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Pratapgarh News: अतीक के हत्यारोपी करते रहे इंतजार, नहीं मिलने आईं बहनें
Thu, 31 Aug 2023 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Thu, 31 Aug 2023 11:39 PM IST
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माफिया अतीक अहमद तथा उसके भाई अशरफ की हत्या करने के आरोपी जिला कारागार में बंद हैं। बृहस्पतिवार को रक्षाबंधन पर बहनें जेल में बंद भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने पहुंचीं।
इस दौरान हत्यारोपी लवलेश, सनी तथा अरुण मौर्य भी अपनी बहनों का इंतजार करते रहे लेकिन समय बीत जाने के बावजूद उनकी कलाइयों पर राखी बांधने के लिए कोई नहीं आया। उनसे मुलाकात करने आने वालों पर जेल प्रशासन के साथ ही पुलिस की भी नजर थी।
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जेल में निरुद्ध भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं बहनें, भर आईं आंखें
प्रतापगढ़। जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को 382 महिलाओं तथा बच्चों ने राखी बांधी। भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने के दौरान उनकी आंखें छलक उठीं। बृहस्पतिवार को जेल प्रशासन ने बहनों के बैठने से लेकर पानी तथा छाया के लिए टेंट का इंतजाम किया था।
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राखी बांधने पहुंचने वाली बहनों के लिए जेल के भीतर भी इंतजाम किए गए थे। यहां पहुंचीं बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर नेह का बंधन बांधकर टीका लगाया। बंदियों को राखी बांधने के लिए 382 बहनें तथा बच्चे जेल पहुंचे। बेहतर व्यवस्था होने की वजह से किसी भी प्रकार की समस्या सामने नहीं आई।
जेल मैनुअल के तहत बहनों को रक्षासूत्र लेकर प्रवेश करने की अनुमति थी। मुंह मीठा कराने से लेकर रोली-चंदन तक का इंतजाम जेल में किया गया था। वहीं जिला अपराध निरोधक कमेटी के सचिव सुजीत कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने मुलाकात करने आईं बहनों के बैठने से लेकर जलपान तक की व्यवस्था की थी। इस दौरान जेल अधीक्षक रमाकांत दोहरे, डिप्टी जेलर आफताब अंसारी आदि मौजूद रहे।
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इस दौरान हत्यारोपी लवलेश, सनी तथा अरुण मौर्य भी अपनी बहनों का इंतजार करते रहे लेकिन समय बीत जाने के बावजूद उनकी कलाइयों पर राखी बांधने के लिए कोई नहीं आया। उनसे मुलाकात करने आने वालों पर जेल प्रशासन के साथ ही पुलिस की भी नजर थी।
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जेल में निरुद्ध भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं बहनें, भर आईं आंखें
प्रतापगढ़। जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को 382 महिलाओं तथा बच्चों ने राखी बांधी। भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने के दौरान उनकी आंखें छलक उठीं। बृहस्पतिवार को जेल प्रशासन ने बहनों के बैठने से लेकर पानी तथा छाया के लिए टेंट का इंतजाम किया था।
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राखी बांधने पहुंचने वाली बहनों के लिए जेल के भीतर भी इंतजाम किए गए थे। यहां पहुंचीं बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर नेह का बंधन बांधकर टीका लगाया। बंदियों को राखी बांधने के लिए 382 बहनें तथा बच्चे जेल पहुंचे। बेहतर व्यवस्था होने की वजह से किसी भी प्रकार की समस्या सामने नहीं आई।
जेल मैनुअल के तहत बहनों को रक्षासूत्र लेकर प्रवेश करने की अनुमति थी। मुंह मीठा कराने से लेकर रोली-चंदन तक का इंतजाम जेल में किया गया था। वहीं जिला अपराध निरोधक कमेटी के सचिव सुजीत कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने मुलाकात करने आईं बहनों के बैठने से लेकर जलपान तक की व्यवस्था की थी। इस दौरान जेल अधीक्षक रमाकांत दोहरे, डिप्टी जेलर आफताब अंसारी आदि मौजूद रहे।