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लाडो की शादी में गिरवी नहीं होगी पगड़ी
Pratapgarh
Updated Fri, 22 Mar 2013 05:30 AM IST
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प्रतापगढ़। गरीबों के लिए राहत भरी खबर है। शादी अनुदान की रकम अब विवाह के दो हफ्ते पूर्व मिलेगी। विवाह के बाद भी इस पैसे के लिए चक्कर काटने से पात्रों को मुक्ति मिल गई है। मुफलिसों की दिक्कत को देखते हुए शासन ने यह फैसला लिया है। निदेशक समाज कल्याण हरिलाल का पत्र डीएम ने समाज कल्याण विभाग को भेजकर तत्काल अमल करने को कहा है।
बिटिया की शादी में शासन से मदद के लिए किए गए आवेदन का समय पर लाभ न मिलना गरीबों को अखर रहा था। शादी के कई माह बाद उन्हें रकम मिलती थी। इससे लोगों को कर्ज लेकर शादी करनी पड़ती थी। शादी अनुदान की रकम मिलने पर कर्ज के साथ ब्याज भी चुकता करना पड़ता था। सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए नियमों में बदलाव कर दिया है। बिटिया की शादी में अब 10 हजार रुपए कम पड़ने पर उन्हें कर्ज या पगड़ी गिरवी नहीं रखनी पड़ेगी। शादी का कार्ड छपने के बाद अनुदान के लिए समाज कल्याण विभाग में आवेदन कर दें। विभाग जांच पड़ताल के बाद विवाह के 15 दिन पूर्व शादी अनुदान की रकम पात्र के बैंक खाते में भेज देगा। डीएम विद्याभूषण ने समाज कल्याण विभाग को इस पर तत्काल अमल का निर्देश दिया है।
समाज कल्याण अधिकारी जितेंद्र सिंह के मुताबिक नए नियम पर अमल शुरू हो गया है। ब्लाकों में भी पत्र भेज दिया गया है। लोगों को चाहिए कि वे बिचौलियों के बजाए सीधे आवेदन करें। बाकी काम विभाग खुद कर लेगा। उन्हें शादी अनुदान का लाभ लेने के लिए किसी को पैसा देने की जरूरत नहीं है।
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बिटिया की शादी में शासन से मदद के लिए किए गए आवेदन का समय पर लाभ न मिलना गरीबों को अखर रहा था। शादी के कई माह बाद उन्हें रकम मिलती थी। इससे लोगों को कर्ज लेकर शादी करनी पड़ती थी। शादी अनुदान की रकम मिलने पर कर्ज के साथ ब्याज भी चुकता करना पड़ता था। सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए नियमों में बदलाव कर दिया है। बिटिया की शादी में अब 10 हजार रुपए कम पड़ने पर उन्हें कर्ज या पगड़ी गिरवी नहीं रखनी पड़ेगी। शादी का कार्ड छपने के बाद अनुदान के लिए समाज कल्याण विभाग में आवेदन कर दें। विभाग जांच पड़ताल के बाद विवाह के 15 दिन पूर्व शादी अनुदान की रकम पात्र के बैंक खाते में भेज देगा। डीएम विद्याभूषण ने समाज कल्याण विभाग को इस पर तत्काल अमल का निर्देश दिया है।
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समाज कल्याण अधिकारी जितेंद्र सिंह के मुताबिक नए नियम पर अमल शुरू हो गया है। ब्लाकों में भी पत्र भेज दिया गया है। लोगों को चाहिए कि वे बिचौलियों के बजाए सीधे आवेदन करें। बाकी काम विभाग खुद कर लेगा। उन्हें शादी अनुदान का लाभ लेने के लिए किसी को पैसा देने की जरूरत नहीं है।
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