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बेल्हा में 55 प्रतिशत कर्मचारी 50 साल के ऊपर 18-39-44
Updated Tue, 11 Jul 2017 07:59 PM IST
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प्रतापगढ़। जिले के विभिन्न विभागों में तैनात लगभग 55 प्रतिशत कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी उम्र 50 साल से अधिक है। इनमें कुछ अस्वस्थ और काम न करने की स्थिति में भी हैं।
बताया जाता है कि जिले के विभिन्न विभागों में करीब 21,453 कर्मचारी तैनात हैं। इनमें लगभग 11,799 कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने 50 की उम्र पार कर ली है। इन कर्मचारियों के लिए योगी सरकार की ओर से जारी वह आदेश परेशानी का सबब बना हुआ है, जिसमें अनफिट होने और कार्य क्षमता न होने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए जारी कहा गया है। प्रमुख सचिव राजीव कुमार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मार्च 2017 तक जिन कर्मचारियों की उम्र 50 साल हो गई है, जिला स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी बनाकर उनके कार्यों की क्षमता की जांच होगी। अगर जांच टीम को लगेगा कि कोई कर्मचारी कार्य करने में सक्षम नहीं है, तो उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी। हालांकि तीन माह पहले कर्मचारी को नोटिस देना आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग ने अपने कर्मचारियों का एक्सरे करके बीपी, शुगर, चेस्ट का परीक्षण किया। विभाग के सभी कर्मचारियों को फिट घोषित करके शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कोई कर्मचारी अनफिट नहीं मिला है।
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सरकार का आदेश कर्मचारियों के खिलाफ होने के कारण अधिकांश विभागों में अभी तक इसकी पहल ही नहीं हुई है। आलम यह रहा कि कई विभाग के अफसरों को जानकारी ही नहीं है कि उनके विभाग में ऐसा कोई आदेश है। जबकि शासन ने 31 जुलाई तक का ही समय दिया है।
पचास साल के कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए जिला स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी का गठन होना है। कमेटी में वरिष्ठ कोषाधिकारी को सचिव बनाया जाना है। मगर जिले में अभी तक कमेटी का गठन ही नहीं किया गया है। मंगलवार को वरिष्ठ कोषाधिकारी दीपक बाबू ने बताया कि अभी उनके पास ऐसा कोई आदेश नहीं है, बल्कि विभागाध्यक्षों को भेजा गया है। उन्हीं से जानकारी मिल सकती है।
50 साल की उम्र पूरी करने वाले वे कर्मचारी जो कार्य करने में अक्षम हैं, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश पुराना है। मगर शासन अब इस पर जोर दे रहा है। फिलहाल जल्द ही क्षमता की जांच करके अक्षम कर्मचारियों की पहचान की जाएगी।-आरके वर्मा, जिला विकास अधिकारी।
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बताया जाता है कि जिले के विभिन्न विभागों में करीब 21,453 कर्मचारी तैनात हैं। इनमें लगभग 11,799 कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने 50 की उम्र पार कर ली है। इन कर्मचारियों के लिए योगी सरकार की ओर से जारी वह आदेश परेशानी का सबब बना हुआ है, जिसमें अनफिट होने और कार्य क्षमता न होने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए जारी कहा गया है। प्रमुख सचिव राजीव कुमार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मार्च 2017 तक जिन कर्मचारियों की उम्र 50 साल हो गई है, जिला स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी बनाकर उनके कार्यों की क्षमता की जांच होगी। अगर जांच टीम को लगेगा कि कोई कर्मचारी कार्य करने में सक्षम नहीं है, तो उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी। हालांकि तीन माह पहले कर्मचारी को नोटिस देना आवश्यक है।
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स्वास्थ्य विभाग ने अपने कर्मचारियों का एक्सरे करके बीपी, शुगर, चेस्ट का परीक्षण किया। विभाग के सभी कर्मचारियों को फिट घोषित करके शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कोई कर्मचारी अनफिट नहीं मिला है।
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सरकार का आदेश कर्मचारियों के खिलाफ होने के कारण अधिकांश विभागों में अभी तक इसकी पहल ही नहीं हुई है। आलम यह रहा कि कई विभाग के अफसरों को जानकारी ही नहीं है कि उनके विभाग में ऐसा कोई आदेश है। जबकि शासन ने 31 जुलाई तक का ही समय दिया है।
पचास साल के कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए जिला स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी का गठन होना है। कमेटी में वरिष्ठ कोषाधिकारी को सचिव बनाया जाना है। मगर जिले में अभी तक कमेटी का गठन ही नहीं किया गया है। मंगलवार को वरिष्ठ कोषाधिकारी दीपक बाबू ने बताया कि अभी उनके पास ऐसा कोई आदेश नहीं है, बल्कि विभागाध्यक्षों को भेजा गया है। उन्हीं से जानकारी मिल सकती है।
50 साल की उम्र पूरी करने वाले वे कर्मचारी जो कार्य करने में अक्षम हैं, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश पुराना है। मगर शासन अब इस पर जोर दे रहा है। फिलहाल जल्द ही क्षमता की जांच करके अक्षम कर्मचारियों की पहचान की जाएगी।-आरके वर्मा, जिला विकास अधिकारी।