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रोकी जाएगी अब प्रधानों की मनमानी
Updated Sat, 11 Nov 2017 06:02 PM IST
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प्रतापगढ़। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने वाली आशा बहुओं का कद बढ़ने जा रहा है। योगी सरकार ने फैसला किया है कि प्रधान के साथ मिलकर गांव में सफाई अभियान चलाने के साथ ही दवा का छिड़काव अपनी निगरानी में कराएंगी। ग्राम पंचायतों में गठित स्वच्छता समिति के सह खातेदार अब आशा बहुएं होंगी।
ग्राम पंचायतों में ग्राम स्वच्छता समिति का संयुक्त खाता ग्राम प्रधान और एएनएम का खुलवाया गया था। प्रति वर्ष शासन की ओर से गांवों में सफाई और स्वच्छता के साथ ही दवा का छिड़काव करने के लिए दो किस्त में बीस हजार रुपये शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिलता था। लेकिन एएनएम और ग्राम प्रधान खाते से धनराशि को निकाल कर उसे डकर जाते थे। मगर अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। शासन के निर्देश पर अब ग्राम प्रधान और आशा बहुएं मिलकर ग्राम स्वच्छता समिति के खाते का संचालन करेंगी। प्रति वर्ष स्वास्थ्य विभाग की ओर से आने वाली धनराशि अब प्रधान सीधे नहीं खर्च कर पाएंगे। बल्कि धनराशि को खर्च करने की पहले कार्ययोजना बनाई जाएगी। उसके बाद खर्च किया जाएगा। विभाग के इस फैसले से गांवों में होने वाले गंदगी से जहां निजात मिलेगी वहीं मच्छरों के खात्मे में आसानी होगी। नए साल पर शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग एएनएम और प्रधान के संयुक्त खाता को बंद करवा कर आशा और प्रधान के ज्वाइंट खाता खुलवाने के लिए कमर कस लिया है।
वहीं डीपीएम राजशेखर का कहना है कि शासन की ओर से आदेश आया है कि ग्राम स्वच्छता समिति के संयुक्त खाता से एएनएम को हटाकर आशा बहुओं को जोड़ दिया जाए। मगर यह कार्य जनवरी में शुरू करने का निर्देश दिया गया है। जनवरी तक आशाओं के साथ प्रधानों का संयुक्त खाता खुलवा कर धनराशि से दवा का छिड़काव करवाने को निर्देश दिया जाएगा। वहीं सीएमओ राजकुमार नैय्यर का कहना है कि शासन की ओर से गोपनीय जांच कराई गई थी। जांच में यह बात सामने आई थी कि ग्राम स्वच्छता समिति के मद को प्रधान डकार जाते हैं। गैर जनपद से आई एएनएम डर से विरोध भी नहीं कर पाती हैं। इसलिए शासन ने अब एएनएम को हटाकर प्रधानों के साथ आशाओं का संयुक्त खाता खुलवाने को आदेश दिया है। जनवरी के अंत तक यह काम पूरा हो जाएगा।
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ग्राम पंचायतों में ग्राम स्वच्छता समिति का संयुक्त खाता ग्राम प्रधान और एएनएम का खुलवाया गया था। प्रति वर्ष शासन की ओर से गांवों में सफाई और स्वच्छता के साथ ही दवा का छिड़काव करने के लिए दो किस्त में बीस हजार रुपये शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिलता था। लेकिन एएनएम और ग्राम प्रधान खाते से धनराशि को निकाल कर उसे डकर जाते थे। मगर अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। शासन के निर्देश पर अब ग्राम प्रधान और आशा बहुएं मिलकर ग्राम स्वच्छता समिति के खाते का संचालन करेंगी। प्रति वर्ष स्वास्थ्य विभाग की ओर से आने वाली धनराशि अब प्रधान सीधे नहीं खर्च कर पाएंगे। बल्कि धनराशि को खर्च करने की पहले कार्ययोजना बनाई जाएगी। उसके बाद खर्च किया जाएगा। विभाग के इस फैसले से गांवों में होने वाले गंदगी से जहां निजात मिलेगी वहीं मच्छरों के खात्मे में आसानी होगी। नए साल पर शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग एएनएम और प्रधान के संयुक्त खाता को बंद करवा कर आशा और प्रधान के ज्वाइंट खाता खुलवाने के लिए कमर कस लिया है।
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वहीं डीपीएम राजशेखर का कहना है कि शासन की ओर से आदेश आया है कि ग्राम स्वच्छता समिति के संयुक्त खाता से एएनएम को हटाकर आशा बहुओं को जोड़ दिया जाए। मगर यह कार्य जनवरी में शुरू करने का निर्देश दिया गया है। जनवरी तक आशाओं के साथ प्रधानों का संयुक्त खाता खुलवा कर धनराशि से दवा का छिड़काव करवाने को निर्देश दिया जाएगा। वहीं सीएमओ राजकुमार नैय्यर का कहना है कि शासन की ओर से गोपनीय जांच कराई गई थी। जांच में यह बात सामने आई थी कि ग्राम स्वच्छता समिति के मद को प्रधान डकार जाते हैं। गैर जनपद से आई एएनएम डर से विरोध भी नहीं कर पाती हैं। इसलिए शासन ने अब एएनएम को हटाकर प्रधानों के साथ आशाओं का संयुक्त खाता खुलवाने को आदेश दिया है। जनवरी के अंत तक यह काम पूरा हो जाएगा।
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