फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   1 thousand people were sent to jail after the demolition of disputed tomb

विवादित ढांचा विध्वंस के बाद एक हजार से भी अधिक लोग गए जेल

Sun, 10 Nov 2019 12:27 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 10 Nov 2019 12:27 AM IST
विज्ञापन
1 thousand people were sent to jail after the demolition of disputed tomb
विवादित ढांचा विध्वंस के बाद एक हजार से भी अधिक लोग गए जेल
विज्ञापन

विहिप और संघ से जुड़े लोगों को पुलिस ने किया था गिरफ्तार, भेजा गया था नैनी जेल
प्रतापगढ़। अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस के बाद जिले के एक हजार से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस ने संघ और विहिप से जुड़े लोगों को गिरफ्तार कर नैनी जेल भेज दिया था। कुछ लोगों को पॉलीटेक्निक में बनी अस्थायी जेल में रखा गया था। करीब पखवारे भर बाद लोगों को छोड़ा गया था।

संघ से जुड़े रहे मुरलीधर केसरवानी बताते हैं कि छह दिसंबर 1992 से पहले प्रतापगढ़ से बड़ी संख्या में लोग कारसेवा के लिए अयोध्या गए थे। अयोध्या में भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को बसों से लौटा दिया गया। इस बीच उन्मादी भीड़ ने वहां विवादित ढांचा गिरा दिया। इसके बाद पुलिस ने उनके साथ अधिवक्ता अर्जुन सिंह, स्व. रामअवतार खंडेलवाल, स्व. हीरालाल दूबे समेत करीब 154 लोगों को पकड़ लिया। सभी को पहले पालीटेक्निक में बनी अस्थायी जेल में रखा गया। बाद में सभी को नैनी जेल भेज दिया गया। 13 दिन नैनी जेल में रखने के बाद सभी को छोड़ा गया। संघ से ही जुड़े बुजुर्ग अधिवक्ता राममूर्ति तिवारी रामजन्म भूमि चबूतरा निर्माण में शामिल हुए थे। छह दिसंबर को यहां से वह लोग जा रहे थे। तभी विवादित ढांचा गिराए जाने का शोर मच गया। इस दौरान पुलिस ने उनके साथ तमाम अन्य लोगों को पकड़कर पालीटेक्रिक में बनी अस्थायी जेल भेज दिया। जिले से अलग-अलग जगहों से एक हजार से भी अधिक लोग गिरफ्तार हुए थे। पुलिस विहिप के साथ ही संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं को ढूंढ रही थी। उन्हें खोज-खोजकर पकड़ा जा रहा था। उन्हें अलग-अलग जेलों में रखा गया था। करीब पखवारे भर बाद सभी को छोड़ा गया। कारसेवा में भी यहां से हजारों लोग गए थे। बाद में सभी को रोका गया। सूचना आई कि अब वहां से किसी को न भेजिए। यहां तक कि कारसेवकों के लिए राशन भेजने की भी मनाही कर दी गई। कहा गया कि अयोध्या में भीड़ अधिक होने के कारण खाना बनाने के लिए भी जगह नहीं है। ऐसे में उन्हें पकाकर भोजन दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed