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वकीलों ने फूंका तहसीलदार का पुतला
Pratapgarh
Updated Thu, 27 Mar 2014 05:30 AM IST
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रानीगंज। गलत फैसले से नाराज वकीलों ने तहसीलदार का पुतला फूंका और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिलाधिकारी से फैसले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। ऐलान किया कि जब तक प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं होती तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
तहसील के घाटमपुर गांव निवासी बेनीमाधव बनाम उमापति के जमीन संबंधी वाद में गलत फैसले का आरोप लगाते हुए वकील सोमवार से ही आंदोलन की राह पर हैं। वकीलों का आरोप है कि तहसीलदार ने रुपये लेने के बाद भी गलत फैसला किया है। इसी मामले को लेकर बुधवार की दोपहर अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में तहसीलदार भगवानदास का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन प्रकरण को गंभीरता से नहीं ले रहा है। तहसीलदार के कृत्य से लोगों का न्याय से भरोसा उठ जाएगा। ऐसे अधिकारी के रहते लोगों को निष्पक्ष इंसाफ मिल पाना संभव नहीं है। एसडीएम ने कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा था लेकिन, दो दिन बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में जिलाधिकारी द्वारा जांच कराकर कार्रवाई होने तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर देवेश प्रताप सिंह, शिवेंद्र प्रताप सिंह, वसीम अहमद, बसंत कुमार, अजय उपाध्याय, जूबाए अध्यक्ष सुरेश यादव, संतोष सिंह, अरविंद, राघवेंद्र प्रताप सिंह, आशीष उपाध्याय समत अन्य लोग मौजूद रहे।
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तहसील के घाटमपुर गांव निवासी बेनीमाधव बनाम उमापति के जमीन संबंधी वाद में गलत फैसले का आरोप लगाते हुए वकील सोमवार से ही आंदोलन की राह पर हैं। वकीलों का आरोप है कि तहसीलदार ने रुपये लेने के बाद भी गलत फैसला किया है। इसी मामले को लेकर बुधवार की दोपहर अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में तहसीलदार भगवानदास का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन प्रकरण को गंभीरता से नहीं ले रहा है। तहसीलदार के कृत्य से लोगों का न्याय से भरोसा उठ जाएगा। ऐसे अधिकारी के रहते लोगों को निष्पक्ष इंसाफ मिल पाना संभव नहीं है। एसडीएम ने कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा था लेकिन, दो दिन बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में जिलाधिकारी द्वारा जांच कराकर कार्रवाई होने तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर देवेश प्रताप सिंह, शिवेंद्र प्रताप सिंह, वसीम अहमद, बसंत कुमार, अजय उपाध्याय, जूबाए अध्यक्ष सुरेश यादव, संतोष सिंह, अरविंद, राघवेंद्र प्रताप सिंह, आशीष उपाध्याय समत अन्य लोग मौजूद रहे।
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