Atiq Ashraf Murder: देर रात प्रतापगढ़ जेल पहुंची एसटीएफ, तीनों शुूटरों को आमने सामने बैठाकर पूछे सवाल
माफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्याकांड की जांच में जुटी एसटीएफ ने मंगलवार देर रात प्रतापगढ़ जेल पहुंच गई। इससे बंदियों और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसटीएफ ने अतीक और अशरफ हत्याकांड के आरोपियों लवलेश सिंह, अरुण मौर्य और सनी सिंह को आमने सामने बैठाकर पूछताछ की।
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जेल में बंद अतीक-अशरफ हत्याकांड के आरोपी शूटर लवलेश, सनी व अरुण से एसटीएफ की टीम ने रात में लगभग पांच घंटे तक पूछताछ की। उनसे मददगारों को लेकर कई सवाल किए गए। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग भी की गई। हालांकि जेल प्रशासन इस संबंध में कुछ भी कहने से बचता रहा।
मंगलवार रात 11 बजे एसटीएफ टीम स्पेशल बैरक में बंद अतीक-अशरफ के हत्यारोपी शूटर लवलेश तिवारी, अरुण मौर्या व सनी सिंह से पूछताछ के लिए पहुंची थी। आरोपी शूटरों से एसटीएफ की टीम ने कई बिंदुओं पर पूछताछ की। लेकिन आरोपियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। कॉल्विन अस्पताल में घटना के दौरान दो संदिग्ध मददगारों को लेकर भी सवाल किए गए। जेल के भीतर पांच घंटे तक सभी शूटरों से पूछताछ के बाद एसटीएफ वापस प्रयागराज लौट गई।
पूछताछ की प्रक्रिया के दौरान आरोपियों से बातचीत की प्रक्रिया को रिकार्ड किया गया है। जेल परिसर से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित पहले गेट पर पुलिस व पीएसी का कड़ा पहरा लगा है। जेल परिसर के आसपास मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।
उधर जेल अधीक्षक से लेकर पुलिस के आला अफसरों ने इस प्रकरण पर कुछ भी बोलने से इनकार किया। जेल प्रशासन का दावा है कि आरोपी शूटरों की सुरक्षा को लेकर जांच प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखने का निर्देश उच्च अधिकारियों से मिला है।
कस्टडी रिमांड में एसआईटी कुछ हासिल नहीं कर पाई
बताते चलें कि प्रयागराज में आरोपियों की एसआईटी ने पांच दिन की कस्टडी रिमांड ली थी, लेकिन उनसे कोई राज नहीं उगलवा पाई। ऐसे में अब एसटीएफ द्वारा रात में जेल में जाकर आरोपियों से पूछताछ करना कई सवाल भी खड़े कर रहा है।