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राशन वितरण के दौरान दो पक्षों में जमकर मारपीट
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Arrived home from Haryana by cycling for five days
- फोटो : PRATAPGARH
हरियाणा में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले तीन युवक जान की बाजी लगाकर साइकिल से घर पहुंचने में कामयाब हुए। पांच दिनों के सफर में तीनों ने कभी लंगर में खाकर भूख मिटाई तो कभी बिस्किट खाकर रात गुजारी। घर पहुंचने के बाद सभी को प्राइमरी स्कूल में क्वारंटाइन कर दिया गया।
कोहड़ौर थाना क्षेत्र के धरौली मुफरिद निवासी अयोध्या प्रसाद वर्मा, विक्रम वर्मा और सोनू वर्मा रोजी रोटी के सिलसिले में हरियाणा में रहते हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण की महामारी को देखते हुए देश में लाकडाउन लागू कर दिया गया।
कुछ दिनों पहले घर जाने की अफवाह में वह भी फंस गए। फरीदाबाद से सभी को लौटना पड़ा। इसके बाद तीनों ने साइकिल से घर का रास्ता तय करने की ठानी। पांच दिन का सफर करने के बाद तीनों बुधवार को गांव पहुंचे। परिवार के लोगों से मिलने के बजाय सभी को प्राइमरी स्कूल में ही क्वारंटाइन कराया गया।
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रास्ते में सभी का मेडिकल चेकअप भी हुआ। तीनों ने बताया कि रास्ते में तमाम मुश्किलों को सामना करना पड़ा था। कभी लंगर में भोजन किया तो कभी बिस्किट खाकर रात व्यतीत की। उनका कहना था कि प्रदेश में पहुंचने के बाद चैन की सांस ली थी। यह तय कर लिया था कि घर हर हाल में पहुंचना है। मुख्य मार्ग छोड़कर सभी ने दूसरे मार्गों से सफर तय करते हुए घर पहुंचने में कामयाबी पाई।
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कोहड़ौर थाना क्षेत्र के धरौली मुफरिद निवासी अयोध्या प्रसाद वर्मा, विक्रम वर्मा और सोनू वर्मा रोजी रोटी के सिलसिले में हरियाणा में रहते हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण की महामारी को देखते हुए देश में लाकडाउन लागू कर दिया गया।
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कुछ दिनों पहले घर जाने की अफवाह में वह भी फंस गए। फरीदाबाद से सभी को लौटना पड़ा। इसके बाद तीनों ने साइकिल से घर का रास्ता तय करने की ठानी। पांच दिन का सफर करने के बाद तीनों बुधवार को गांव पहुंचे। परिवार के लोगों से मिलने के बजाय सभी को प्राइमरी स्कूल में ही क्वारंटाइन कराया गया।
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रास्ते में सभी का मेडिकल चेकअप भी हुआ। तीनों ने बताया कि रास्ते में तमाम मुश्किलों को सामना करना पड़ा था। कभी लंगर में भोजन किया तो कभी बिस्किट खाकर रात व्यतीत की। उनका कहना था कि प्रदेश में पहुंचने के बाद चैन की सांस ली थी। यह तय कर लिया था कि घर हर हाल में पहुंचना है। मुख्य मार्ग छोड़कर सभी ने दूसरे मार्गों से सफर तय करते हुए घर पहुंचने में कामयाबी पाई।