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बहनों को पंसद नहीं आया डाकघर का स्पेशल राखी लिफाफा
Updated Sun, 26 Aug 2018 12:17 AM IST
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प्रतापगढ़। डाक विभाग राखी के त्योहार पर बहनों की राखी सुरक्षित भेजने के लिए स्पेशल राखी लिफाफा लेकर आया था। पखवारे भर पहले सभी डाकघरों में इसका स्टाक भेजा गया था। मगर, यह स्पेशल राखी लिफाफा बहनों को पंसद नहीं आया। यही कारण रहा कि इसकी खरीदारी पहले की अपेक्षा नहीं हो सकी। डाकघरों में लिफाफे डंप पड़े हैं।
जिले के प्रधान डाकघर से 44 उपडाकघर जुडे़ हुए हैं। 320 शाखा डाकघर हैं। राखी के त्योहार पर डाक विभाग द्वारा स्पेशल राखी लिफाफे की पहल की गई थी। लिफाफे राखी की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाए गए थे। प्लास्टिक कोटेड व चमकीली पन्नियों से निर्मित लिफाफों के जरिए डाक विभाग ने बहनों को लुभाकर बेहतर कमाई की उम्मीद पाल रखी थी। अफसरों को उम्मीद थी कि ये लिफाफे खूब पसंद किए जाएंगे। स्पेशल लिफाफे 10 से लेकर 20 रुपये तक के थे।
विभाग की ओर से एक बड़ा स्टाक बेल्हा में भेजा गया था। यहां से पखवारे भर पहले सभी उपडाकघरों एवं शाखा डाकघरों में लिफाफे भेजे गए। मगर राखी के पर्व पर विभाग की यह पहल काम नहीं आई। इन लिफाफों की नाम मात्र की बिक्री हुई। बहनों को डाकघर का लिफाफा पंसद नहीं आया। इससे डाकघरों में राखी का स्टाक जस का तस पड़ा रहा। डाक निरीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि लिफाफों की खरीदारी इस बार बहुत कम हुई है। काफी स्टाक डंप पड़ा है।
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खूब किया गया था प्रचार
स्पेशल लिफाफे का खूब प्रचार-प्रसार किया गया था। डाकघरों में बाहर इसके रेट बोर्ड के साथ ही इसकी विशेषता भी दर्शाई गई थी। काउंटर पर प्रचार-प्रसार भी खूब किया गया था, मगर इसके बाद भी राखी के लिफाफे की बिक्री नहीं हो पाई।
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जिले के प्रधान डाकघर से 44 उपडाकघर जुडे़ हुए हैं। 320 शाखा डाकघर हैं। राखी के त्योहार पर डाक विभाग द्वारा स्पेशल राखी लिफाफे की पहल की गई थी। लिफाफे राखी की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाए गए थे। प्लास्टिक कोटेड व चमकीली पन्नियों से निर्मित लिफाफों के जरिए डाक विभाग ने बहनों को लुभाकर बेहतर कमाई की उम्मीद पाल रखी थी। अफसरों को उम्मीद थी कि ये लिफाफे खूब पसंद किए जाएंगे। स्पेशल लिफाफे 10 से लेकर 20 रुपये तक के थे।
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विभाग की ओर से एक बड़ा स्टाक बेल्हा में भेजा गया था। यहां से पखवारे भर पहले सभी उपडाकघरों एवं शाखा डाकघरों में लिफाफे भेजे गए। मगर राखी के पर्व पर विभाग की यह पहल काम नहीं आई। इन लिफाफों की नाम मात्र की बिक्री हुई। बहनों को डाकघर का लिफाफा पंसद नहीं आया। इससे डाकघरों में राखी का स्टाक जस का तस पड़ा रहा। डाक निरीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि लिफाफों की खरीदारी इस बार बहुत कम हुई है। काफी स्टाक डंप पड़ा है।
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खूब किया गया था प्रचार
स्पेशल लिफाफे का खूब प्रचार-प्रसार किया गया था। डाकघरों में बाहर इसके रेट बोर्ड के साथ ही इसकी विशेषता भी दर्शाई गई थी। काउंटर पर प्रचार-प्रसार भी खूब किया गया था, मगर इसके बाद भी राखी के लिफाफे की बिक्री नहीं हो पाई।