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बीएड की डिग्री निकली फर्जी, शिक्षक बर्खास्त

Mon, 14 Jan 2019 07:13 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jan 2019 07:13 PM IST
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बीएड की डिग्री निकली फर्जी, शिक्षक बर्खास्त
बीएड की डिग्री निकली फर्जी, शिक्षक बर्खास्त
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मार्च 2018 तक वेतन लेने वाले शिक्षक से होगी रिकवरी
बीईओ को केस दर्ज कराने का बीएसए ने दिया निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। बीएड की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी हासिल करने वाले सहायक अध्यापक को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। सत्यापन में खुलासा होने पर यह कार्रवाई की गई है। मार्च 2018 तक वेतन लेने वाले सहायक अध्यापक से रिकवरी और मुकदमा दर्ज कराने का आदेश बीएसए ने बीईओ को दिया है।
15 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में कौशाम्बी जिले के चायल के गिरिया खालसा निवासी वीरन सिंह पुत्र राजाराम ने सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल कर ली थी। बीएड की फर्जी डिग्री लगाकर 28 जून 2016 को बाबागंज विकास खंड के प्राइमरी स्कूल पूरेशुक्लन में सहायक अध्यापक पद पर तैनाती हासिल की थी। अभिलेखों को सत्यापन के लिए भेजते ही एक अक्तूबर 2016 से सहा. अध्यापक स्कूल छोड़कर फरार हो गया। इधर, बुंदेलखंड विवि झांसी से बीएड की डिग्री फर्जी होने की रिपोर्ट आने पर विभाग अध्यापक की खोज करने लगा। मार्च 2018 तक वेतन लेने वाले शिक्षक को बीएसए ने बर्खास्त करने के साथ ही बीईओ बाबागंज को केस दर्ज कराने को कहा है। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षक ने वेतन के रूप में दो धनराशि ली है, उसकी रिकवरी की जाएगी।
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हाई कटऑफ मेरिट शिक्षामित्रों को बाहर करने की चाल : रीना
हाईकोर्ट में दाखिल हुई याचिका, 17 जनवरी को होगी सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष रीना सिंह ने कहा है कि 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती से शिक्षामित्रों को बाहर करने के लिए कटऑफ मेरिट हाई कर दी गई है। साथियों को भरोसा दिलाया कि उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अर्जी दाखिल की गई है। 17 जनवरी को मामले की सुनवाई होगी।
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बीएसए कार्यालय में सोमवार को हुई बैठक में जिलाध्यक्ष रीना सिंह ने कहा कि विज्ञापन जारी करते समय कटआफ मेरिट तो नहीं जारी की गई और जब परीक्षा समाप्त हो गई तो कटऑफ जारी की जा रही है। कहा कि न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है कि उनके साथ ज्यादती नहीं होने पाएगी। जिलामंत्री रामकृष्ण विश्वकर्मा ने कहा कि शिक्षामित्रों को बाहर करने की योगी सरकार की यह चाल है। बैठक में जिलाध्यक्ष ने बताया कि अक्तूबर का मानदेय खाते में भेजा गया है, जबकि नवंबर और दिसंबर का मानदेय की ग्रांट आते ही भेजा जाएगा। बैठक में गंगाराम दुबे, रमाकांत तिवारी, सुरेश, अनिल, राजेंद्र, अनीस अहमद, रामस्नेही, दर्शनलाल, शिवशंकर, कमलेंद्र सिंह, राजकुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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