फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   37.56 लाख के गबन में बीडीओ समेत पांच पर केस

37.56 लाख के गबन में बीडीओ समेत पांच पर केस

Mon, 31 Dec 2018 08:07 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 31 Dec 2018 08:07 PM IST
विज्ञापन
37.56 लाख के गबन में बीडीओ समेत पांच पर केस
37.56 लाख के गबन में बीडीओ समेत पांच पर केस
विज्ञापन

गौरा में 30 लाख और शिवगढ़ में 7.56 लाख रुपये का हुआ है बंदरबाट
फतनपुर व रानीगंज थाने में कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा की तहरीर पर हुई कार्रवाई
पीएम आवास के लाभार्थियों के मनरेगा से बनने थे 349 शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो
गौरा/रानीगंज। प्रधानमंत्री आवास योजना के 349 लाभार्थियों के शौचालय निर्माण के नाम पर 37.56 लाख रुपये डकारने वाले शिवगढ़ व गौरा बीडीओ समेत पांच लोगों के खिलाफ सरकारी धनराशि गबन की रिपोर्ट दर्ज हुई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद विकास विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
जिले के गौरा व शिवगढ़ विकासखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 349 लाभार्थियों का मनरेगा से शौचालय बनवाने के नाम पर सरकारी धनराशि गबन का मामला सामने आया था। जिलाधिकारी के आदेश पर मामले की जांच कराई गई। सोमवार को गौरा विकासखंड के कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा दिनेश कुमार यादव ने फतनपुर पुलिस को तहरीर दी। जिसमें कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास योजना के 277 लाभार्थियों का शौचालय मनरेगा से बनना था। जिसके लिए 30 लाख रुपये मनरेगा के खाते से निकाल लिए गए। तत्कालीन खंड विकास अधिकारी विकास शुक्ला, लेखाधिकारी भोला पाल, कंप्यूटर आपरेटर हनुमान पटेल व कार्यदायी संस्था लक्ष्मी ट्रेडर्स सुवंसा और नीरज एंड संस धनुआ ने मिलकर सरकारी धन का बंदरबाट किया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ धोखाधड़ी व सरकारी गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया।
विज्ञापन

दूसरी ओर रानीगंज थाने में शिवगढ़ के कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा राजेश सिंह ने पुलिस को तहरीर दी। जिसमे बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के 7.56 लाख की लागत से मनरेगा के तहत 72 शौचालय बनने थे। शौचालय निर्माण की जिम्मेदारी लक्ष्मी ट्रेडर्स सुवंसा और नीरज एंड संस धनुआ को मिली थी। लाभार्थियों का निर्माण दोनों संस्थाओं ने नहीं किया। इसके बाद सरकारी धनराशि की रकम जारी कर दी गई। तहरीर पर पुलिस ने तत्कालीन शिवगढ़ बीडीओ विकास शुक्ला, लेखाकार उमेश पांडेय, कंप्यूटर आपरेटर संतोष तिवारी व दोनों कार्यदायी संस्था पर गबन का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई। इस कार्रवाई से विकास महकमे में हड़कंप मचा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed