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कृष्णा पटेल को किसने दिया गठबंधन तोड़ने का अधिकार!
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 08 Jul 2016 12:09 AM IST
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anupriya patel
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लखनऊ में बृहस्पतिवार को अपना दल के भाजपा से गठबंधन तोड़ने के ऐलान के बाद पार्टी को लेकर मां-बेटी में जुबानी जंग छिड़ गई है। मिर्जापुर से सांसद और केंद्रीय राज्य स्वास्थ्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने गठबंधन तोड़ने के एलान पर अपनी मां कृष्णा पटेल पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब वह अपना दल की अध्यक्ष ही नहीं हैं तो उन्हें गठबंधन तोड़ने का अधिकार किसने दे दिया। दावा किया अपना दल की अध्यक्ष वह खुद हैं और पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी उनके साथ हैं। बनारस में दो जुलाई को हुई रैली में यह साबित भी हो चुका है। उधर, कृष्णा गुट के अपना दल के प्रतापगढ़ से सांसद हरिवंश ने पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। गठबंधन तोड़ने के सवाल पर उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। उधर, कृष्णा पटेल फोन पर बताया कि अनुप्रिया अपने बचाव के लिए कुछ भी कह सकती हैं।
मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार से पहले मंत्री पद के लिए अनुप्रिया का नाम चर्चा में आने के बाद अपना दल के दोनों गुटों में खींचतान तेज हो गई थी। अपना दल के दोनों गुटों की प्रतापगढ़ समेत जौनपुर, सुल्तानपुर में भी अलग-अलग सभाएं और मीटिंग होती थी। अनुप्रिया की सभा के बाद कृष्णा पटेल भी पल्लवी पटेल के साथ सभा करती थीं। मंत्रीमंडल के विस्तार से कुछ ही दिनों पहले अनुप्रिया ने वाराणसी में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में रैली कर अपनी ताकत का एहसास कराया था। कार्यक्रम में बीजेपी अध्यक्ष की मौजूदगी के बाद ही यह मान लिया गया था कि अनुप्रिया का मंत्री बनना तय है। अंत में हुआ भी यही। कृष्णा पटेल का गुट इसका विरोध कर रहा था। अनुप्रिया के मंत्री बनने के बाद मां-बेटी के बीच चल रहा द्वंद्व खुलकर सामने आ गया। गुरुवार को लखनऊ में कृष्णा पटेल ने दारुलशफा ए ब्लाक के कॉमन हॉल में राष्ट्रीय व प्रदेश कार्यसमिति, मंडल और जिला अध्यक्षों की बैठक में भाजपा से गठबंधन तोड़ने की घोषणा कर दी। इस दौरान उन्होंने अनुप्रिया को मई 2015 में ही पार्टी से निष्कासित करने का दावा किया। आरोप लगाया कि वह अति महत्वाकांक्षी होने के साथ पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थीं।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कृष्णा पटेल के अपना दल के भाजपा से गठबंधन तोड़ने के बयान का खंडन किया। उन्होंने कहा कि अपना दल पूरी तरह से एनडीए गठबंधन के साथ है। अनुप्रिया ने बताया कि अपना दल के अध्यक्ष पद पर पूर्ण रूप से मुझे निर्वाचित किया गया है। कृष्णा पटेल भी अध्यक्ष पद पर दावा कर रही हैं। चूंकि अध्यक्ष का पद विवादित है। इसके समस्त प्रपत्र चुनाव आयोग में जमा हैं। इन प्रपत्रों के आधार पर स्वयं कृष्णा पटेल हाईकोर्ट गई हैं कि उन्हेें अध्यक्ष मान लिया जाए। पार्टी के समस्त पदाधिकारी और कार्यकर्ता मेरे साथ हैं। उधर, फोन पर हुई बातचीत में कृष्णा पटेल ने कहा कि जब गठबंधन हुआ था तो मैं अध्यक्ष थी। मेरी अध्यक्षता में सबकुछ हुआ था। अमित शाह के साथ मेरी फोटो अभी भी है। अनुप्रिया अपने बचाव के लिए कुछ भी कह सकती हैं।
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मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार से पहले मंत्री पद के लिए अनुप्रिया का नाम चर्चा में आने के बाद अपना दल के दोनों गुटों में खींचतान तेज हो गई थी। अपना दल के दोनों गुटों की प्रतापगढ़ समेत जौनपुर, सुल्तानपुर में भी अलग-अलग सभाएं और मीटिंग होती थी। अनुप्रिया की सभा के बाद कृष्णा पटेल भी पल्लवी पटेल के साथ सभा करती थीं। मंत्रीमंडल के विस्तार से कुछ ही दिनों पहले अनुप्रिया ने वाराणसी में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में रैली कर अपनी ताकत का एहसास कराया था। कार्यक्रम में बीजेपी अध्यक्ष की मौजूदगी के बाद ही यह मान लिया गया था कि अनुप्रिया का मंत्री बनना तय है। अंत में हुआ भी यही। कृष्णा पटेल का गुट इसका विरोध कर रहा था। अनुप्रिया के मंत्री बनने के बाद मां-बेटी के बीच चल रहा द्वंद्व खुलकर सामने आ गया। गुरुवार को लखनऊ में कृष्णा पटेल ने दारुलशफा ए ब्लाक के कॉमन हॉल में राष्ट्रीय व प्रदेश कार्यसमिति, मंडल और जिला अध्यक्षों की बैठक में भाजपा से गठबंधन तोड़ने की घोषणा कर दी। इस दौरान उन्होंने अनुप्रिया को मई 2015 में ही पार्टी से निष्कासित करने का दावा किया। आरोप लगाया कि वह अति महत्वाकांक्षी होने के साथ पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थीं।
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केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कृष्णा पटेल के अपना दल के भाजपा से गठबंधन तोड़ने के बयान का खंडन किया। उन्होंने कहा कि अपना दल पूरी तरह से एनडीए गठबंधन के साथ है। अनुप्रिया ने बताया कि अपना दल के अध्यक्ष पद पर पूर्ण रूप से मुझे निर्वाचित किया गया है। कृष्णा पटेल भी अध्यक्ष पद पर दावा कर रही हैं। चूंकि अध्यक्ष का पद विवादित है। इसके समस्त प्रपत्र चुनाव आयोग में जमा हैं। इन प्रपत्रों के आधार पर स्वयं कृष्णा पटेल हाईकोर्ट गई हैं कि उन्हेें अध्यक्ष मान लिया जाए। पार्टी के समस्त पदाधिकारी और कार्यकर्ता मेरे साथ हैं। उधर, फोन पर हुई बातचीत में कृष्णा पटेल ने कहा कि जब गठबंधन हुआ था तो मैं अध्यक्ष थी। मेरी अध्यक्षता में सबकुछ हुआ था। अमित शाह के साथ मेरी फोटो अभी भी है। अनुप्रिया अपने बचाव के लिए कुछ भी कह सकती हैं।
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