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जिला अस्पताल में वार्ड सहित 26 स्थानों पर लगेगा सीसीटीवी कैमरा 17-42-21
Updated Fri, 17 Nov 2017 06:54 PM IST
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प्रतापगढ़। जिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सीएमएस ने करीब 26 स्थानों को चिह्नित किया है। इससे दलालों की चहलकदमी पर रोक लगेगी। बाजार की दवा लिखने वाले चिकित्सक भी कैमरे की नजर में रहेंगे।
बताया जाता है कि जिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे न होने से भर्ती मरीज असुरक्षित महसूस करते थे। दरअसल मारपीट में घायल लोगों को सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया जाता है। यहां किसी भी समय उनके विरोधी आकर हमला करके अस्पताल के पीछे के रास्ते से भाग सकते हैं। इतना ही नहीं अस्पताल में बाइक और साइकिल चोरी आदि घटनाओं की बाढ़ आ गई थी वहीं भर्ती मरीज और उनके तीमारदार का मोबाइल, पैसा व सामान लेकर कुछ उचक्के रात में फरार हो जाते हैं। चिकित्सकों के ओपीडी में बैठने और उठने का कोई समय सीमा नहीं है। कुछ चिकित्सक बाहर की ही दवा लिखते हैं। इससे मरीज परेशान होते हैं।
इन सबको देखते हुए डीएम ने अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए सीएमएस को निर्देश दिया। सीएमएस ने जिला अस्पताल गेट, पुरानी इमरजेंसी, दवा काउंटर, नए इमरजेंसी, सर्जिकल, मेडिकल वार्ड, ब्लड बैंक और एक्सरे रूम के साथ 26 स्थानों को चिह्नित किया है। सप्ताहभर के अंदर इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगने की संभावना है। इस संदर्भ में सीएमओ डॉ. राजकुमार नैय्यर का कहना है कि कैमरा लगने से चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। प्राइवेट प्रैक्टिस करने के साथ देर से ओपीडी में बैठने वाले चिकित्सक बहाना नहीं बता पाएंगे। न तो वे बाजार की दवा लिख सकेंगे। दलाल भी पकड़े जाएंगे। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव भी आएगा।
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बताया जाता है कि जिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे न होने से भर्ती मरीज असुरक्षित महसूस करते थे। दरअसल मारपीट में घायल लोगों को सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया जाता है। यहां किसी भी समय उनके विरोधी आकर हमला करके अस्पताल के पीछे के रास्ते से भाग सकते हैं। इतना ही नहीं अस्पताल में बाइक और साइकिल चोरी आदि घटनाओं की बाढ़ आ गई थी वहीं भर्ती मरीज और उनके तीमारदार का मोबाइल, पैसा व सामान लेकर कुछ उचक्के रात में फरार हो जाते हैं। चिकित्सकों के ओपीडी में बैठने और उठने का कोई समय सीमा नहीं है। कुछ चिकित्सक बाहर की ही दवा लिखते हैं। इससे मरीज परेशान होते हैं।
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इन सबको देखते हुए डीएम ने अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए सीएमएस को निर्देश दिया। सीएमएस ने जिला अस्पताल गेट, पुरानी इमरजेंसी, दवा काउंटर, नए इमरजेंसी, सर्जिकल, मेडिकल वार्ड, ब्लड बैंक और एक्सरे रूम के साथ 26 स्थानों को चिह्नित किया है। सप्ताहभर के अंदर इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगने की संभावना है। इस संदर्भ में सीएमओ डॉ. राजकुमार नैय्यर का कहना है कि कैमरा लगने से चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। प्राइवेट प्रैक्टिस करने के साथ देर से ओपीडी में बैठने वाले चिकित्सक बहाना नहीं बता पाएंगे। न तो वे बाजार की दवा लिख सकेंगे। दलाल भी पकड़े जाएंगे। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव भी आएगा।
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