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बेलाल के साथी को पुलिस ने उठाया, हड़कंप
Updated Thu, 15 Jun 2017 07:07 PM IST
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प्रतापगढ़। मंगलवार को कचहरी में पेशी से लौट रहे बंदी बेलाल पर फायर झोंकने के मामले की छानबीन कर रही पुलिस ने उसके एक साथी को पूछताछ के लिए उठाया है।
पुलिस घटना के वक्त कचहरी के आसपास चालू मोबाइल बीटीएस के बारे में भी पता लगा रही है। पुलिस का शक अब यकीन में बदल रहा है कि बेलाल ने ही अपने साथियों की मदद से घटना को अंजाम दिलाया था। ताकि विरोधी अल्ताफ को फंसाया जा सके।
मंगलवार को लूट व जानलेवा हमले के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध शातिर बंदी बेलाल अहमद को पुलिस कोर्ट में पेश करने के लिए लाई थी। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे लोअर लाकअप की ओर ले जा रही थी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के करीब बाइक सवार दो बदमाशों ने उस पर तमंचे से फायर कर दिया। गोली सिपाही को जा लगी। घटना के तीसरे दिन पुलिस ने बेलाल के एक साथी को उठा लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि पुलिस किसी को उठाने की बात से इनकार कर रही है।
सूत्रों की मानें तो पुलिस घटना के समय कचहरी में प्रयोग होने वाले संदिग्ध नंबरों का ब्यौरा जुटा रही है। पुलिस के हाथ एक नंबर लगा है। जिसकी जांच की जा रही है। कोतवाली पुलिस ने जेल में निरुद्ध बेलाल से मिलने वालों की भी डिटेल निकाली है, ताकि ऐसे लोगों से पूछताछ की जा सके। पुलिस का शक अब यकीन में बदलने लगा है कि बेलाल ने अपने साथियों के साथ हमला कराया था ताकि अपने विरोधी अल्ताफ को फंसाया जा सके। प्रभारी कोतवाल ने बताया कि अभी छानबीन चल रही है।
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पेशी के दौरान मिलने वालों पर निगाह
नैनी जेल से स्थानांतरित होकर जिला कारागार लाए गए शातिर बंदी बेलाल अहमद की पेशी अब तक तीन बार कोर्ट में हो चुकी है। पुलिस अब इसके बारे में जानकारी जुटा रही है कि कोर्ट में पेशी के दौरान उससे कौन-कौन लोग मिलने आए थे। गुरुवार को पेशी के दौरान बेलाल से मिलने के लिए कौन आया था। मई माह में दो बार बेलाल की पेशी कोर्ट में हुई है।
एसपी ने बहादुरी के लिए दिया सिपाहियों को इनाम
पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने मंगलवार को कचहरी परिसर में बाइक सवार बदमाशों की फायरिंग के दौरान साहस का परिचय देने वाले सिपाहियों को इनाम दिया है। एसपी ने आरक्षी हरेंद्र प्रसाद यादव, आरक्षी नफीस अहमद, सुदर्शन यादव, महेंद्र सिंह और आरक्षी गुलाबधर पांडेय को 25 सौ रुपये का नगद ईनाम देने के अलावा प्रशस्ति पत्र देते हुए उच्च अधिकारियों को आदम्य साहस का परिचय देने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने का पत्र भेजा है।
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पुलिस घटना के वक्त कचहरी के आसपास चालू मोबाइल बीटीएस के बारे में भी पता लगा रही है। पुलिस का शक अब यकीन में बदल रहा है कि बेलाल ने ही अपने साथियों की मदद से घटना को अंजाम दिलाया था। ताकि विरोधी अल्ताफ को फंसाया जा सके।
मंगलवार को लूट व जानलेवा हमले के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध शातिर बंदी बेलाल अहमद को पुलिस कोर्ट में पेश करने के लिए लाई थी। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे लोअर लाकअप की ओर ले जा रही थी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के करीब बाइक सवार दो बदमाशों ने उस पर तमंचे से फायर कर दिया। गोली सिपाही को जा लगी। घटना के तीसरे दिन पुलिस ने बेलाल के एक साथी को उठा लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि पुलिस किसी को उठाने की बात से इनकार कर रही है।
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सूत्रों की मानें तो पुलिस घटना के समय कचहरी में प्रयोग होने वाले संदिग्ध नंबरों का ब्यौरा जुटा रही है। पुलिस के हाथ एक नंबर लगा है। जिसकी जांच की जा रही है। कोतवाली पुलिस ने जेल में निरुद्ध बेलाल से मिलने वालों की भी डिटेल निकाली है, ताकि ऐसे लोगों से पूछताछ की जा सके। पुलिस का शक अब यकीन में बदलने लगा है कि बेलाल ने अपने साथियों के साथ हमला कराया था ताकि अपने विरोधी अल्ताफ को फंसाया जा सके। प्रभारी कोतवाल ने बताया कि अभी छानबीन चल रही है।
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पेशी के दौरान मिलने वालों पर निगाह
नैनी जेल से स्थानांतरित होकर जिला कारागार लाए गए शातिर बंदी बेलाल अहमद की पेशी अब तक तीन बार कोर्ट में हो चुकी है। पुलिस अब इसके बारे में जानकारी जुटा रही है कि कोर्ट में पेशी के दौरान उससे कौन-कौन लोग मिलने आए थे। गुरुवार को पेशी के दौरान बेलाल से मिलने के लिए कौन आया था। मई माह में दो बार बेलाल की पेशी कोर्ट में हुई है।
एसपी ने बहादुरी के लिए दिया सिपाहियों को इनाम
पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने मंगलवार को कचहरी परिसर में बाइक सवार बदमाशों की फायरिंग के दौरान साहस का परिचय देने वाले सिपाहियों को इनाम दिया है। एसपी ने आरक्षी हरेंद्र प्रसाद यादव, आरक्षी नफीस अहमद, सुदर्शन यादव, महेंद्र सिंह और आरक्षी गुलाबधर पांडेय को 25 सौ रुपये का नगद ईनाम देने के अलावा प्रशस्ति पत्र देते हुए उच्च अधिकारियों को आदम्य साहस का परिचय देने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने का पत्र भेजा है।