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Pratapgarh News: 8.85 मीट्रिक टन पराली प्रबंधन में जुटा कृषि विभाग
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पराली जलाने से पर्यावरण को हो रहे नुकसान से बचाव के लिए कृषि विभाग पराली प्रबंधन में जुट गया है। धान फसल की कटाई से 8.85 मीट्रिक टन पराली का उत्पादन हुआ है।
जिले में 1.64 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की फसल लगाई गई थी। उत्पादन 5.09 लाख मीट्रिक टन हुआ है। डीएम शिव सहाय अवस्थी के आदेश पर फसल अवशेष को जलाने से रोकने के लिए एडीएम आदित्य प्रजापति के पर्यवेक्षण में सचल दस्ते गठित किए गए हैं।
सचल दस्ता किसानों को फसल कटाई के समय अवशेष प्रबंधन के लिए सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, पैडी स्ट्राचापर समेत अन्य यंत्रों का प्रयोग करने की सलाह दे रहा है। यदि इन यंत्रों का प्रयोग किए बिना कटाई की जा रही है तो पराली को पशु चारा, कंपोस्ट खाद बनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
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किसान पराली को गोशालाओं में भी दान कर सकते हैं। उप कृषि निदेशक विनोद यादव ने बताया कि पराली जलाने पर किसानों पर जुर्माना लगाया जाएगा। पराली प्रबंधन में किसानों से सहयोग की मांग की गई है।
बॉयो गैस प्लांट निर्माण पर असमंजस
कुंडा के गोतनी में बॉयो गैस प्लांट निर्माण के लिए कार्य योजना तैयार की गई है। नेडा के पीओ को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। पत्रावली कुंडा तहसील को भेजी जा चुकी है। जमीन चिह्नांकन और बजट के अभाव में प्लांट निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। बायो गैस प्लांट बन जाने से पराली प्रबंधन आसानी से किया जा सकता है। पराली से बायोगैस के साथ जैविक खाद का उत्पादन होता।
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जिले में 1.64 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की फसल लगाई गई थी। उत्पादन 5.09 लाख मीट्रिक टन हुआ है। डीएम शिव सहाय अवस्थी के आदेश पर फसल अवशेष को जलाने से रोकने के लिए एडीएम आदित्य प्रजापति के पर्यवेक्षण में सचल दस्ते गठित किए गए हैं।
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सचल दस्ता किसानों को फसल कटाई के समय अवशेष प्रबंधन के लिए सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, पैडी स्ट्राचापर समेत अन्य यंत्रों का प्रयोग करने की सलाह दे रहा है। यदि इन यंत्रों का प्रयोग किए बिना कटाई की जा रही है तो पराली को पशु चारा, कंपोस्ट खाद बनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
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किसान पराली को गोशालाओं में भी दान कर सकते हैं। उप कृषि निदेशक विनोद यादव ने बताया कि पराली जलाने पर किसानों पर जुर्माना लगाया जाएगा। पराली प्रबंधन में किसानों से सहयोग की मांग की गई है।
बॉयो गैस प्लांट निर्माण पर असमंजस
कुंडा के गोतनी में बॉयो गैस प्लांट निर्माण के लिए कार्य योजना तैयार की गई है। नेडा के पीओ को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। पत्रावली कुंडा तहसील को भेजी जा चुकी है। जमीन चिह्नांकन और बजट के अभाव में प्लांट निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। बायो गैस प्लांट बन जाने से पराली प्रबंधन आसानी से किया जा सकता है। पराली से बायोगैस के साथ जैविक खाद का उत्पादन होता।