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जाति प्रमाणपत्र निरस्त, फिर भी बरकरार है प्रधानी

Thu, 31 Jan 2019 11:48 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jan 2019 11:48 PM IST
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जाति प्रमाणपत्र निरस्त, फिर भी बरकरार है प्रधानी
जाति प्रमाणपत्र निरस्त, फिर भी बरकरार है प्रधानी
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पैरवी करने वाले को जान से मारने की मिल रही धमकी
प्रतापगढ़। कुरैशी जाति का प्रमाणपत्र निरस्त होने के बाद भी प्रधानी बरकरार है। प्रधानी जाने के भय से खाते में डंप रुपये को निकालने का खेल चल रहा है। वहीं जाति प्रमाणपत्र खारिज खराने वाले मो. रईस को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
सदर विकास खंड के कुसुमी गांव की प्रधान नसरीन बानो ने राजस्व विभाग के अफसरों के आंखों में धूल झोंककर कुरैशी जाति (पिछड़ी जाति) का प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधानी हासिल कर लिया था। गांव के ही मो. रफीक और मो. रईस की शिकायत पर जिला प्रशासन ने गंभीरता से जांच की खुलासा हुआ कि नसरीन बानो पठन (सामान्य जाति) की है। डीएम ने 24 जनवरी को कुरैशी जाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया। इससे पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित सीट पर सामान्य वर्ग की महिला का चयन होने पर प्रधानी छिनना तय है। मगर अधिकारियों की मिलीभगत के चलते अभी तक न तो खाता संचालन पर रोक लगी है, और न ही कोई कार्रवाई हुई है। इधर शिकायत करने वालों को लगातार जान से मारने की धमकियां मिलने पर एसपी को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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सरायदेवराय में खोजे जा रहे हैं 78 शौचालय
डीएम के निर्देश पर जांच करने पहुंचे डीपीआरओ
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। मानधाता विकास खंड की सरायदेवराय ग्राम पंचायत के 78 शौचालयों की खोजबीन के लिए टीम गठित की गई है। गुरुवार को 171 शौचालयों में महज 93 शौचालय ही बने मिले हैं।
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जिले मानधाता विकास खंड के सरायदेवराय ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण में व्यापक खेल होने की शिकायत डीएम को मिलते ही डीपीआरओ को गांव भेजकर जांच करने को कहा। गुरुवार को गांव पहुंचकर डीपीआरओ ने शौचालय को गिनना शुरु किया, तो महज 93 शौचालय ही बने मिले। ग्राम पंचायत में 171 शौचालयों का निर्माण कराने के लिए 17.10 लाख रुपये मुहैया कराया गया था। मगर गुरुवार की जांच में 78 शौचालयों के नहीं मिलने पर डीपीआरओ ने नाराजगी प्रकट करते हुए प्रधान और सचिव को जमकर फटकार लगाई। इधर प्रधान का दावा है कि लक्ष्य सापेक्ष शौचालयों का निर्माण कराया गया है। डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने बताया कि गांव में एक टीम भेजकर शौचालयों का सत्यापन कराया जा रहा है। शौचालयों का निर्माण पूर्ण नहीं होने पर प्रधान और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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