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शहर में शामिल 33 हजार आबादी को दो साल तक टैक्स से मिलेगी राहत
Tue, 20 Jul 2021 12:07 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jul 2021 12:07 AM IST
सार
नगर पालिका सीमा विस्तार के बाद शहर में शामिल हुए नए वार्डों की 35 हजार आबादी को फिलहाल दो साल तक टैक्स से राहत रहेगी। नगर पालिका उनसे गृहकर और जलकर की वसूली नहीं करेगी।
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pratapgarh
विस्तार
नगर पालिका सीमा विस्तार के बाद शहर में शामिल हुए नए वार्डों की 35 हजार आबादी को फिलहाल दो साल तक टैक्स से राहत रहेगी। नगर पालिका उनसे गृहकर और जलकर की वसूली नहीं करेगी। दरअसल, इन इलाकों में अभी नगर पालिका की तरफ से सफाई, सड़क और पानी की व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं। वहीं नवसृजित नगर पंचायतों में बोर्ड का गठन होने के बाद ही इस पर फैसला लिया जाएगा।
नगर पालिका सीमा विस्तार की कवायद कई सालों से चल रही थी। सीमा विस्तार को दिसंबर 2019 में सरकार ने हरी झंडी दी। जिसके बाद नगर पालिका की आबादी 76 हजार से बढ़कर 1 लाख 11 हजार हो गई। पालिका में 25 से बढ़कर 31 वार्ड हो गए। करीब डेढ़ साल पहले शहर की सीमा में शामिल गांव भले ही नगर पालिका का हिस्सा बन गए, मगर वहां तक सुविधाएं पहुंचाने में कोरोना महामारी आड़े आ गई। शहर में शामिल छह वार्डों में विकास की रफ्तार पर ब्रेक लग गया।
हालांकि शहर में शामिल 35 हजार की आबादी के लिए राहत भरी बात ये है कि दो साल तक उन्हें जलकर व गृहकर नहीं देना होगा। वित्तीय वर्ष 2022-2023 में शहर में शामिल नए मकानों का नए सिरे से सर्वे होगा। नगर पालिका द्वारा शहर में शामिल इलाकों में प्रकाश, पेयजल के साथ ही संपर्क मार्ग बनाने की कवायद अंतिम दौर में है।
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इन मोहल्लों में जलनिकासी के लिए नाला निर्माण व तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि बजट मिलते ही पालिका शहरी क्षेत्र में शामिल मोहल्लों के विकास कार्य को गति देने लगेगी। दूसरी ओर नवसृजित नगर पंचायतों में राज्यवित्त व पंद्रहवें वित्त से मिलने वाली धनराशि से विकास कार्य कराए जाएंगे।
हालांकि नगर पंचायतों में शामिल लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा देने के बाद भी पंचायत प्रशासक जलकर व गृहकर नहीं वसूल सकेंगे। निकाय चुनाव के बाद बोर्ड का गठन होने के बाद ही नागरिकों से टैक्स वसूली के लिए नियम तय हो सकेंगे। इसके बाद ही वहां के लोगों से जलकर व गृहकर वसूली हो सकेगी।
नगर पालिका सीमा क्षेत्र में शामिल मोहल्लों का निर्धारण कर दिया गया है। इन मोहल्लों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं दिलाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। पेयजल व प्रकाश की व्यवस्था कराई जा रही है। अगले साल से नए मोहल्लों में बने मकानों का सर्वे कराया जाएगा। सहूलियत उपलब्ध कराने के बाद ही कर वसूली का कार्य प्रारंभ होगा। मुदित सिंह, ईओ नगर पालिका
नवसृजित नगर पंचायत में बोर्ड का गठन होने के बाद कर निर्धारण की प्रक्रिया सदस्य तय करेंगे। अभी शासन से मिलने वाले बजट से विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। सुरेश सिंह, ईओ, पृथ्वीगंज नगर पंचायत
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नगर पालिका सीमा विस्तार की कवायद कई सालों से चल रही थी। सीमा विस्तार को दिसंबर 2019 में सरकार ने हरी झंडी दी। जिसके बाद नगर पालिका की आबादी 76 हजार से बढ़कर 1 लाख 11 हजार हो गई। पालिका में 25 से बढ़कर 31 वार्ड हो गए। करीब डेढ़ साल पहले शहर की सीमा में शामिल गांव भले ही नगर पालिका का हिस्सा बन गए, मगर वहां तक सुविधाएं पहुंचाने में कोरोना महामारी आड़े आ गई। शहर में शामिल छह वार्डों में विकास की रफ्तार पर ब्रेक लग गया।
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हालांकि शहर में शामिल 35 हजार की आबादी के लिए राहत भरी बात ये है कि दो साल तक उन्हें जलकर व गृहकर नहीं देना होगा। वित्तीय वर्ष 2022-2023 में शहर में शामिल नए मकानों का नए सिरे से सर्वे होगा। नगर पालिका द्वारा शहर में शामिल इलाकों में प्रकाश, पेयजल के साथ ही संपर्क मार्ग बनाने की कवायद अंतिम दौर में है।
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इन मोहल्लों में जलनिकासी के लिए नाला निर्माण व तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि बजट मिलते ही पालिका शहरी क्षेत्र में शामिल मोहल्लों के विकास कार्य को गति देने लगेगी। दूसरी ओर नवसृजित नगर पंचायतों में राज्यवित्त व पंद्रहवें वित्त से मिलने वाली धनराशि से विकास कार्य कराए जाएंगे।
हालांकि नगर पंचायतों में शामिल लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा देने के बाद भी पंचायत प्रशासक जलकर व गृहकर नहीं वसूल सकेंगे। निकाय चुनाव के बाद बोर्ड का गठन होने के बाद ही नागरिकों से टैक्स वसूली के लिए नियम तय हो सकेंगे। इसके बाद ही वहां के लोगों से जलकर व गृहकर वसूली हो सकेगी।
नगर पालिका सीमा क्षेत्र में शामिल मोहल्लों का निर्धारण कर दिया गया है। इन मोहल्लों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं दिलाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। पेयजल व प्रकाश की व्यवस्था कराई जा रही है। अगले साल से नए मोहल्लों में बने मकानों का सर्वे कराया जाएगा। सहूलियत उपलब्ध कराने के बाद ही कर वसूली का कार्य प्रारंभ होगा। मुदित सिंह, ईओ नगर पालिका
नवसृजित नगर पंचायत में बोर्ड का गठन होने के बाद कर निर्धारण की प्रक्रिया सदस्य तय करेंगे। अभी शासन से मिलने वाले बजट से विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। सुरेश सिंह, ईओ, पृथ्वीगंज नगर पंचायत