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नहीं लगाना होगा चक्कर, उपकेंद्र पर ही बनेगी बकाएदारों की किश्त
Updated Thu, 13 Dec 2018 01:00 AM IST
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विद्युत विभाग ने बकाएदारों को बिजली बिल जमा करने मेें किश्त की सुविधा प्रदान की है। किश्त की सुविधा का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को अब तक मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था। बकाए बिल की किश्त एसडीओ व एक्सईएन बनाते थे। अब ऐसा नहीं होगा। अब बकाएदारों की किश्त उपकेंद्र पर ही बनेगी। जेई ही बकाए की किश्त को बनाकर अग्रसारित करेंगे।
जिले में बड़े बकाएदारों की लंबी फौज है। बिल वसूलने के लिए विभाग की ओर से बकाएदारों को किश्त में बिल जमा करने की सुविधा प्रदान की गई है। जिससे कि वह बिल की बड़ी धनराशि आसानी से जमा कर सकें। बकाए बिल की किश्त की प्रक्रिया अब तक एसडीओ व एक्सईएन करते थे। उपभोक्ताओं को इसके लिए विद्युत वितरण पारेषण खंड जाना पड़ता था। वहां एसडीओ एवं एक्सईएन से मिलकर बड़े बकाएदार अपनी किश्त तैयार कराते थे। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण उपभोक्ताओं को होती थी। विद्युत पारेषण खंड में एक्सईएन व एसडीओ की उपस्थिति न होने पर उपभोक्ताओं को काफी परेशानी होती थी। उन्हेें निराश होकर लौटना पड़ता था।
मगर अब उपभोक्ताओं को परेशान नहीं होना पड़ेगा। बकाए बिल की किश्त निर्धारित करने के लिए पारेषण वितरण खंड का चक्कर नहीं लगाना होगा। किश्त निर्धारित कराने की प्रक्रिया अब विद्युत उपकेंद्र पर ही पूरी हो जाएगी। इसकी जिम्मेदारी अब जेई के हाथों में दी गई है। वह कनेक्शन पंजीयन के जरिए अब बिल का पता लगाएंगे और फिर उसकी किश्त निर्धारित करेंगे। इससे सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीण उपभोक्ताओं को होगा। एक्सईएन कुंडा उमाकांत ने बताया कि उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए यह जिम्मेदारी अब उपकेंद्र पर तैनात जेई को मिली है। इससे काफी सहूलियत होगी।
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जिले में बड़े बकाएदारों की लंबी फौज है। बिल वसूलने के लिए विभाग की ओर से बकाएदारों को किश्त में बिल जमा करने की सुविधा प्रदान की गई है। जिससे कि वह बिल की बड़ी धनराशि आसानी से जमा कर सकें। बकाए बिल की किश्त की प्रक्रिया अब तक एसडीओ व एक्सईएन करते थे। उपभोक्ताओं को इसके लिए विद्युत वितरण पारेषण खंड जाना पड़ता था। वहां एसडीओ एवं एक्सईएन से मिलकर बड़े बकाएदार अपनी किश्त तैयार कराते थे। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण उपभोक्ताओं को होती थी। विद्युत पारेषण खंड में एक्सईएन व एसडीओ की उपस्थिति न होने पर उपभोक्ताओं को काफी परेशानी होती थी। उन्हेें निराश होकर लौटना पड़ता था।
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मगर अब उपभोक्ताओं को परेशान नहीं होना पड़ेगा। बकाए बिल की किश्त निर्धारित करने के लिए पारेषण वितरण खंड का चक्कर नहीं लगाना होगा। किश्त निर्धारित कराने की प्रक्रिया अब विद्युत उपकेंद्र पर ही पूरी हो जाएगी। इसकी जिम्मेदारी अब जेई के हाथों में दी गई है। वह कनेक्शन पंजीयन के जरिए अब बिल का पता लगाएंगे और फिर उसकी किश्त निर्धारित करेंगे। इससे सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीण उपभोक्ताओं को होगा। एक्सईएन कुंडा उमाकांत ने बताया कि उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए यह जिम्मेदारी अब उपकेंद्र पर तैनात जेई को मिली है। इससे काफी सहूलियत होगी।
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