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Pratapgarh News: तदर्थ शिक्षकों को बारह माह से नहीं मिल रहा वेतन, पठन-पाठन प्रभावित

Fri, 21 Jul 2023 09:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Updated Fri, 21 Jul 2023 09:01 PM IST
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Ad hoc teachers are not getting salary for twelve months, teaching and learning affected
जिले के 78 एडेड कॉलेजों में तैनात हैं 512 तदर्थ शिक्षक
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वेतन भुगतान के लिए एक माह से लखनऊ स्थित शिक्षा निदेशालय पर दे रहे हैं धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। जिले के सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में तैनात तदर्थ शिक्षकों को बारह माह से वेतन नहीं मिल रहा है। इसलिए वह काम पर नहीं आ रहे हैं, जिससे पठन-पाठन की व्यवस्था चरमरा गई है। एक माह से तदर्थ लखनऊ स्थित शिक्षा निदेशालय पर वेतन भुगतान की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे कॉलेजों में अभी तक शिक्षण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। कॉलेजों में दाखिले पर भी असर पड़ रहा है।





जिले के 78 इंटर कॉलेजों में से 67 में तदर्थ शिक्षक तैनात हैं। इनकी कुल संख्या 512 है। इसमें वर्ष 2000 के पहले के 186 और उसके बाद के 336 हैं। इन शिक्षकों को जुलाई 2022 से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान की मांग को लेकर वह 24 जून से लखनऊ स्थित शिक्षा निदेशालय पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। जिले के अधिकांश तदर्थ शिक्षक धरने में शामिल हैं, जिससे कॉलेजों में पठन-पाठन में व्यवधान उत्पन्न हो गया है। अधिकांश कॉलेज ऐसे हैं, जिनमें तदर्थ शिक्षकों की संख्या अधिक और नियमित शिक्षकों की संख्या गिनी-चुनी है। ऐसे में कॉलेज आने वाले छात्र-छात्राओं को निराश होना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि शासन ने बगैर किसी आदेश के वेतन भुगतान पर रोक लगाया है।
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20-20 साल से नौकरी कर रहे हैं तदर्थ शिक्षक
अशासकीय सहायता प्राप्त कॉलेजों में 20-20 साल से लोग तदर्थ शिक्षक के रूप में नौकरी कर रहे हैं। उन्हें नियमित शिक्षकों की भांति वेतन भत्ते प्राप्त हो रहे थे। शासन ने वर्ष 2000 के बाद चयनित तदर्थ शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दिया है, जिससे उनकी समस्याएं बढ़ गई हैं।
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आयोग के फेल होने पर प्रबंधकों ने की थी नियुक्तियां


अशासकीय सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति करने में जब माध्यमिक चयन सेवा आयोग फेल हो गया, तो प्रबंधकों ने योग्यता रखने वाले शिक्षकों की नियुक्ति कर ली थी। इसमें नियम था कि आयोग से शिक्षक की तैनाती हो जाने के बाद तदर्थ शिक्षक की नौकरी स्वत: समाप्त हो जाएगी, लेकिन आयोग से शिक्षक नहीं आने पर वह अभी तक कार्य कर रहे हैं।




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तदर्थ शिक्षकों के वेतन भुगतान का मामला शासन में विचाराधीन है। शीर्ष अधिकारियों का जो निर्णय होगा, उसी के मुताबिक अगला कदम उठाया जाएगा।
सरदार सिंह, डीआईओएस
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