फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   ड़ीएम के निर्देश के बाद भी बीस गांवों के सचिव पर नहीं हुआ मुकदमा

ड़ीएम के निर्देश के बाद भी बीस गांवों के सचिव पर नहीं हुआ मुकदमा

Mon, 04 Feb 2019 07:14 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 04 Feb 2019 07:14 PM IST
विज्ञापन
ड़ीएम के निर्देश के बाद भी बीस गांवों के सचिव पर नहीं हुआ मुकदमा
डीएम का निर्देश दरकिनार, दर्ज नहीं हुआ बीस गांवों के सचिव पर केस
विज्ञापन

आसपुर देवसरा ब्लाक के रामगंज में 150 फर्जी शौचालयों की फोटो अपलोड करने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। डीएम के निर्देश के बाद भी डीपीआरओ घपलेबाज सचिव और प्रधान के खिलाफ केस दर्ज कराने से कतरा रहे हैं। 150 शौचालयों की फर्जी फोटो अपलोड करने वाला ग्राम विकास अधिकारी अब अपने बचाव के लिए गांव में शौचालयों का निर्माण करा रहा है। इसके पहले इब्राहिमपुर गांव प्रधान और सचिव के खिलाफ भी अभी तक मुकदमा नहीं हो पाया है।
ग्राम विकास अधिकारी संजय पांडेय को आसपुर देवसरा विकास खंड में 20 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 30 जनवरी को डीएम की समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ कि रामगंज ग्राम पंचायत में 150 फर्जी शौचालयों की फोटो अपलोड कर दी गई है। डीएम ने नाराजगी प्रकट करते हुए 20 ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी निभाने वाले सचिव संजय पांडेय, प्रधान और बीसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कहा था। डीपीआरओ की लापरवाही का आलम यह रहा कि केस दर्ज कराने की बात तो दूर रही, उन्होंने गांव में शौचालयों की हकीकत भी नहीं खंगाली। हालांकि इन दिनों शौचालय के रुपये हजम करने वाले लोग अभियान चलाकर शौचालय का निर्माण करा रहे हैं।
विज्ञापन

डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने बताया कि डीएम ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया था, मगर आरोपी तेजी से शौचालयों का निर्माण करा रहे हैं। ऐसी दशा में एक सप्ताह का मौका दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गाय से अब नहीं पैदा होंगे बछड़े
आवारा पशुओं पर नकेल लगाने की पहल
कोहंड़ौर के पडऱीपाल में तैयार हुआ कांजी हाउस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। आवारा पशुओं पर नकेल लगाने की तैयारी कर रहा है। अब किसी भी गाय से बछड़े जन्म ही नहीं लेंगे, बल्कि वह बछिया को ही जन्म देंगी। जिले में गर्भाधान करने के लिए सीमेन आ गया है। पशुपालन विभाग ने इसके लिए सर्वे प्रारंभ कर दिया है।

किसानों की फसलों को बर्बाद करने वाले आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए पहल की गई है। अब गाय बछड़े को नहीं बछिया को ही जन्म देंगी। पशुपालन विभाग की इस पहल से काफी हद तक आवारा पशुओं से राहत मिलेगी। इधर, आवारा पशुओं को कांजी हाउस में रखने के लिए कोहंड़ौर स्थित पडऱीपाल कांजी हाउस तैयार हो गया है। इसमें करीब 1500 पशुओं को एक साथ रखा जाएगा। इसके अलावा सांगीपुर ब्लाक के शुकुलपुर गांव में, लक्ष्मणपुर के देवली, बाबागंज के नरियावां में कांजी हाउस का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि स्थानीय लोग जानवरों को पकड़कर कांजी हाउस में डाल सकते हैं। उन्होंने ग्राम पंचायतों से भी आवारा पशुओं को कांजी हाउस में पहुंचाने का आह्वान किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed