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तीन दलालों को हवालात में किया बंद, छोड़ा
Updated Sat, 23 Dec 2017 08:01 PM IST
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प्रतापगढ़। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को बरगलाकर प्राइवेट अस्पताल लेकर जाने या फिर इलाज के नाम पर उनसे धनउगाही करने वाले तीन दलालों को जिला अस्पताल चौकी इंचार्ज ने कोतवाली के हवालात में डाल दिया। इनका आरोप है कि चौकी इंचार्ज उनसे वसूली करते थे, खुद ही दलाली करने की छूट दे रखे थे। पैैसा अधिक मांग रहे थे। मनमानी पैैसा न देने के कारण उन्हें हवालात में डाल दिया गया।
बताया जाता है कि मानधाता क्षेत्र के तीन युवक जिला अस्पताल के चौकी इंचार्ज के संरक्षण में जिला अस्पताल में दलाली करते थे। मरीजों की मदद करते थे। जो कुछ वे देते थे उसे रख लेते थे। एक युवक की माने तो दिनभर जो भी कमाते थे उसमें से डेढ़ सौ रुपये जिला अस्पताल के चौकी इंचार्ज को देते थे। इसके साथ ही भरपेट नाश्ता करवाते थे। चंदा मिलाकर खाना के नाम पर भी पैसा देते थे। इसके बावजूद चौकी इंचार्ज तीन सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पैसों की मांग कर रहे थे। तीन सौ देने से इनकार करने पर वह तीनों लोगों को जिला अस्पताल गेट के सामने स्थित एक मेडिकल स्टोर के पास से पकड़कर कोतवाली के हवालात में डाल दिए। खबर मिलते ही तीन आरोपियों के परिजन कोतवाली पहुंच गए।
इल्जाम है कि जब चौकी इंचार्ज पर आरोप लगाना शुरू किया तो शांतिभंग में चालान कर दिया गया। तीनों अपने-अपने घर चले गए। एक आरोपी युवक की मानी जाए तो अभी भी कई दलाल ऐसे हैं जो पुलिस की मदद से अस्पताल में दलाली कर रहे हैं। हालांकि जिला अस्पताल के चौकी इंचार्ज आरोपों को सिरे से खारिज कर दे रहे हैं। इनका कहना है कि कार्रवाई की गई। इसके चलते उनपर आरोप लगाए जा रहे हैं। शुक्रवार को निरीक्षण करने के लिए सीडीओ अस्पताल आए थे। उन्होंने दलालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
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बताया जाता है कि मानधाता क्षेत्र के तीन युवक जिला अस्पताल के चौकी इंचार्ज के संरक्षण में जिला अस्पताल में दलाली करते थे। मरीजों की मदद करते थे। जो कुछ वे देते थे उसे रख लेते थे। एक युवक की माने तो दिनभर जो भी कमाते थे उसमें से डेढ़ सौ रुपये जिला अस्पताल के चौकी इंचार्ज को देते थे। इसके साथ ही भरपेट नाश्ता करवाते थे। चंदा मिलाकर खाना के नाम पर भी पैसा देते थे। इसके बावजूद चौकी इंचार्ज तीन सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पैसों की मांग कर रहे थे। तीन सौ देने से इनकार करने पर वह तीनों लोगों को जिला अस्पताल गेट के सामने स्थित एक मेडिकल स्टोर के पास से पकड़कर कोतवाली के हवालात में डाल दिए। खबर मिलते ही तीन आरोपियों के परिजन कोतवाली पहुंच गए।
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इल्जाम है कि जब चौकी इंचार्ज पर आरोप लगाना शुरू किया तो शांतिभंग में चालान कर दिया गया। तीनों अपने-अपने घर चले गए। एक आरोपी युवक की मानी जाए तो अभी भी कई दलाल ऐसे हैं जो पुलिस की मदद से अस्पताल में दलाली कर रहे हैं। हालांकि जिला अस्पताल के चौकी इंचार्ज आरोपों को सिरे से खारिज कर दे रहे हैं। इनका कहना है कि कार्रवाई की गई। इसके चलते उनपर आरोप लगाए जा रहे हैं। शुक्रवार को निरीक्षण करने के लिए सीडीओ अस्पताल आए थे। उन्होंने दलालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
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