{"_id":"5bb91c77867a5568751d035c","slug":"31538858103-pratapgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दरोगा, दीवान, सिपाहियों बताओ! कोई टेंशन तो नहीं?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दरोगा, दीवान, सिपाहियों बताओ! कोई टेंशन तो नहीं?
Updated Sun, 07 Oct 2018 02:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दरोगा, दीवान, सिपाहियों बताओ! कोई टेंशन तो नहीं?
तनाव झेल रहे पुलिसकर्मियों को मिलेगा आराम
हर माह पुलिस लाइन में होगा स्वास्थ्य परीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। छुट्टी न मिलने और लगातार काम के बोझ से परेशान पुलिसकर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। एसपी समेत जिले के पुलिस अफसर अब थानों पर चौपाल लगाने के साथ रात में घूमकर पुलिसकर्मियों से उनका हाल जानेंगे। उनसेे किसी तरह के तनाव और परिवार की परेशानी के बारे में जानकारी ली जाएगी। थानों और कोतवाली में चौपाल लगाई जाएगी। हर माह स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए शिविर के साथ ही पुलिसकर्मियों की काउंसलिंग का फरमान सुनाया गया है।
पुलिस कार्यालयों को छोड़कर प्रत्येक पुलिसकर्मियों को 12 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है। परिवार से दूर रहने के साथ ही जल्दी छुट्टी नहीं मिलती है। छुट्टी मांगने पर फजीहत और जलालत झेलनी पड़ती है। इससे दरोगा, दीवान और सिपाही तनाव में आ जाते हैं। तनाव के कारण शरीर पर बीमारियां हावी होने लगती हैं। परेशान होकर पुलिसकर्मी आत्महत्या कर लेते हैं। ऐसी घटनाओं को देखते हुए प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने पुलिस अधीक्षक को फरमान सुनाया है। इसमें तनाव और बीमारियों से जूझ रहे पुलिसकर्मियों का हर माह स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए मेडिकल शिविर और चिकित्सीय काउंसलिंग कराने के आदेश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने बताया कि जो भी आदेश मिला है। उसका पालन कराते हुए पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पुलिस लाइन अस्पताल में शिविर लगाया जाएगा। बीमारी या तनाव की पुष्टि होने के बाद ऐसे पुलिसकर्मियों के सहूलियत में कदम उठाया जाएगा। अक्सर निरीक्षण के दौरान कोतवाली व थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों से उनकी समस्या भी पूछी जाती है। सभी थानेदारों को निर्देश भी दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर पुलिसकर्मियों की समस्याओं का समाधान किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
इनसेट----
काउंसलिंग में पुलिसकर्मियों से पूछे जाएंगे ये सवाल
0 जिले में कब से तैनाती है और घर कितनी दूर है।
0 घर परिवार में कौन-कौन है, उनसे बातचीत हो रही है कि नहीं।
0 ड्यूटी कितने घंटे की है, रिपोटंग स्टेशन से दूरी कितनी है।
0 घर पर कोई जरूरी काम तो नहीं, जिसके लिए अवकाश जरूरी है।
0 वेतन और घर का बजट कितना है। स्वयं का खानपालन कैसा है।
0 किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या तो नहीं है।
0 थानेदार, सहकर्मी या फिर अधिकारी उत्पीड़न तो नहीं करते।
इनसेट------
पुलिसकर्मियों के पास रहता है असलहा
पुलिस के जवानों और अफसरों के पास हर वक्त असलहे रहते हैं। तनाव बढ़ने और नकारात्मक मानसिकता की स्थिति में असलहों से खुदकुशी कर लेते हैं।
इनसेट-----
परिवार से अधिक दिनों तक दूर रहना
छुट्टी न मिलने की वजह से कई दिनों तक पुलिसकर्मी और अधिकारी घर नहीं जा पाते। खासतौर पर त्यौहारों के मौसम में पुलिस विभाग पर काम का बोझ अधिक रहता है। ऐसे में अवकाश न मिलने पर वह छोटी-छोटी बातों पर भड़कता रहता है। कई बार सहकर्मियों से भी विवाद होने की नौबत आ जाती है।
विज्ञापन
लूट का आरोप लगाने वाले कारोबारी पर दर्ज कराया मुकदमा
प्रतापगढ़। टाइल्स की दुकान में लूट की शिकायत फर्जी निकली। इस मामले में आरोपी बताए जा रहे युवक की तहरीर पर दुकानदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सांगीपुर थाना क्षेत्र के बसुआपुरप्त निवासी विवेक तिवारी ने मीराभवन स्थित मां दुर्गा टाइल्स से लाखों रुपये की टाइल्स खरीदी थी। उसने 22 पेटी टाइल्स वापस कर दिया था। रुपये के लेनदेन को लेकर शुक्रवार को कहासुनी हो गई थी। इस मामले में दुकानदार अवधेश ने विवेक पर लूटपाट का आरोप लगाया था। हालांकि बाद में मामला असत्य मिला। पुलिस ने विवेक की तहरीर पर दुकानदार के खिलाफ रुपये न लौटाने का मुकदमा दर्ज कराया है।
विज्ञापन
तनाव झेल रहे पुलिसकर्मियों को मिलेगा आराम
हर माह पुलिस लाइन में होगा स्वास्थ्य परीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। छुट्टी न मिलने और लगातार काम के बोझ से परेशान पुलिसकर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। एसपी समेत जिले के पुलिस अफसर अब थानों पर चौपाल लगाने के साथ रात में घूमकर पुलिसकर्मियों से उनका हाल जानेंगे। उनसेे किसी तरह के तनाव और परिवार की परेशानी के बारे में जानकारी ली जाएगी। थानों और कोतवाली में चौपाल लगाई जाएगी। हर माह स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए शिविर के साथ ही पुलिसकर्मियों की काउंसलिंग का फरमान सुनाया गया है।
पुलिस कार्यालयों को छोड़कर प्रत्येक पुलिसकर्मियों को 12 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है। परिवार से दूर रहने के साथ ही जल्दी छुट्टी नहीं मिलती है। छुट्टी मांगने पर फजीहत और जलालत झेलनी पड़ती है। इससे दरोगा, दीवान और सिपाही तनाव में आ जाते हैं। तनाव के कारण शरीर पर बीमारियां हावी होने लगती हैं। परेशान होकर पुलिसकर्मी आत्महत्या कर लेते हैं। ऐसी घटनाओं को देखते हुए प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने पुलिस अधीक्षक को फरमान सुनाया है। इसमें तनाव और बीमारियों से जूझ रहे पुलिसकर्मियों का हर माह स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए मेडिकल शिविर और चिकित्सीय काउंसलिंग कराने के आदेश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने बताया कि जो भी आदेश मिला है। उसका पालन कराते हुए पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पुलिस लाइन अस्पताल में शिविर लगाया जाएगा। बीमारी या तनाव की पुष्टि होने के बाद ऐसे पुलिसकर्मियों के सहूलियत में कदम उठाया जाएगा। अक्सर निरीक्षण के दौरान कोतवाली व थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों से उनकी समस्या भी पूछी जाती है। सभी थानेदारों को निर्देश भी दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर पुलिसकर्मियों की समस्याओं का समाधान किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
विज्ञापन
इनसेट----
काउंसलिंग में पुलिसकर्मियों से पूछे जाएंगे ये सवाल
0 जिले में कब से तैनाती है और घर कितनी दूर है।
0 घर परिवार में कौन-कौन है, उनसे बातचीत हो रही है कि नहीं।
0 ड्यूटी कितने घंटे की है, रिपोटंग स्टेशन से दूरी कितनी है।
0 घर पर कोई जरूरी काम तो नहीं, जिसके लिए अवकाश जरूरी है।
0 वेतन और घर का बजट कितना है। स्वयं का खानपालन कैसा है।
0 किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या तो नहीं है।
0 थानेदार, सहकर्मी या फिर अधिकारी उत्पीड़न तो नहीं करते।
इनसेट------
पुलिसकर्मियों के पास रहता है असलहा
पुलिस के जवानों और अफसरों के पास हर वक्त असलहे रहते हैं। तनाव बढ़ने और नकारात्मक मानसिकता की स्थिति में असलहों से खुदकुशी कर लेते हैं।
इनसेट-----
परिवार से अधिक दिनों तक दूर रहना
छुट्टी न मिलने की वजह से कई दिनों तक पुलिसकर्मी और अधिकारी घर नहीं जा पाते। खासतौर पर त्यौहारों के मौसम में पुलिस विभाग पर काम का बोझ अधिक रहता है। ऐसे में अवकाश न मिलने पर वह छोटी-छोटी बातों पर भड़कता रहता है। कई बार सहकर्मियों से भी विवाद होने की नौबत आ जाती है।
विज्ञापन
लूट का आरोप लगाने वाले कारोबारी पर दर्ज कराया मुकदमा
प्रतापगढ़। टाइल्स की दुकान में लूट की शिकायत फर्जी निकली। इस मामले में आरोपी बताए जा रहे युवक की तहरीर पर दुकानदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सांगीपुर थाना क्षेत्र के बसुआपुरप्त निवासी विवेक तिवारी ने मीराभवन स्थित मां दुर्गा टाइल्स से लाखों रुपये की टाइल्स खरीदी थी। उसने 22 पेटी टाइल्स वापस कर दिया था। रुपये के लेनदेन को लेकर शुक्रवार को कहासुनी हो गई थी। इस मामले में दुकानदार अवधेश ने विवेक पर लूटपाट का आरोप लगाया था। हालांकि बाद में मामला असत्य मिला। पुलिस ने विवेक की तहरीर पर दुकानदार के खिलाफ रुपये न लौटाने का मुकदमा दर्ज कराया है।