{"_id":"626c45ea983c246ba63556db","slug":"after-two-years-goodbye-prayers-were-offered-in-mosques-pratapgarh-news-ald3319900119","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो साल बाद मस्जिदों में अदा की गई अलविदा की नमाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो साल बाद मस्जिदों में अदा की गई अलविदा की नमाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रमजान के आखिरी जुमे को मस्जिदों में इमाम साहब ने अलविदा ओ अलविदा या सहर-ए-रमजान, खुतबा पढ़ा तो लोगों की आंखें नम हो गईं। अल्लाह को राजी करने वाले इस बरकती महीने के जुदा होने के गम में लोग फूट-फूटकर रोए और अल्लाह की बारगाह में दुआ की कि अगले साल उन्हें रमजान फिर मिले, ताकि वे अपने गुनाह माफ करा सकें। कोरोना काल के चलते दो वर्षों बाद मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा करने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था।
शुक्रवार को रमजान के आखिरी जुमा पर मस्जिदों में भीड़ उमड़ पड़ी। मस्जिदें नमाजियों से भरी थीं। शहर के सिप्तैन रोड स्थित जामा मस्जिद में पेश इमाम मौलाना रईस ने आंखों में आंसुओं के बीच कुरान के उस अंश को पढ़ा जिसमें रमजान को अलविदा कहा गया है तो लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए। ऐसे ही चांद तारा मस्जिद में पेश इमाम मोहम्मद इश्तियाक ने कहा कि जिस तरह रमजान के महीने में मस्जिद में भीड़ है, उसी तरह पूरे साल मस्जिदों को आबाद करें। पूरे पितई जोगापुर मस्जिद में मौलाना रियाज अहमद ने कहा कि इस माह में भी इबादत कर अपने रब को जो राजी नहीं कर पाए, वे बदकिस्मत हैं।
इस तरह गुलशने मदीना मसजिद में कारी शमीउल्ला, आजाद नगर मस्जिद में मौलाना मतीन ने नमाज अदा कराई। शहर की विभिन्न मस्जिदों में अकीदत के साथ अलविदा की नमाज अदा की गई। ऐसे ही शिया जामा मस्जिद सिप्तैन रोड में नमाज अदा की गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मस्जिदों के बाहर नमाज खत्म होने तक पुलिस फोर्स तैनात रही।
विज्ञापन
कोरोना महामारी के चलते दो साल से लॉकडाउन के चलते अलविदा की नमाज मस्जिदों में सिर्फ चंद लोग ही अदा कर रहे थे। इस बार संक्रमण कम होने के बाद सरकार की ओर से छूट मिलने पर हर कोई अलविदा की नमाज अदा करने के लिए बेकरार दिखा। जुमे की नमाज अदा करने के बाद दुआ में लोगों ने अल्लाह से अपने गुनाहों की तौबा करने के साथ ही देश में अमन-चैन व महामारी के खात्मे की दुआएं मांगीं।
विज्ञापन
शुक्रवार को रमजान के आखिरी जुमा पर मस्जिदों में भीड़ उमड़ पड़ी। मस्जिदें नमाजियों से भरी थीं। शहर के सिप्तैन रोड स्थित जामा मस्जिद में पेश इमाम मौलाना रईस ने आंखों में आंसुओं के बीच कुरान के उस अंश को पढ़ा जिसमें रमजान को अलविदा कहा गया है तो लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए। ऐसे ही चांद तारा मस्जिद में पेश इमाम मोहम्मद इश्तियाक ने कहा कि जिस तरह रमजान के महीने में मस्जिद में भीड़ है, उसी तरह पूरे साल मस्जिदों को आबाद करें। पूरे पितई जोगापुर मस्जिद में मौलाना रियाज अहमद ने कहा कि इस माह में भी इबादत कर अपने रब को जो राजी नहीं कर पाए, वे बदकिस्मत हैं।
विज्ञापन
इस तरह गुलशने मदीना मसजिद में कारी शमीउल्ला, आजाद नगर मस्जिद में मौलाना मतीन ने नमाज अदा कराई। शहर की विभिन्न मस्जिदों में अकीदत के साथ अलविदा की नमाज अदा की गई। ऐसे ही शिया जामा मस्जिद सिप्तैन रोड में नमाज अदा की गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मस्जिदों के बाहर नमाज खत्म होने तक पुलिस फोर्स तैनात रही।
विज्ञापन
कोरोना महामारी के चलते दो साल से लॉकडाउन के चलते अलविदा की नमाज मस्जिदों में सिर्फ चंद लोग ही अदा कर रहे थे। इस बार संक्रमण कम होने के बाद सरकार की ओर से छूट मिलने पर हर कोई अलविदा की नमाज अदा करने के लिए बेकरार दिखा। जुमे की नमाज अदा करने के बाद दुआ में लोगों ने अल्लाह से अपने गुनाहों की तौबा करने के साथ ही देश में अमन-चैन व महामारी के खात्मे की दुआएं मांगीं।