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5.80 लाख राशन कार्डधारकों को बांटा जाएगा भीगा गेहूं
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jun 2018 11:58 PM IST
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क्रय केंद्रों पर बरसात के पानी से भीगने वाला गेहूं अब जिले के 5.80 लाख राशनकार्ड धारकों को बांटने की तैयारी है। जिले के सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर गेहूं भेज दिया गया है। एक जुलाई से यह गेहूं कार्डधारकों को वितरित किया जाएगा। खरीदा गया 60,000 क्विंटल गेहूं जगह नहीं होने के कारण प्राइवेट गोदामों में रखा गया है।
जिले में इस वर्ष गेहूं की रिकार्ड खरीद हुई है। अधिकारियों की सक्रियता का परिणाम रहा कि 41,685.40 मीट्रिकटन गेहूं खरीदने में सफलता मिली। ज्यादा खरीद होने के चलते भंडारण की समस्या खड़ी हो गई। खरीद के दौरान बारिश होने के चलते बाहर रखा गेहूं दो बार भीग गया। जिला प्रशासन के पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। इस गेहूं को अब गांव और शहर के राशनकार्ड धारकों को बांटने की तैयारी है। जिले के 17 विकास खंडों की 1258 दुकानों के लिए गेहूं और चावल भेज दिया है। एक जुलाई से वितरण प्रारंभ किया जाएगा।
एफसीआई से कागज पर आया राशन
जिले में सरकारी दुकानों पर मिलने वाला गेहूं और चावल एफसीआई से आता है, मगर जिले में खरीदा गया गेहूं कागज पर एफसीआई को दिया गया और एफसीआई से कागज पर ही खाद्य विभाग को लौटाकर राशन की दुकानों पर भेज दिया गया। इससे अब गरीबों को यही भीगा हुआ गेहूं मिलेगा।
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जिले में गेहूं भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, इसलिए क्रय केंद्रों से उठने वाला गेहूं सीधे कोटेदारों के पास भेज दिया गया है। हालांकि लिखा-पढ़ी में एफसीआई ने लेने के बाद वापस खाद्य विभाग को भेजा है।
ज्ञानेंद्र यादव, प्रबंधक, एफसीआई।
क्रय केंद्रों पर गेहूं अधिक नहीं भीगा था। सांगीपुर और रानीगंज के एक केंद्र पर भीगने की सूचना मिली थी। फिलहाल जो गेहूं मिला था, उसे एफसीआई के हवाले कर दिया गया है।
यूपी सिंह सिसौदिया, जिला विपणन अधिकारी।
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जिले में इस वर्ष गेहूं की रिकार्ड खरीद हुई है। अधिकारियों की सक्रियता का परिणाम रहा कि 41,685.40 मीट्रिकटन गेहूं खरीदने में सफलता मिली। ज्यादा खरीद होने के चलते भंडारण की समस्या खड़ी हो गई। खरीद के दौरान बारिश होने के चलते बाहर रखा गेहूं दो बार भीग गया। जिला प्रशासन के पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। इस गेहूं को अब गांव और शहर के राशनकार्ड धारकों को बांटने की तैयारी है। जिले के 17 विकास खंडों की 1258 दुकानों के लिए गेहूं और चावल भेज दिया है। एक जुलाई से वितरण प्रारंभ किया जाएगा।
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एफसीआई से कागज पर आया राशन
जिले में सरकारी दुकानों पर मिलने वाला गेहूं और चावल एफसीआई से आता है, मगर जिले में खरीदा गया गेहूं कागज पर एफसीआई को दिया गया और एफसीआई से कागज पर ही खाद्य विभाग को लौटाकर राशन की दुकानों पर भेज दिया गया। इससे अब गरीबों को यही भीगा हुआ गेहूं मिलेगा।
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जिले में गेहूं भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, इसलिए क्रय केंद्रों से उठने वाला गेहूं सीधे कोटेदारों के पास भेज दिया गया है। हालांकि लिखा-पढ़ी में एफसीआई ने लेने के बाद वापस खाद्य विभाग को भेजा है।
ज्ञानेंद्र यादव, प्रबंधक, एफसीआई।
क्रय केंद्रों पर गेहूं अधिक नहीं भीगा था। सांगीपुर और रानीगंज के एक केंद्र पर भीगने की सूचना मिली थी। फिलहाल जो गेहूं मिला था, उसे एफसीआई के हवाले कर दिया गया है।
यूपी सिंह सिसौदिया, जिला विपणन अधिकारी।