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हथिगवां पुलिस के खिलाफ तहसील में तालाबंदी, सीओ एसडीएम का घेराव
pratapgarh
Updated Wed, 19 Sep 2018 11:35 PM IST
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कुंडा। हथिगवां पुलिस के खिलाफ तहसील में अधिवक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। सभी कार्यालयों में तालाबंदी के साथ ही मेन गेट पर भी ताला जड़ दिया। काफी देर बाद एसडीएम व सीओ कोतवाली के शार्टकट रास्ते से अंदर घुसे तो अधिवक्ताओं ने उनका घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान काफी समझाने बुझाने के बाद पकड़े गए अधिवक्ता को छोड़ने और विपक्षियों पर एससीएसटी का मुकदमा दर्ज किए जाने की सहमति दिए जाने पर अधिवक्ता शांत हुए। हथिगवां थाना क्षेत्र के महरूपुर गांव निवासी दिलीप कुमार सरोज पुत्र माताफेर तहसील में अधिवक्ता हैं। मंगलवार की रात में हथिगवां पुलिस दो गाड़ियों से अधिवक्ता के घर पहुंची। इस दौरान पुलिस ने घर की तलाशी लेने की बात कही। इस पर अधिवक्ता ने तलाशी लेने का कारण और सर्च वारंट होने की बात पूछी तो पुलिसकर्मी भड़क गए।
इसके बाद पुलिस सहित उनके कुछ विपक्षी भी उसके घर में घुस गए और तलाशी के नाम पर महिलाओं से अभद्रता करते हुए तोड़फोड़ की। इसके साथ ही अधिवक्ता दिलीप, उनके भाई और चाचा को कच्छे-बनियान में ही लेकर थाने गई। सुबह इसकी जानकारी तहसील के अधिवक्ताओं को हुई तो उन्होंने हथिगवां एसओ से बात की। घटना की बाबत एसओ ने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। इस पर अधिवक्ता नाराज हो गए और तहसील में तालाबंदी कराते हुए जमकर नारेबाजी की। इसके बाद तहसील का मेन गेट भी बंद कर दिया गया। करीब दो घंटे बाद सीओ राधेश्याम और एसडीएम विजय पाल सिंह कोतवाली की तरफ से तहसील में पहुंचे तो अधिवक्ताओं ने उन्हें घेर लिया और हथिगवां एसओ को बुलाने की बात कहने लगे। बाद में अफसरों के समझाने पर वकील शांत हुए। इसके बाद अधिवक्ताओं ने घटना की जांच कराने के साथ ही विपक्षियों पर एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की ।
इस दौरान अध्यक्ष तीर्थराज मिश्र, महामंत्री रमाकांत त्रिपाठी, दिनेश बहादुर सिंह, बृजेंद्रमणि त्रिपाठी, विजय कुमार त्रिपाठी, संजय पांडेय, केके सिंह, सुनील त्रिपाठी, शीतला प्रसाद यादव, योगेश कुमार त्रिपाठी, प्यारेलाल यादव, हरिओम मिश्र, रवि प्रताप सिंह, अशोक पांडेय सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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इसके बाद पुलिस सहित उनके कुछ विपक्षी भी उसके घर में घुस गए और तलाशी के नाम पर महिलाओं से अभद्रता करते हुए तोड़फोड़ की। इसके साथ ही अधिवक्ता दिलीप, उनके भाई और चाचा को कच्छे-बनियान में ही लेकर थाने गई। सुबह इसकी जानकारी तहसील के अधिवक्ताओं को हुई तो उन्होंने हथिगवां एसओ से बात की। घटना की बाबत एसओ ने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। इस पर अधिवक्ता नाराज हो गए और तहसील में तालाबंदी कराते हुए जमकर नारेबाजी की। इसके बाद तहसील का मेन गेट भी बंद कर दिया गया। करीब दो घंटे बाद सीओ राधेश्याम और एसडीएम विजय पाल सिंह कोतवाली की तरफ से तहसील में पहुंचे तो अधिवक्ताओं ने उन्हें घेर लिया और हथिगवां एसओ को बुलाने की बात कहने लगे। बाद में अफसरों के समझाने पर वकील शांत हुए। इसके बाद अधिवक्ताओं ने घटना की जांच कराने के साथ ही विपक्षियों पर एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की ।
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इस दौरान अध्यक्ष तीर्थराज मिश्र, महामंत्री रमाकांत त्रिपाठी, दिनेश बहादुर सिंह, बृजेंद्रमणि त्रिपाठी, विजय कुमार त्रिपाठी, संजय पांडेय, केके सिंह, सुनील त्रिपाठी, शीतला प्रसाद यादव, योगेश कुमार त्रिपाठी, प्यारेलाल यादव, हरिओम मिश्र, रवि प्रताप सिंह, अशोक पांडेय सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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