त धमनियों व हृदय पर अधिक दबाव पड़ने से बीपी उच्च स्तर पर हो जाता है। बीपी अधिक होने से हार्टअटैक और ब्रेन स्ट्रोक की समस्या हो सकती है।
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मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. वकील अहमद ने कहा कि बदलते मौसम में बुखार और खांसी के साथ दमा के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि खांसी के हो या फिर बुखार के मरीजों को गुनगुना पानी पीना चाहिए। बगैर चिकित्सक सलाह किसी प्रकार की दवा बाजार से खरीदकर नहीं खाना चाहिए।
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ऐसे करें बचाव
तला-भुना अधिक नमक युक्त खानपान से बचें।
-सूर्योदय के बाद ही सुबह टहलने के लिए निकलें।
- समय-समय पर बीपी मापते रहना चाहिए।
- सिगरेट और शराब के सेवन से बचें।
- बच्चों को ऊनी कपड़े से ढककर रखें।
- बच्चों को गुनगुना पानी पिलाएं, नियमित स्नान नहीं कराएं।
-तेज बुखार होने पर चिकित्सक को दिखाएं।