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अब शासन करेगा दुकानों के ध्वस्तीकरण का फैसला

Sun, 13 Jan 2019 12:12 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jan 2019 12:12 AM IST
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अब शासन करेगा दुकानों के ध्वस्तीकरण का फैसला
अब शासन करेगा दुकानों के ध्वस्तीकरण का फैसला
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जिला प्रशासन ने शासन को भेजी रिपोर्ट
मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए चल रही कवायद, नगर पालिका को संस्तुति के लिए भेजा गया नक्शा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिला व महिला अस्पताल की जमीन पर बनी 60 दुकानों पर जिला प्रशासन कोई फैसला नहीं कर सका है। मामला उलझते देख राजस्व विभाग की रिपोर्ट को जिलाधिकारी ने सीधे शासन को भेजते हुए अग्रिम कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन मांगा है। प्रस्तावित मेडिकल कालेज निर्माण के लिए नगर पालिका को नक्शा पास करने के लिए भेजा गया है।
जिला व महिला अस्पताल के साथ ही क्षय रोग की जमीन पर मेडिकल कॉलेज बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए कवायद जारी है। शिक्षण के लिए पूरे केशवराय में निर्माण भी प्रारंभ हो गया है। चूंकि जिला व महिला अस्पताल की जमीन कई साल पहले दान में दी गई थी। राजस्व विभाग का दावा है कि दोनों अस्पतालों के बाहरी छोर पर 60 दुकानें जो बनी हैं, वह अस्पताल की जमीन में हैं। इन दुकानों का राजस्व विभाग में कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है। मेडिकल कालेज के लिए प्रस्तावित जमीन की खोजबीन के दौरान यह मामला सामने आया था। व्यापारियों ने दुकानों के ध्वस्तीकरण की आशंका को देखते हुए प्रदर्शन करते हुए इंसाफ मांगा था। सूत्रों की मानें तो राजस्व विभाग ने अपनी जांच में 60 दुकानों को अस्पताल की जमीन पर बना पाया था। सदर तहसील प्रशासन ने जांच रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजी। जिसे देखने के बाद जिलाधिकारी शंभु कुमार ने अब अस्पताल की जमीन पर बनी दुकानों से संबंधित प्रकरण शासन को भेज दिया है। वहां से जो भी आदेश मिलेगा, जिला प्रशासन उस पर अमल करेगा। प्रस्तावित मेडिकल कालेज का नक्शा स्वीकृत करने के लिए नगर पालिका को भेजा गया है। अवकाश के बावजूद शनिवार को नक्शे को लेकर पालिका कार्यालय में माथापच्ची होती रही।
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व्यापारियों ने किया था आंदोलन
जिला व महिला अस्पताल की जमीन पर बनीं दुकानों के ध्वस्तीकरण की आशंका को देखते हुए व्यापारियों ने दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन किया था। तीन दिनों तक व्यापारी प्रदर्शन करते रहे। जनप्रतिनिधियों के साथ ही अफसरों को भी ज्ञापन सौंप इंसाफ मांगा।
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जिला अस्पताल पहुंचे लोक निर्माण विभाग के अफसर
जिला व महिला अस्पताल की जमीन पर प्रस्तावित मेडिकल कालेज के निर्माण में पुराने भवनों को जमींदोज कराया जाएगा। इसके बाद मेडिकल कालेज के लिए प्रस्तावित भवन का निर्माण हो सकेगा। लोक निर्माण विभाग की एक टीम शनिवार को जिला अस्पताल पहुंची। जो जिला अस्पताल के भवनों का निरीक्षण करती रही। उन भवनों को भी देखा। जिन्हें जमींदोज किया जाना है। प्रस्तावित नक्शा देखने के बाद टीम के एई व जेई मंथन करते नजर आएं। लोक निर्माण विभाग ने ध्वस्त होने वाले भवनों को देखा।
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नाले पर बनी दुकान गिराने में हांफ रहा प्रशासन
जिला महिला अस्पताल व एसबीआई के सामने नाले पर कई साल पहले एक दुकान का निर्माण कराया गया था। प्रस्तावित मेडिकल कालेज के निर्माण को देखते हुए गत दिनों ट्रांसफार्मर हटवाया गया। ट्रांसफार्मर की आड़ में संचालित दुकान को भी नगर पालिका व जिला प्रशासन ने हटवा दिया लेकिन स्पष्ट तौर पर नाले पर बनी दुकान हटाने में जिला व नगर पालिका प्रशासन को पसीना आ रहा है। जिला प्रशासन नाले पर बनी दुकान हटाने के लिए नगर पालिका को आदेशित कर रहा है तो नगर पालिका सदर तहसील प्रशासन को पत्र भेज रहा है।

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चौड़े रास्ते से ही आ सकेंगीं मशीनें
प्रस्तावित मेडिकल कालेज के निर्माण के लिए भारी भरकम मशीनें उपयोग में लाई जाएंगी। चूंकि कचहरी-चौक घंटाघर रास्ता इतना चौड़ा नहीं है कि भवन निर्माण में प्रयोग होने वाली चौड़ी मशीनें आ सकें। जिसके लिए जल्द ही डिवाइडर को भी तोड़ा जा सकता है। लोक निर्माण विभाग की टीम के साथ कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने निरीक्षण कर रास्ता व जिला व महिला अस्पताल का मुख्य गेट देखा।
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