प्रतापगढ़ में बनेंगे 80 नए फीडर, दूर होगी बिजली की समस्या
शहर में बिजली का रोस्टर 24 व गांवों में 18 घंटे का है। शहर में बिजली व्यवस्था काफी हद तक सही हो गई है, मगर ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था में अभी सुधार नहीं हो सका है। फीडर, पैनल, ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड है। एचटी व एलटी लाइनें भी बदहाल हैं।
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शहर में बिजली का रोस्टर 24 व गांवों में 18 घंटे का है। शहर में बिजली व्यवस्था काफी हद तक सही हो गई है, मगर ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था में अभी सुधार नहीं हो सका है। फीडर, पैनल, ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड है। एचटी व एलटी लाइनें भी बदहाल हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को रोस्टर के मुताबिक बिजली नहीं मिल पाती है। सबसे ज्यादा दिक्कत गर्मी के दिनों में होती है। लोड बढ़ने पर बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है। उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ता है। फीडर फुंकने की समस्या अधिक रहती है। दरअसल, फीडरों पर क्षमता से अधिक लोड है। उनके भार को कम करने के लिए विभाग ने 80 नए फीडर बनाने की योजना तैयार की है।
पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत उन उपकेंद्रों की सूची तैयार की गई है जहां इन फीडरों को बनाया जाना है। जिले के चारों डिवीजन में 80 फीडरों का निर्माण होगा। विभागीय टीम द्वारा कागजी औपचारिकता पूर्ण की जा रही है। सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही जिले की बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव दिखेगा। विभाग का मानना है कि नए फीडर बनने के बाद आपूर्ति व्यवस्था में दिक्कत नहीं आएगी। व्यवस्था में काफी सुधार होगा। अधीक्षण अभियंता सत्यदेव ने बताया कि विभागीय टीमें रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। जल्द काम शुरू करा दिया जाएगा।