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पट्टी का ऐतिहासिक मेला आज से
Updated Sat, 17 Nov 2018 11:48 PM IST
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पट्टी(ब्यूरो)। नगर मुख्यालय पर लगने वाले तीन दिवसीय दशहरे मेले की शुरुआत रविवार से होगी। मेले के पहले दिन शाम को भगवान राम की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें हाथी, घोड़े, डीजे व बैंड के साथ आध्यात्मिक चौकियों शामिल होंगी।
नवंबर माह के अंतिम रविवार को प्रतिवर्ष नगर मुख्यालय पर लगने वाले तीन दिवसीय दशहरे मेले की शुरुआत इस बार 18 नवंबर से हो रही है। तीन दिन चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले की शुरुआत वर्ष 1910 में पट्टी में तैनात दरोगा सेवाराम द्वारा की गई थी। जिसका संचालन बाद में रामलीला समिति ने ले लिया था। तब से यह मेला नगर मुख्यालय पर तीन दिन का होता है। कहने को यह मेला तीन दिन का होता है, लेकिन यह लगभग पखवारे भर चलता है। मेले में अंतर्जनपदीय व्यापारी अपनी दुकानों को लेकर पहले से आकर डट जाते हैं। मेले में किसानों के उपयोग की वस्तुओं के साथ घरेलू उपयोग के सामान, सौंदर्य प्रसाधन व गर्म कपड़ों की दुकानें के साथ लकड़ी के व्यापारी भी जुटते हैं। मेले के तीसरे दिन भरत मिलाप का आयोजन किया जाता है। मेले की सुरक्षा व शांति व्यवस्था को लेकर एसडीएम पट्टी विनोद कुमार सिंह ने कंट्रोल रूम बनाया है, जिसका प्रभारी तहसीलदार को बनाया है।
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नवंबर माह के अंतिम रविवार को प्रतिवर्ष नगर मुख्यालय पर लगने वाले तीन दिवसीय दशहरे मेले की शुरुआत इस बार 18 नवंबर से हो रही है। तीन दिन चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले की शुरुआत वर्ष 1910 में पट्टी में तैनात दरोगा सेवाराम द्वारा की गई थी। जिसका संचालन बाद में रामलीला समिति ने ले लिया था। तब से यह मेला नगर मुख्यालय पर तीन दिन का होता है। कहने को यह मेला तीन दिन का होता है, लेकिन यह लगभग पखवारे भर चलता है। मेले में अंतर्जनपदीय व्यापारी अपनी दुकानों को लेकर पहले से आकर डट जाते हैं। मेले में किसानों के उपयोग की वस्तुओं के साथ घरेलू उपयोग के सामान, सौंदर्य प्रसाधन व गर्म कपड़ों की दुकानें के साथ लकड़ी के व्यापारी भी जुटते हैं। मेले के तीसरे दिन भरत मिलाप का आयोजन किया जाता है। मेले की सुरक्षा व शांति व्यवस्था को लेकर एसडीएम पट्टी विनोद कुमार सिंह ने कंट्रोल रूम बनाया है, जिसका प्रभारी तहसीलदार को बनाया है।
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