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‘दस’ का स्टांप ‘पचास’ में बिका

Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
Pratapgarh
Pratapgarh Updated Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
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प्रतापगढ़। जिले की पांचों तहसीलों में गुरुवार को दस, बीस और पचास रुपये के स्टांप खत्म हो गए। विद्यार्थियों को निवास प्रमाणपत्र में शपथपत्र दाखिल करने के लिए अचानक बढ़ी स्टांप की मांग से कोषागार भी खाली हो गया। तहसीलों में आलम यह रहा कि दस रुपये का स्टांप पचास रुपये में बिका। दोपहर बाद स्टांप खत्म होने से परेशान छात्रों को निराश होना पड़ा।
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छात्रवृत्ति ने लिए समाज कल्याण विभाग के नए फरमान ने विद्यार्थियों को मुसीबत में डाल दिया है। तीन माह पूर्व जाति और आय प्रमाणपत्र लेने वाला विभाग अब विद्यार्थियों से निवास प्रमाणपत्र मांग रहा है। विभागीय अधिकारियों ने 31 जनवरी तक समय दिया है। गुरुवार को निवास प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे विद्यार्थियों और अभिभावकों को शपथपत्र देने के लिए दस रुपये स्टांप की मांग बढ़ गई। स्टांप विक्रेता अधिक मांग देख विद्यार्थियों का शोषण करने से नहीं बाज आए। विद्यार्थियों की बातों पर यकीन करें तो दस रुपये का स्टांप पचास-पचास रुपये में बिका। अधिकांश तहसीलों में दस रुपये का स्टांप खत्म होने पर विद्यार्थियों ने बीस रुपये का स्टांप प्रयोग किया। पट्टी, सदर, रानीगंज और लालगंज में दोपहर तक दस, बीस और पचास रुपये का स्टांप खोजे नहीं मिला। इससे निवास प्रमाणपत्र और शपथपत्र बनवाने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों को वापस होना पड़ा। वरिष्ठ कोषाधिकारी अवनीशचंद्र द्विवेदी ने बताया कि दस, बीस और पचास रुपये के स्टांप गुरुवार को अचानक खत्म हो गए। इसकी मांग इलाहाबाद से की गई। देरशाम यह कोषागार पहुंच भी गए। सोमवार से तहसीलों में यह स्टांप उपलब्ध रहेंगे।
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